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Rohtak News: मेडिकल मोड़ पर हड़ताल कर्मी आज भीख मांगकर जताएंगे रोष
Thu, 05 Jun 2025 02:25 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Thu, 05 Jun 2025 02:25 AM IST
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04सीटीके39...अपनी मांगों को लेकर विजय पार्क में हड़ताल पर बैठ नारेबाजी करते पीजीआईएमएस के अनुबं
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संवाद न्यूज एजेंसी
रोहतक। अनुबंध कर्मचारी हेल्थ केयर संगठन व अनुबंध कर्मचारी पीड़ित एसोसिएशन पीजीआई के बैनर तले पीजीआई के आउटसोर्स कर्मचारियों की हड़ताल के तीसरे दिन बुधवार कर्मचारियों ने डायरेक्टर कार्यालय में प्रशासन और ठेकेदारी प्रथा के शोषण के खिलाफ नारेबाजी की। वीरवार को कर्मचारी मेडिकल मोड़ पर भीख मागेंगे।
कर्मचारी नेताओं ने बताया कि पीजीआई प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी सिक्योरिटी सर्विस के ठेकेदार की हाथों की कठपुतली बनकर काम कर रहे हैं। पीजीआई के एक वरिष्ठ अधिकारी जो पूर्व में भ्रष्टाचार के आरोप में दोषी पाए गए और पीजीआई संस्थान से टर्मिनेट किए जाने के बाद आउटसोर्स पॉलिसी के तहत असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर लगा लिया गया।
आरोपी वरिष्ठ अधिकारी की पत्नी जो कभी पीजीआई में आई ही नहीं और हर माह वेतन लेकर डकार रही है। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि ऐसे कई अधिकारी और ठेकेदार के रिश्तेदार पीजीआई में नौकरी के नाम पर पैसे खा रहे हैं, जो कभी-कभी नौकरी पर आते हैं।
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असामाजिक तत्व के खिलाफ नहीं की कार्रवाई
कर्मचारियों ने बताया कि हड़ताल के पहले दिन जब ठेकेदार के असामाजिक तत्वों ने जिनका हमारी हड़ताल से लेना देना ही नहीं, विजय पार्क में आकर हमारी हड़ताल को भंग करने का प्रयास किया। इसकी शिकायत पुलिस को दी। पुलिस उन असामाजिक तत्वों को थाने में लेकर गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
बैरर आशा ने भी लगाया मारपीट का आरोप
बैरर आशा और कर्मचारी राजा ने हड़ताल कर रहे कर्मचारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। बुधवार को मीडिया से बात करते हुए दोनों ने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने उन्हें जबरदस्ती हड़ताल में शामिल करने का दबाव बनाया और न मानने पर उनके साथ मारपीट की।
आशा ने कहा, हम पर हमला किया गया, हाथ में चोटें आईं और हमारे कपड़े तक फाड़ दिए गए। इसके चलते हमें सामान्य अस्पताल में तीन दिन तक भर्ती रहना पड़ा। आशा ने आरोप लगाया कि हड़ताल में शामिल न होने पर यह दुर्व्यवहार किया गया।
तीसरे दिन भी तीमारदार घर से लाएं चादर
हड़ताल के तीसरे दिन भी मरीज के बिस्तर पर पीजीआई की चादरें नजर नहीं आईं। तीमारदार अपने घर से चादर लेकर आए और मरीज के बिस्तर पर बिछाईं।
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रोहतक। अनुबंध कर्मचारी हेल्थ केयर संगठन व अनुबंध कर्मचारी पीड़ित एसोसिएशन पीजीआई के बैनर तले पीजीआई के आउटसोर्स कर्मचारियों की हड़ताल के तीसरे दिन बुधवार कर्मचारियों ने डायरेक्टर कार्यालय में प्रशासन और ठेकेदारी प्रथा के शोषण के खिलाफ नारेबाजी की। वीरवार को कर्मचारी मेडिकल मोड़ पर भीख मागेंगे।
कर्मचारी नेताओं ने बताया कि पीजीआई प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी सिक्योरिटी सर्विस के ठेकेदार की हाथों की कठपुतली बनकर काम कर रहे हैं। पीजीआई के एक वरिष्ठ अधिकारी जो पूर्व में भ्रष्टाचार के आरोप में दोषी पाए गए और पीजीआई संस्थान से टर्मिनेट किए जाने के बाद आउटसोर्स पॉलिसी के तहत असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर लगा लिया गया।
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आरोपी वरिष्ठ अधिकारी की पत्नी जो कभी पीजीआई में आई ही नहीं और हर माह वेतन लेकर डकार रही है। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि ऐसे कई अधिकारी और ठेकेदार के रिश्तेदार पीजीआई में नौकरी के नाम पर पैसे खा रहे हैं, जो कभी-कभी नौकरी पर आते हैं।
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असामाजिक तत्व के खिलाफ नहीं की कार्रवाई
कर्मचारियों ने बताया कि हड़ताल के पहले दिन जब ठेकेदार के असामाजिक तत्वों ने जिनका हमारी हड़ताल से लेना देना ही नहीं, विजय पार्क में आकर हमारी हड़ताल को भंग करने का प्रयास किया। इसकी शिकायत पुलिस को दी। पुलिस उन असामाजिक तत्वों को थाने में लेकर गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
बैरर आशा ने भी लगाया मारपीट का आरोप
बैरर आशा और कर्मचारी राजा ने हड़ताल कर रहे कर्मचारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। बुधवार को मीडिया से बात करते हुए दोनों ने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने उन्हें जबरदस्ती हड़ताल में शामिल करने का दबाव बनाया और न मानने पर उनके साथ मारपीट की।
आशा ने कहा, हम पर हमला किया गया, हाथ में चोटें आईं और हमारे कपड़े तक फाड़ दिए गए। इसके चलते हमें सामान्य अस्पताल में तीन दिन तक भर्ती रहना पड़ा। आशा ने आरोप लगाया कि हड़ताल में शामिल न होने पर यह दुर्व्यवहार किया गया।
तीसरे दिन भी तीमारदार घर से लाएं चादर
हड़ताल के तीसरे दिन भी मरीज के बिस्तर पर पीजीआई की चादरें नजर नहीं आईं। तीमारदार अपने घर से चादर लेकर आए और मरीज के बिस्तर पर बिछाईं।

04सीटीके39...अपनी मांगों को लेकर विजय पार्क में हड़ताल पर बैठ नारेबाजी करते पीजीआईएमएस के अनुबं