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वार्ड फुल, गैलरी में स्ट्रेचर पर उपचार का इंतजार

Tue, 01 Jun 2021 01:21 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 01 Jun 2021 01:21 AM IST
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Ward full, waiting for treatment on the stretcher in the gallery
कोरोना की तरह ब्लैक फंगस ने भी मरीजों और डॉक्टरों के लिए मुसीबत खड़ी कर दी है। पीजीआईएमएस जैसे बड़े संस्थान में ईएनटी व नेत्र विभाग के वार्ड फुल हैं। मरीजों को गैलरी में बेड मिलने का इंतजार करना पड़ रहा है। इससे भी बड़ा दर्द है कि मरीज अपने अंतिम विकल्प पीजीआईएमएस में अव्यवस्थाओं की किससे शिकायत करें। क्योंकि हर जगह से निराश होने के बाद वह पीजीआईएमएस पहुंचते हैं।
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पीजीआईएमएस का ईएनटी वार्ड अंदर-बाहर से फुल, गेट पर तैनात सुरक्षा गार्ड की हर आने-जाने वाले पर नजर। वार्ड में मरीज व उनके तीमारदार इंजेक्शन मिलने की इंतजार में हैं कि आ जाए तो जान बचे। वहीं मेडिकल गाइडलाइन के अनुसार ब्लैक फंगस के मरीज को रोजाना पांच से छह इंजेक्शन व ब्रेन तक ब्लैक फंगस जा चुके मरीज को 10 इंजेक्शन प्रतिदिन चाहिए। इसके बावजूद यहां कुछ ही मरीजों को एक या दो इंजेक्शन ही प्रतिदिन मिल रहा है, कई को तो इंजेक्शन मिलने की अभी शुरुआत भी नहीं हुई है। संस्थान के डॉक्टर दिन-रात मरीजों का ऑपरेशन कर ब्लैक फंगस को अधिक नुकसान करने से रोकने का प्रयास कर रहे हैं और इंजेक्शन सप्लाई व्यवस्था सामान्य होने का इंतजार कर रहे हैं। यहां सभी डॉक्टर जारी गाइडलाइन का हवाला देते हुए उपचार व्यवस्था पर बात करने से स्पष्ट इनकार कर रहे हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि ब्लैक फंगस के मरीजों में सबसे जरूरी इंजेक्शन के अभाव में कैसे उपचार होगा।
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समाजसेवी संस्था का व्यक्ति बना भगवान
सोमवार को ईएनटी वार्ड की गैलरी में समाजसेवी संस्था का एक व्यक्ति मरीज के लिए भगवान बनकर उसकी सेवा में जुटा था। डॉक्टर के बताए अनुसार मरीज के कानों से वह कीड़े निकालने की कोशिश कर रहा था। वहीं अन्य मरीज व उनके तीमारदार यह सब देखने को मजबूर थे।
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करनाल से आए मरीज का उपचार शुरू
करनाल से आई महिला मरीज के परिजनों ने बताया कि वह कलपना चावला मेडिकल कॉलेज से रेफर होकर आए हैं। डॉक्टरों ने आश्वासन दिया है कि वह उनके लिए कुछ व्यवस्था करेंगे। वह करनाल से रोहतक आ चुके हैं, अब कहीं जाने को रास्ता बचा नहीं है। हालांकि तीमारदार ने बताया कि शाम को डॉक्टरों ने मरीज को दाखिल कर उपचार देना शुरू कर दिया है।
पीजीआईएमएस में ब्लैक फंगस के 116 मरीज
पीजीआईएमएस में ब्लैक फंगस के 116 मरीज उपचाराधीन हैं। इसके अलावा 33 मरीज ऐसे हैं, जिनको ब्लैक फंगस के अलावा अन्य समस्याएं भी हैं। इसमें 42 मरीज अकेले रोहतक जिले के हैं।

पीजीआईएमएस के जनसंपर्क अधिकारी डॉ. गजेंद्र सिंह ने बताया कि ब्लैक फंगस के अभी तक कुल 95 मरीजों के ऑपरेशन किए जा चुके हैं। सोमवार को भी 10 ऑपरेशन किए गए हैं। सरकार की ओर से मरीजों के लिए इंजेक्शन आ रहे हैं और इन्हें मरीजों को उपलब्ध कराया जा रहा है। ईएनटी व नेत्र वार्ड फुल होने के बाद ईएनटी को एक वार्ड और दे दिया गया है। यहां मरीजों को कोई समस्या नहीं आएगी। यदि कोई मरीज गैलरी में होगा तो उसका कोई अन्य कारण होगा। मरीज की सारी जांच के बाद ही वार्ड में लिया जाता है, बेड की कोई कमी नहीं है। वहीं सिविल सर्जन डॉ. अनिल बिरला ने बताया कि उनके रिकॉर्ड में जिले में ब्लैक फंगस के 42 मरीज हैं, जोकि पीजीआईएमएस व निजी अस्पताल में भर्ती हैं। इसके साथ ही अब तक दो मरीजों की ब्लैक फंगस से मौत हुई है।
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