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Rohtak News: सम्मान भत्ते के लिए दफ्तरों की दौड़ लगा रहीं महिलाएं
Sun, 22 Mar 2026 02:32 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Sun, 22 Mar 2026 02:32 AM IST
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14-महेश्वरी देवी।
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहतक। बैंकों के विलय के चलते इंडियन फाइनेंशियल सिस्टम कोड (आईएफएससी) बदलने व प्रमाण पत्रों में समान नाम न होने से पेंशनधारकों का सम्मान भत्ता रुक गया है जिसे ठीक कराने के लिए पेंशनधारक सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं।
सरकारी कार्यालय के चक्कर लगा रहीं सेक्टर-4 निवासी माहेश्वरी देवी ने बताया कि 19 साल से विधवा पेंशन मिल रही थी। कभी कोई समस्या नहीं आई। अब दो माह से पेंशन बंद हो गई है।
बैंक में पूछने गए तो उन्होंने समाज कल्याण विभाग में जाकर पूछताछ करने को कहा। अब लघु सचिवालय में पूछताछ करने आई हूं। उनके साथ आए उनके बेटे जितेंद्र ने बताया कि परिवार को मिल रही पेंशन अचानक बंद होने से आर्थिक समस्याएं बढ़ गई हैं।
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सुनीता व रामप्यारी ने बताया कि उनके सहित अनेक पेंशनधारक परेशान हो रहे हैं। किसी को 10 तो किसी को 20 साल से लगातार पेंशन मिल रही थी लेकिन अब बंद होने से दिक्कतें बढ़ गई हैं।
समाज कल्याण विभाग में पता किया तो बताया गया कि प्रमाण पत्र ठीक नहीं, उन्हें ठीक कराया जाए। पेंशन न आने से समस्या हो रही। विभाग के अनुसार, जिले में 1.30 लाख से अधिक पेंशन धारक हैं।
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समाज कल्याण विभाग में पेंशन चेक कराने पर पता चला कि आधार कार्ड में नाम गलत हो गया है। किसी और का आधार कार्ड उनकी पेंशन के साथ अटैच कर दिया गया है जिस कारण दो माह से उनकी पेंशन बंद है। पेंशन के लिए चक्कर काट रहे हैं समाधान नहीं हुआ है।
- माहेश्वरी देवी सेक्टर-4 निवासी।
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चार महीने से उनकी विधवा पेंशन नहीं आ रही है। 2009 में पति के देहांत के बाद उनकी विधवा पेंशन बन गई थी। तभी से पेंशन ले रही थी। समाज कल्याण विभाग में पता किया तो बताया बैंक कॉपी में दो बार नाम लिखा है। एक महीना इंतजार करने के लिए कहा है।
- सुनीता, एकता कॉलोनी निवासी
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तीन महीने से विधवा पेंशन नहीं आई है जबकि 20 साल से पेंशन लगातार मिल रही थी। अब पता किया तो जवाब मिला कि कागजों में नाम गलत होने से पेंशन रुक गई है। 20 साल बाद नाम गलत कैसे हो सकता है। पेंशन धारक परेशान हैं। दोबारा से पेंशन शुरू कब होगी ।
- रामप्यारी कृष्णा कॉलोनी निवासी
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कुछ वर्षों में कई बड़े सरकारी बैंकों का विलय हुआ है। इससे पेंशन धारकों के बैंकों का इंडियन फाइनेंशियल सिस्टम कोड (आईएफएससी ) भी बदल गया। इस कारण उनकी पेंशन रुक गई। कार्यालय में आने वाले पेंशनधारकों की इस समस्या का हल कराया जा रहा है।
- महावीर प्रसाद गोदारा, जिला समाज कल्याण अधिकारी, रोहतक
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रोहतक। बैंकों के विलय के चलते इंडियन फाइनेंशियल सिस्टम कोड (आईएफएससी) बदलने व प्रमाण पत्रों में समान नाम न होने से पेंशनधारकों का सम्मान भत्ता रुक गया है जिसे ठीक कराने के लिए पेंशनधारक सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं।
सरकारी कार्यालय के चक्कर लगा रहीं सेक्टर-4 निवासी माहेश्वरी देवी ने बताया कि 19 साल से विधवा पेंशन मिल रही थी। कभी कोई समस्या नहीं आई। अब दो माह से पेंशन बंद हो गई है।
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बैंक में पूछने गए तो उन्होंने समाज कल्याण विभाग में जाकर पूछताछ करने को कहा। अब लघु सचिवालय में पूछताछ करने आई हूं। उनके साथ आए उनके बेटे जितेंद्र ने बताया कि परिवार को मिल रही पेंशन अचानक बंद होने से आर्थिक समस्याएं बढ़ गई हैं।
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सुनीता व रामप्यारी ने बताया कि उनके सहित अनेक पेंशनधारक परेशान हो रहे हैं। किसी को 10 तो किसी को 20 साल से लगातार पेंशन मिल रही थी लेकिन अब बंद होने से दिक्कतें बढ़ गई हैं।
समाज कल्याण विभाग में पता किया तो बताया गया कि प्रमाण पत्र ठीक नहीं, उन्हें ठीक कराया जाए। पेंशन न आने से समस्या हो रही। विभाग के अनुसार, जिले में 1.30 लाख से अधिक पेंशन धारक हैं।
समाज कल्याण विभाग में पेंशन चेक कराने पर पता चला कि आधार कार्ड में नाम गलत हो गया है। किसी और का आधार कार्ड उनकी पेंशन के साथ अटैच कर दिया गया है जिस कारण दो माह से उनकी पेंशन बंद है। पेंशन के लिए चक्कर काट रहे हैं समाधान नहीं हुआ है।
- माहेश्वरी देवी सेक्टर-4 निवासी।
चार महीने से उनकी विधवा पेंशन नहीं आ रही है। 2009 में पति के देहांत के बाद उनकी विधवा पेंशन बन गई थी। तभी से पेंशन ले रही थी। समाज कल्याण विभाग में पता किया तो बताया बैंक कॉपी में दो बार नाम लिखा है। एक महीना इंतजार करने के लिए कहा है।
- सुनीता, एकता कॉलोनी निवासी
तीन महीने से विधवा पेंशन नहीं आई है जबकि 20 साल से पेंशन लगातार मिल रही थी। अब पता किया तो जवाब मिला कि कागजों में नाम गलत होने से पेंशन रुक गई है। 20 साल बाद नाम गलत कैसे हो सकता है। पेंशन धारक परेशान हैं। दोबारा से पेंशन शुरू कब होगी ।
- रामप्यारी कृष्णा कॉलोनी निवासी
कुछ वर्षों में कई बड़े सरकारी बैंकों का विलय हुआ है। इससे पेंशन धारकों के बैंकों का इंडियन फाइनेंशियल सिस्टम कोड (आईएफएससी ) भी बदल गया। इस कारण उनकी पेंशन रुक गई। कार्यालय में आने वाले पेंशनधारकों की इस समस्या का हल कराया जा रहा है।
- महावीर प्रसाद गोदारा, जिला समाज कल्याण अधिकारी, रोहतक

14-महेश्वरी देवी।

14-महेश्वरी देवी।