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Rohtak News: वेतन कटौती के विरोध में मॉडल स्कूल के 80 शिक्षकों ने दिया धरना
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19 रोहतक के आंबेडकर चौक स्थित मॉडल स्कूल में फर्श पर बैठकर धरना देते कर्मचारी। स्रोत : शिक्षक
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रोहतक। आंबेडकर चौक स्थित मॉडल स्कूल में शुक्रवार को करीब 80 अध्यापकों ने स्कूल के प्रशासनिक ब्लॉक में धरना दिया। साथ ही हनुमान चालीसा और गायत्री मंत्र का पाठ किया। इसके अलावा मामले को मुख्यमंत्री नायब सैनी के संज्ञान में लाने की भी चेतावनी दी है।
शिक्षकों का आरोप है कि स्कूल प्रशासन ने घाटे का हवाला देकर सभी शिक्षक और गैर-शिक्षक कर्मचारियों के वेतन में कटौती कर दी है। स्टाफ की कमेटी ने घाटा कम करने के उपाय सुझाए थे, लेकिन प्रबंधन समिति ने कोई ध्यान नहीं दिया। शिक्षकों की मांग है कि गवर्निंग बॉडी की बैठक बुलाकर वेतन कटौती का फैसला वापस लिया जाए, लेकिन तीन महीने बीत जाने के बाद भी प्रबंधन ने बैठक नहीं बुलाई। धरना दे रहे स्टाफ ने आरोप लगाया कि प्रधानाचार्या डॉ. अरुणा तनेजा ने बीते दिनों अध्यापिकाओं को टाट से उठा दिया और चपरासियों को धमकाया कि स्कूल की संपत्ति का इस्तेमाल न करें।
नाम न छापने की शर्त पर एक शिक्षक ने बताया कि स्कूल का घाटा सेवानिवृत्ति से ही पूरा हो रहा है। हाल ही में दो अध्यापिकाओं और एक प्रधानाचार्या के सेवानिवृत्त होने से हर महीने 3.5 लाख रुपये से अधिक की बचत हो रही है। अगले छह महीने में और शिक्षकों के सेवानिवृत्त होने से घाटा पूरा हो जाएगा, यदि नई भर्तियां न की जाएं, क्योंकि स्टाफ पहले से ही अधिशेष (सरप्लस) है। शिक्षकों ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को एक नवंबर को रोहतक की प्रस्तावित यात्रा के दौरान इस मामले से अवगत कराने की बात कही।
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शिक्षकों का आरोप है कि स्कूल प्रशासन ने घाटे का हवाला देकर सभी शिक्षक और गैर-शिक्षक कर्मचारियों के वेतन में कटौती कर दी है। स्टाफ की कमेटी ने घाटा कम करने के उपाय सुझाए थे, लेकिन प्रबंधन समिति ने कोई ध्यान नहीं दिया। शिक्षकों की मांग है कि गवर्निंग बॉडी की बैठक बुलाकर वेतन कटौती का फैसला वापस लिया जाए, लेकिन तीन महीने बीत जाने के बाद भी प्रबंधन ने बैठक नहीं बुलाई। धरना दे रहे स्टाफ ने आरोप लगाया कि प्रधानाचार्या डॉ. अरुणा तनेजा ने बीते दिनों अध्यापिकाओं को टाट से उठा दिया और चपरासियों को धमकाया कि स्कूल की संपत्ति का इस्तेमाल न करें।
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नाम न छापने की शर्त पर एक शिक्षक ने बताया कि स्कूल का घाटा सेवानिवृत्ति से ही पूरा हो रहा है। हाल ही में दो अध्यापिकाओं और एक प्रधानाचार्या के सेवानिवृत्त होने से हर महीने 3.5 लाख रुपये से अधिक की बचत हो रही है। अगले छह महीने में और शिक्षकों के सेवानिवृत्त होने से घाटा पूरा हो जाएगा, यदि नई भर्तियां न की जाएं, क्योंकि स्टाफ पहले से ही अधिशेष (सरप्लस) है। शिक्षकों ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को एक नवंबर को रोहतक की प्रस्तावित यात्रा के दौरान इस मामले से अवगत कराने की बात कही।
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