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Rohtak News: ग्राम संरक्षक की जिम्मेदारी नहीं लेंगे विश्वविद्यालय के शिक्षक
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रोहतक।
हरियाणा विश्वविद्यालय और कॉलेज शिक्षक संघ (एचफुक्टो) ने रविवार को महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) के फैकल्टी हाउस में बैठक की। यहां हरियाणा राजकीय महाविद्यालय शिक्षक संघ, हरियाणा राजकीय सहायता प्राप्त शिक्षक संघ, महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय शिक्षक संघ, गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय शिक्षक संघ, छोटूराम तकनीकी विश्वविद्यालय शिक्षक संघ व वाईएमसीए यूनिवर्सिटी फरीदाबाद शिक्षक संघ के प्रतिनिधि शामिल हुए। अध्यक्षता एचफुक्टो के अध्यक्ष डॉ. विकास सिवाच ने की। बैठक में उच्च शिक्षा और उच्च शिक्षा संस्थानों में काम करने वाले शिक्षकों को प्रभावित करने वाले मुद्दों पर विभाग और राज्य सरकार की अनदेखी भरे रवैये की आलोचना की गई।
अध्यक्ष ने कहा कि एचफुक्टो के बैनर तले हरियाणा के उच्चत्तर शिक्षा संस्थानों में काम करने वाले शिक्षकों ने 15 मई को निदेशालय पर जोरदार प्रदर्शन कर अपनी मांगों को रखा था। इसके बाद एडीशनल चीफ सेक्रेट्री ने शिक्षकों के प्रतिनिधिमंडल से बातचीत करके कुछ मुद्दों पर सहमति व्यक्त की थी। तत्काल प्रभाव से कार्रवाई करने के लिए अनेक कमेटियां बनाई गई। अब लगभग तीन माह बीतने के बावजूद इस दिशा में कोई प्रगति नहीं हुई है। इससे शिक्षक संगठनों में घोर निराशा व आक्रोश है। शिक्षक संगठनों को आश्वासन दिया गया कि यूजीसी रेगुलेशन 2018 की विसंगतियों को दूर कर 15 जुलाई तक एचफुक्टो की ओर से नियुक्त प्रतिनिधि के साथ सांझा किया जाएगा, परंतु इस दिशा में भी कोई प्रगति नहीं हुई है।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के शिक्षकों को ग्राम संरक्षक की गैर शैक्षणिक जिम्मेदारियां आवंटित करने की आलोचना करते हुए यह जिम्मेदारी नहीं लेने का निर्णय लिया है। शिक्षकों को पुरानी व नई पेंशन स्कीम में से चुनाव करने के पत्र को वापस लेना निंदनीय है। इसे तत्काल प्रभाव से दोबारा जारी किया जाए। सरकार व उच्चत्तर शिक्षा विभाग की नई शिक्षा नीति हड़बड़ी में लागू करने को गैरजरूरी बताते हुए इसे हरियाणा के शिक्षा ढांचे पर हमला करार दिया। इस मौके पर डॉ. नरेंद्र चाहर, डॉ. सुनील कुमार, डॉ. जितेंद्र खटकड़, डॉ. विनोद गोयल, डॉ. सुरेंद्र दहिया, डॉ. विकास नेहरा, डॉ. जगबीर नरवाल, डॉ. संजय, डॉ. निखिल देव मौजूद रहे।
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हरियाणा विश्वविद्यालय और कॉलेज शिक्षक संघ (एचफुक्टो) ने रविवार को महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) के फैकल्टी हाउस में बैठक की। यहां हरियाणा राजकीय महाविद्यालय शिक्षक संघ, हरियाणा राजकीय सहायता प्राप्त शिक्षक संघ, महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय शिक्षक संघ, गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय शिक्षक संघ, छोटूराम तकनीकी विश्वविद्यालय शिक्षक संघ व वाईएमसीए यूनिवर्सिटी फरीदाबाद शिक्षक संघ के प्रतिनिधि शामिल हुए। अध्यक्षता एचफुक्टो के अध्यक्ष डॉ. विकास सिवाच ने की। बैठक में उच्च शिक्षा और उच्च शिक्षा संस्थानों में काम करने वाले शिक्षकों को प्रभावित करने वाले मुद्दों पर विभाग और राज्य सरकार की अनदेखी भरे रवैये की आलोचना की गई।
अध्यक्ष ने कहा कि एचफुक्टो के बैनर तले हरियाणा के उच्चत्तर शिक्षा संस्थानों में काम करने वाले शिक्षकों ने 15 मई को निदेशालय पर जोरदार प्रदर्शन कर अपनी मांगों को रखा था। इसके बाद एडीशनल चीफ सेक्रेट्री ने शिक्षकों के प्रतिनिधिमंडल से बातचीत करके कुछ मुद्दों पर सहमति व्यक्त की थी। तत्काल प्रभाव से कार्रवाई करने के लिए अनेक कमेटियां बनाई गई। अब लगभग तीन माह बीतने के बावजूद इस दिशा में कोई प्रगति नहीं हुई है। इससे शिक्षक संगठनों में घोर निराशा व आक्रोश है। शिक्षक संगठनों को आश्वासन दिया गया कि यूजीसी रेगुलेशन 2018 की विसंगतियों को दूर कर 15 जुलाई तक एचफुक्टो की ओर से नियुक्त प्रतिनिधि के साथ सांझा किया जाएगा, परंतु इस दिशा में भी कोई प्रगति नहीं हुई है।
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उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के शिक्षकों को ग्राम संरक्षक की गैर शैक्षणिक जिम्मेदारियां आवंटित करने की आलोचना करते हुए यह जिम्मेदारी नहीं लेने का निर्णय लिया है। शिक्षकों को पुरानी व नई पेंशन स्कीम में से चुनाव करने के पत्र को वापस लेना निंदनीय है। इसे तत्काल प्रभाव से दोबारा जारी किया जाए। सरकार व उच्चत्तर शिक्षा विभाग की नई शिक्षा नीति हड़बड़ी में लागू करने को गैरजरूरी बताते हुए इसे हरियाणा के शिक्षा ढांचे पर हमला करार दिया। इस मौके पर डॉ. नरेंद्र चाहर, डॉ. सुनील कुमार, डॉ. जितेंद्र खटकड़, डॉ. विनोद गोयल, डॉ. सुरेंद्र दहिया, डॉ. विकास नेहरा, डॉ. जगबीर नरवाल, डॉ. संजय, डॉ. निखिल देव मौजूद रहे।
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