रोहतक: कोरोना संक्रमण धीमा पड़ने और परीक्षाएं होने से सुस्त पड़ा टीकाकरण, रोजाना 80 से 100 बच्चों को ही लग पा रहा टीका
12 से 14 वर्ष के बच्चों के लिए टीकाकरण अभियान शुरू किया गया है। हर रोज औसतन 80 से 100 बच्चों को ही टीका लग पा रहा है।
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हरियाणा के रोहतक में कोविड-19 से बचाव के लिए बुजुर्गों से 15 वर्ष तक के किशोर-किशोरियों के बाद अब 12 से 14 वर्ष के बच्चों को सुरक्षा कवच देने के लिए स्वास्थ्य विभाग व सरकार ने टीकाकरण अभियान शुरू किया है। इसके तहत बच्चों को कोरबी वैक्स वैक्सीन लगाई जानी है। टीकाकरण का यह विजय रथ फिलहाल रफ्तार नहीं पकड़ पा रहा है। इसकी वजह कोविड संक्रमण की धीमी पड़ी रफ्तार व स्कूलों में विद्यार्थियों की परीक्षा बताई जा रही है।
नतीजतन हर रोज मुश्किल से औसतन 80 से 100 बच्चों को ही टीका लग पा रहा है। विभाग अब तक जिले में 9500 बच्चों को वैक्सीन लगा चुका है। मार्च वित्त वर्ष के साथ शैक्षणिक सत्र का भी अंतिम माह है। स्कूलों में परीक्षाएं शुरू हो गई हैं। बोर्ड परीक्षाएं भी सिर पर हैं। ऐसे में विद्यार्थी अपनी परीक्षाओं की तैयारी में व्यस्त हैं। ज्यादातर विद्यार्थियों ने स्कूल छोड़ दिया है। वे घर रह कर परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं।
जबकि सरकार के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग इसी महीने 12 से 14 वर्ष तक के बच्चों को वैक्सीन लगाने निकला है। जिले में पीजीआई, सिविल अस्पताल, पॉलीक्लीनिक सेक्टर तीन व अन्य स्वास्थ्य केंद्रों पर बच्चों को वैक्सीन लगाई जा रही है। इसके अलावा सरकारी स्कूलों में भी शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। शिविर के जरिये बच्चों को वैक्सीन की सुरक्षा प्रदान करने का प्रयास किया जा रहा है।
परीक्षा के कारण यह अभियान फिलहाल रफ्तार नहीं पकड़ पा रहा है। ज्यादातर स्कूलों में टीमों को बच्चे ही नहीं मिल रहे हैं। जहां बच्चे हैं, वे या तो कम उम्र के हैं या फिर टीका लगवाने से परहेज कर रहे हैं। बच्चों व उनके अभिभावकों की मानें तो परीक्षा के बाद बच्चों को टीका लगवाएंगे। टीकाकरण के पहले दिन जिले में 300 से ज्यादा बच्चों को टीका लगा था। इसके बाद से रोजाना औसतन 100 बच्चों को टीका लगाया जा रहा है। यह रफ्तार बनी हुई है।
इधर, कोविड संक्रमण की रफ्तार भी धीमी पड़ गई है। पिछले कुछ दिनों से नए केसों का आंकड़ा इकाई का अंक पार नहीं कर पाया है। सक्रिय मरीजों की संख्या भी महज दो रह गई है। शनिवार को जिले में दो नए संक्रमित केस मिला। संभावित मरीजों की सैंपल जांच भी पहले के मुकाबले काफी कम हो गई है।
इसी कड़ी में शनिवार को विभाग ने 211 लोगों के सैंपल लेकर जांच के लिए लैब भेजे। इनमें से 139 आरटीपीसीआर व शेष 72 केस रैपिड एंटिजन जांच के थे। यही नहीं, 17 लोगों को अपनी रिपोर्ट का इंतजार रहा। जिले में महामारी की संक्रमण दर 4.58 प्रतिशत व सुधार की दर 98.11 प्रतिशत है।
टीकाकरण अभियान इन दिनों कुछ धीमा हुआ है। बच्चों को टीके लगाए जा रहे हैं। इसके लिए जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय को पत्र लिखकर सहयोग की अपील की गई है। स्कूलों में बच्चों की परीक्षा व संक्रमण की धीमी रफ्तार के चलते लोगों को इस ओर रुझान कम नजर आ रह है। विभाग की टीमें सरकारी स्कूलों के जाकर उम्र विशेष के बच्चों को टीके लगा रही है। जिले में अब तक 9500 बच्चों को टीका लगाया जा चुका है। परीक्षा के बाद इस रफ्तार को बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। - डॉ. सत्यवान, प्रभारी, कोविड टीकाकरण।