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डब्ल्यूएचओ के कोरोना से हुई मौतों के गलत आंकड़ों से देश की छवि हुई धूमिल ः डॉ. अरविंद शर्मा

Sun, 08 May 2022 01:48 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sun, 08 May 2022 01:48 AM IST
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WHO's wrong figures of corona deaths tarnished the image of the country: Dr. Arvind Sharma
गुजरात के केवडिया में आयोजित त्रिदिवसीय स्वास्थ्य चिंतन शिविर में भाग लेते रोहतक के सांसद डॉ अर? - फोटो : RohtakCity
डब्ल्यूएचओ ने कोरोना काल में भारत में हुई मौतों के गलत आंकड़े पेश किए हैं। कोरोना से निपटने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की विश्व ने सराहना की है। गुजरात के केवडिया में आयोजित त्रिदिवसीय स्वास्थ्य चिंतन शिविर में आए 18 राज्यों के स्वास्थ्य मंत्री, स्वास्थ्य सचिवों व स्वास्थ्य अधिकारियों ने डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट खारिज करते हुए इसकी कड़े शब्दों में निंदा की। यह जानकारी सांसद डॉ. अरविंद शर्मा ने दी।
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सांसद ने बताया कि स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण विषयों जैसे बुनियादी ढांचे की आवश्यकता, सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाओं में वृद्धि, एनएचएम के तहत लचीलापन आदि पर चर्चा हुई। कांफ्रेंस में राज्यपाल, मुख्यमंत्री, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया के साथ केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री डॉ. भारती प्रवीण पंवार, उत्तर प्रदेश, बिहार, गुजरात, दिल्ली, पंजाब, झारखंड, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र समेत उत्तर पूर्व भारत के 18 से ज्यादा राज्यों के स्वास्थ्य मंत्री, स्वास्थ्य सचिवों व स्वास्थ्य अधिकारियों ने शिरकत की।
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सांसद ने जानकारी दी कि डब्ल्यूएचओ के अनुसार कोविड महामारी के पहले दो वर्षों में एक जनवरी 2020 और 31 दिसंबर के बीच दुनियाभर में 14.9 मिलियन (14,910,195 सटीक) मौतें हुईं। डब्ल्यूएचओ ने भारत में मौतों की संख्या 4,740,894 गलत तरीके से पेश करके देश की छवि धूमिल करने का प्रयास किया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री की देखरेख में कोविड महामारी के दौरान हुई मौतों का पूरा सटीक डाटा दिया है, जो तथ्यों पर आधारित है। कोरोना के दौरान भारत के कोरोना योद्धाओं ने जैसे डॉक्टर्स, नर्स, पैरा मेडिकल स्टाफ, सफाई कर्मचारी, पुलिस ने सबसे ज्यादा कुर्बानियां दी हैं। इन कोरोना योद्धाओं की कुर्बानियों को भुलाया नहीं जा सकता है। प्रधानमंत्री ने देश में गरीबों के इलाज के लिए आयुष्मान योजना लागू की। इसमें करीब 18 करोड़ गरीब व्यक्ति पंजीकृत हैं। 32 करोड़ का लक्ष्य निर्धारित किया है।
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बाढ़सा एम्स में मेडिकल कॉलेज शुरू करने सहित कई मांग रखी
सांसद डॉ. अरविंद शर्मा ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया के समक्ष बाढ़सा एम्स झज्जर में डेंटल, नर्सिंग व पैरा मेडिकल कोर्सेज को जल्द शुरू करने व अन्य स्वास्थ्य संबंधित सेवाओं को चालू करने की मांग दोहराई। सांसद ने आशा वर्कर्स की मानदेय में बढ़ोत्तरी की जोरदार मांग रखी। सांसद ने डॉक्टरों के साथ-साथ नर्सों व अन्य स्वास्थ्य कर्मियों की सुरक्षा के लिए कानूनों को और सख्त बनाकर लागू करने की मांग की। जिस पर केंद्रीय मंत्री ने गहनता से विचार करने का आश्वासन दिया।
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