Haryana: बारिश के कारण तीन दिन से गेहूं आवक, खरीद और उठान बाधित, मंडियों में भीगा अनाज
बारिश के कारण तीन दिन से गेहूं आवक, खरीद और उठान बाधित है। तीन दिन में प्रदेश की मंडियों में 50 हजार मीट्रिक टन गेहूं की आवक हुई। अब तक 60.67 लाख एमटी गेहूं की आवक हुई है। जबकि 59.74 लाख एमटी की खरीद हुई है।
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हरियाणा में पिछले तीन से चल रही बारिश के चलते गेहूं की आवक, खरीद और उठान बाधित हो गया है। पिछले तीन दिनों में प्रदेश की मंडियों में मात्र 50 हजार मीट्रिक टन गेहूं की आवक हुई है। वहीं, अब तक कुल 60.67 लाख एमटी टन की आवक हो चुकी है और इनमें से 59.74 लाख एमटी गेहूं की खरीद हो चुकी है।
तीन दिनों में मात्र 74 हजार एमटी गेहूं की खरीद हुई है, जबकि इससे पहले औसतन 2 लाख एमटी तक की खरीद की जा रही थी। कुछ इसी प्रकार के हालात उठान के हैं। अभी भी मंडियों में 18 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उठान नहीं हो पाया है।
पिछले तीन से हुई बारिश से मंडियों में पड़ा लाखों मीट्रिक टन गेहूं और सरसों भीग गई। इससे किसानों की परेशानी भी बढ़ गई, नमी अधिक होने के चलते अब आगे कुछ दिन तक फसल को सुखाना होगा, इसके बाद ही उसकी खरीद होगी।
प्रदेश भर की मंडियों में गेहूं का 80 प्रतिशत उठान हो चुका है। 92 प्रतिशत किसानों को गेहूं खरीद के करीब नौ हजार करोड़ रुपए सीधे उनके खातों में भेजा जा चुका है। तेज बरसात से गेहूं को नुकसान से बचाने के लिए सभी मंडियों में पर्याप्त व्यवस्था की गई। -दुष्यंत चौटाला, डिप्टी सीएम, हरियाणा।
रोहतक में बारिश में 35 हजार क्विंटल गेहूं भीगा
पश्चिमी विक्षोभ व अरब सागर से आई नमी वाली हवाओं के प्रभाव से इलाके में बुधवार शाम शहर में करीब 15 एमएम बारिश हुई। तेज हवाओं व गरज-चमक के साथ हुई बारिश ने अनाज मंडी में रखे गेहूं को फिर भिगो दिया। शेड के बाहर उठान की इंतजार में रखे 70 हजार से अधिक बैग यानी करीब 35000 हजार क्विंटल गेहूं के डेढ़ घंटे की बारिश में भीग गया ।
गेहूं की फसल पर इस बार शुरू से मौसम की मार झेल रही है। फसल की बिजाई से कटाई तक बारिश का अभाव बना रहा। फिर पकी फसल पर बारिश व ओलों की मार हुई। अब फसल बिक्री के लिए मंडी में पहुंची तो यहां बारिश आफत बनकर बरस रही है। बुधवार को बारिश में गेहूं से भरे बैग पूरी तरह भीग गए। उठान के अभाव में खुले आसमान तले रखा गेहूं इससे पहले भी बारिश में भीग चुका है। ऐसे में गेहूं की गुणवत्ता प्रभावित होने से इंकार नहीं किया जा सकता है।
अनाज मंडी इन दिनों गेहूं से अटी पड़ी है। मंडी में करीब ढ़ाई लाख बैग यानी करीब सवा लाख क्विंटल गेहूं रखा है। इनका उठान धीमी गति हो रहा है। इस कारण बार-बार हो रही बारिश में गेहूं भीग रहा है। किसानों व आढ़तियों की मानें तो गेहूं ढकने के लिए पर्याप्त मात्रा में तिरपाल तक नहीं है। यही नहीं, गेहूं को बारिश से बचाने के लिए मजदूरों को बार-बार बैग इधर-उधर करने पड़ रहे हैं। इससे श्रमिकों की मेहनत भी बढ़ गई है।
अनाज मंडी में फसल को भीगने से बचाने के लिए प्रशासन की तरफ से कोई खास इंतजाम नहीं किए गए है। डीसी के आदेश के बाद भी उठान धीमी गति से चल रहा है। जिसके गेहूं के बैग शेडों से बाहर पड़े हुए हैं। पहले आई बारिश में भी गेहूं भीग चुका है। बुधवार को भी ऐसा ही हुआ। गेहूं खराब होने पर कौन जिम्मेवार होगा। -डिंपल कुमार, पूर्व प्रधान, आढ़ती एसोसिएशन
गेहूं की ढेरियां अब मंडी में कहीं नहीं हैं। जितना गेहूं रखा हुआ है, वह बैग में पैक है। गेहूं के उठान की जिम्मेदारी एजेसियों की हैं। एजेंसियां अपना काम कर रही हैं। -देवेंद्र ढुल, सचिव, अनाज मंडी।
यहां भी भीगा गेहूं
- जींद की अनाज मंडी में 16,600 मीट्रिक टन गेहूं बारिश में भीगा।
- झज्जर की अनाज मंडियों में एक हजार एमटी गेहूं, करीब एक हजार क्विंटल सरसों बारिश में भीग गई।
- रेवाड़ी की अनाज मंडियों में सरसों खुले में है, लेकिन तिरपाल से ढकी हुई है, इसलिए नुकसान से इन्कार कर रहे हैं।