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तैराकी में 12 गोल्ड समेत 13 पदक जीत वीर बना बेस्ट तैराक
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तैराक वीर खटकड़। अमर उजाला
रोहतक। एचएयू हिसार में रहते समय चार साल की उम्र में शौकिया शुरू की तैराकी बाद में वीर का जुनून बना जाएगी, कोई नहीं जानता था। बचपन से किशोर अवस्था आते-आते जूनियर नेशनल स्तर पर रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक जीतने वाला यह युवा अब कॉलेज स्तर पर छाया हुआ है। शुक्रवार को इसने तैराकी मुकाबले में एक दो नहीं 13 पदक जीते। इनमें से 12 स्वर्ण हैं। इन पदकों के साथ इस खिलाड़ी को बेस्ट तैराक का भी खिताब मिला है। अमर उजाला से बातचीत में वीर खटकड़ ने अपने शौक के जुनून बनने के साथ भविष्य का लक्ष्य भी साझा किया।
जाट कॉलेज के बीएससी स्पोर्ट्स प्रथम वर्ष के छात्र वीर खटकड़ ने बताया कि वह मूलरूप से मोखरा का रहने वाला है। उसके पिता कुलेंद्र खटकड़ एलएलआरयू में वेटनरी सर्जन हैं। माता मीना सुहाग कृषि विज्ञान केंद्र रोहतक में सहायक वैज्ञानिक हैं। उसने बताया कि एचएयू परिसर में पिता के साथ रहते समय उसे तैराकी सीखने का मौका मिला। उस समय उसकी उम्र चार साल थी। बचपन में शौकिया तौर पर सीखी तैराकी किशोरावस्था आने तक जुनून बनने लगी। स्कूली खेल स्पर्धाओं में राष्ट्रीय स्तर तक हिस्सा लेकर पदक प्राप्त किए। अब कॉलेज में बीएससी स्पोर्ट्स की पढ़ाई शुरू हुई है। इसके चलते विश्वविद्यालय के खेलों में शामिल होने का अवसर मिला है। यहां विभिन्न स्पर्धाओं में 13 पदकों के साथ बेस्ट तैराक का भी सम्मान मिला। यह गौरवपूर्ण है। इस सम्मान ने अखिल भारतीय विश्वविद्यालय (एआईयू) खेलों में स्वर्ण पदक जीतने के लिए प्रोत्साहित किया है।
ओलंपिक के लिए बंगलूरू में प्रशिक्षण
वीर ने बताया कि शौक के तौर पर सीखी तैराकी में अब कॅरिअर संवारना है। इस क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करते हुए देश के लिए ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीतना है। इससे पूर्व एआईयू खेलों में विवि को पदक दिलाना है। ओलंपिक के लिए बंगलूरू में रह कर तैयारी कर रहा हूं। यहां ठंड के मौसम में स्वीमिंग पूल बंद हो जाते हैं। इस मौसम में तैराकी असंभव है। इसलिए वहां कोच की देखरेख में अभ्यास कर रहा हूं। यहां स्पर्धा के लिए आया हूं। बंगलूरू के मुकाबले यहां पानी ठंडा है। यह बीमार कर सकता है। ऐसी स्थिति में खुद का ज्यादा ध्यान रखना जरूरी है।
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जूनियर नेशनल में बनाया रिकॉर्ड
वीर ने बताया कि वर्ष 2018 में पूना में हुई जूनियर नेशनल तैराकी की 100 मीटर फ्री स्टाइल स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता। यहां 50.69 सेकेंड का रिकॉर्ड मेरे नाम दर्ज है। इसके अलावा खेलो इंडिया में वर्ष 2019 में 50 व 100 मीटर फ्री स्टाइल में दो गोल्ड, 2019 में थाइलैंड में हुई एज ग्रुप चैंपियनशिप में 50 व 100 मीटर तैराकी में दो गोल्ड, 2019 में स्कूली नेशनल में 50 व 100 मीटर में गोल्ड व 200 मीटर में सिल्वर मेडल जीता।
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जाट कॉलेज के बीएससी स्पोर्ट्स प्रथम वर्ष के छात्र वीर खटकड़ ने बताया कि वह मूलरूप से मोखरा का रहने वाला है। उसके पिता कुलेंद्र खटकड़ एलएलआरयू में वेटनरी सर्जन हैं। माता मीना सुहाग कृषि विज्ञान केंद्र रोहतक में सहायक वैज्ञानिक हैं। उसने बताया कि एचएयू परिसर में पिता के साथ रहते समय उसे तैराकी सीखने का मौका मिला। उस समय उसकी उम्र चार साल थी। बचपन में शौकिया तौर पर सीखी तैराकी किशोरावस्था आने तक जुनून बनने लगी। स्कूली खेल स्पर्धाओं में राष्ट्रीय स्तर तक हिस्सा लेकर पदक प्राप्त किए। अब कॉलेज में बीएससी स्पोर्ट्स की पढ़ाई शुरू हुई है। इसके चलते विश्वविद्यालय के खेलों में शामिल होने का अवसर मिला है। यहां विभिन्न स्पर्धाओं में 13 पदकों के साथ बेस्ट तैराक का भी सम्मान मिला। यह गौरवपूर्ण है। इस सम्मान ने अखिल भारतीय विश्वविद्यालय (एआईयू) खेलों में स्वर्ण पदक जीतने के लिए प्रोत्साहित किया है।
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ओलंपिक के लिए बंगलूरू में प्रशिक्षण
वीर ने बताया कि शौक के तौर पर सीखी तैराकी में अब कॅरिअर संवारना है। इस क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करते हुए देश के लिए ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीतना है। इससे पूर्व एआईयू खेलों में विवि को पदक दिलाना है। ओलंपिक के लिए बंगलूरू में रह कर तैयारी कर रहा हूं। यहां ठंड के मौसम में स्वीमिंग पूल बंद हो जाते हैं। इस मौसम में तैराकी असंभव है। इसलिए वहां कोच की देखरेख में अभ्यास कर रहा हूं। यहां स्पर्धा के लिए आया हूं। बंगलूरू के मुकाबले यहां पानी ठंडा है। यह बीमार कर सकता है। ऐसी स्थिति में खुद का ज्यादा ध्यान रखना जरूरी है।
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जूनियर नेशनल में बनाया रिकॉर्ड
वीर ने बताया कि वर्ष 2018 में पूना में हुई जूनियर नेशनल तैराकी की 100 मीटर फ्री स्टाइल स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता। यहां 50.69 सेकेंड का रिकॉर्ड मेरे नाम दर्ज है। इसके अलावा खेलो इंडिया में वर्ष 2019 में 50 व 100 मीटर फ्री स्टाइल में दो गोल्ड, 2019 में थाइलैंड में हुई एज ग्रुप चैंपियनशिप में 50 व 100 मीटर तैराकी में दो गोल्ड, 2019 में स्कूली नेशनल में 50 व 100 मीटर में गोल्ड व 200 मीटर में सिल्वर मेडल जीता।