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Rohtak News: महिला आयोग बेटियों की सुरक्षा के प्रति संवेदनशील
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नागरिक अस्पताल में मंगलवार को मरीजों से बातचीत करती राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष सोनिया अग्रव
रोहतक। महिला आयोग बेटियों और महिलाओं की सुरक्षा के प्रति संवेदनशील है। केंद्र और प्रदेश सरकार भी उनकी सुरक्षा के लिए पूरी तरह सजग है। यह कहना है राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष सोनिया अग्रवाल का। वे मंगलवार को वन स्टॉप सेंटर व नागरिक अस्पताल का निरीक्षण करने के बाद मीडिया कर्मियों से बातचीत कर रही थी।
उन्होंने वन स्टॉप सेंटर में संबंधित अधिकारियों से उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली व नागरिक अस्पताल में सिविल सर्जन डॉ. रमेश चंद्र, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. पुष्पेंद्र कुमार व अन्य संबंधित चिकित्सकों से स्वास्थ्य सेवाओं व दवाओं की उपलब्धता की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने प्रयोगशाला में की जा रही जांच के बारे में भी जाना। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से पीड़ित महिलाओं के लिए वन स्टॉप सेंटर संचालित किया जा रहा है। यहां सभी आवश्यक सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं। वन स्टॉप सेंटर में पहुंची साढ़े 17 वर्ष की लड़की की काउंसलिंग कराई गई। वन स्टॉप सेंटर निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने पर लड़की को उसके माता-पिता के पास भेजेगा।
आयोग की उपाध्यक्ष ने नागरिक अस्पताल का निरीक्षण करते समय प्रतीक्षा कर रहे मरीजों से संवाद किया व एक बुजुर्ग महिला और बच्चे को स्वयं आंखों के डॉक्टर के पास लेकर गईं। उन्होंने कहा कि प्रतीक्षा समय कम किया जाए, ताकि मरीजों को ज्यादा देर तक अपनी बारी का इंतजार न करना पड़े। सरकार लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करा रही है।
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उन्होंने कहा कि मरीजों को शीघ्र इलाज उपलब्ध कराया जाए। ब्लड सेंटर में खून की उपलब्धता व काउंसिलिंग की सुविधा की भी जानकारी ली। इस मौके पर महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी दीपिका सैनी, डॉ. दिनेश गर्ग, वन स्टॉप सेंटर की प्रशासक करमिंदर कौर, अजय, विकास आदि उपस्थित रहे।
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उन्होंने वन स्टॉप सेंटर में संबंधित अधिकारियों से उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली व नागरिक अस्पताल में सिविल सर्जन डॉ. रमेश चंद्र, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. पुष्पेंद्र कुमार व अन्य संबंधित चिकित्सकों से स्वास्थ्य सेवाओं व दवाओं की उपलब्धता की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने प्रयोगशाला में की जा रही जांच के बारे में भी जाना। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से पीड़ित महिलाओं के लिए वन स्टॉप सेंटर संचालित किया जा रहा है। यहां सभी आवश्यक सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं। वन स्टॉप सेंटर में पहुंची साढ़े 17 वर्ष की लड़की की काउंसलिंग कराई गई। वन स्टॉप सेंटर निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने पर लड़की को उसके माता-पिता के पास भेजेगा।
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आयोग की उपाध्यक्ष ने नागरिक अस्पताल का निरीक्षण करते समय प्रतीक्षा कर रहे मरीजों से संवाद किया व एक बुजुर्ग महिला और बच्चे को स्वयं आंखों के डॉक्टर के पास लेकर गईं। उन्होंने कहा कि प्रतीक्षा समय कम किया जाए, ताकि मरीजों को ज्यादा देर तक अपनी बारी का इंतजार न करना पड़े। सरकार लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करा रही है।
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उन्होंने कहा कि मरीजों को शीघ्र इलाज उपलब्ध कराया जाए। ब्लड सेंटर में खून की उपलब्धता व काउंसिलिंग की सुविधा की भी जानकारी ली। इस मौके पर महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी दीपिका सैनी, डॉ. दिनेश गर्ग, वन स्टॉप सेंटर की प्रशासक करमिंदर कौर, अजय, विकास आदि उपस्थित रहे।