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Rohtak News: केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने छोटे भाई की पत्नी को एक करोड़ में बेची 11 कनाल 8 मरला कृषि भूमि
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12-रोहतक तहसील कार्यालय में जमीन की रजिस्ट्री के लिए हस्ताक्षर करते केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल।
संवाद न्यूज एजेंसी
कलानौर (रोहतक)। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने बनियानी गांव की 11 कनाल 8 मरले कृषि योग्य पुश्तैनी जमीन बेच दी। यह जमीन अपने छोटे भाई चरणजीत की पत्नी पुष्पा को एक करोड़ रुपये में बेची गई है। वीरवार को इसकी रजिस्ट्री मनोहर लाल ने छोटे भाई की पत्नी के नाम कराई। यही नहीं, जमीन बेचकर मिली राशि प्रधानमंत्री राहत कोष में जमा करा दी। रजिस्ट्री के लिए आवश्यक दस्तावेजों की जांच व सत्यापन के लिए वह खुद तहसील पहुंचे।
केंद्रीय मंत्री की सादगी और नियमों के प्रति प्रतिबद्धता एक बार फिर सामने आई है। परिजनों के बीच भी यह लेन-देन पूरी पारदर्शिता के साथ हुआ। इसमें एक करोड़ रुपये का भुगतान चेक से किया गया। वहीं, उन्होंने समाज के लिए एक उदाहरण प्रस्तुत किया है कि पारिवारिक संबंधों में भी कानूनी औपचारिकताओं का पालन उतना ही आवश्यक है जितना किसी अन्य सौदे में।
पुश्तैनी घर भी ग्रामीण बच्चों की लाइब्रेरी के लिए कर चुके दान
लोगों में इस बात की चर्चा रही कि मुख्यमंत्री रहते हुए भी मनोहर लाल ने हमेशा सरलता, अनुशासन और ईमानदारी को प्राथमिकता दी है। यह कदम उसी का प्रमाण है। इससे पहले भी उन्होंने अपना पुश्तैनी घर ग्रामीण बच्चों की लाइब्रेरी बनाने के उद्देश्य से दान कर दिया था। यह लाइब्रेरी उनकी मां शांति देवी के नाम पर बनाई जाएगी। इसकी रजिस्ट्री करीब तीन माह पहले ग्राम पंचायत बनियानी के नाम हो चुकी है।
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कलानौर (रोहतक)। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने बनियानी गांव की 11 कनाल 8 मरले कृषि योग्य पुश्तैनी जमीन बेच दी। यह जमीन अपने छोटे भाई चरणजीत की पत्नी पुष्पा को एक करोड़ रुपये में बेची गई है। वीरवार को इसकी रजिस्ट्री मनोहर लाल ने छोटे भाई की पत्नी के नाम कराई। यही नहीं, जमीन बेचकर मिली राशि प्रधानमंत्री राहत कोष में जमा करा दी। रजिस्ट्री के लिए आवश्यक दस्तावेजों की जांच व सत्यापन के लिए वह खुद तहसील पहुंचे।
केंद्रीय मंत्री की सादगी और नियमों के प्रति प्रतिबद्धता एक बार फिर सामने आई है। परिजनों के बीच भी यह लेन-देन पूरी पारदर्शिता के साथ हुआ। इसमें एक करोड़ रुपये का भुगतान चेक से किया गया। वहीं, उन्होंने समाज के लिए एक उदाहरण प्रस्तुत किया है कि पारिवारिक संबंधों में भी कानूनी औपचारिकताओं का पालन उतना ही आवश्यक है जितना किसी अन्य सौदे में।
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पुश्तैनी घर भी ग्रामीण बच्चों की लाइब्रेरी के लिए कर चुके दान
लोगों में इस बात की चर्चा रही कि मुख्यमंत्री रहते हुए भी मनोहर लाल ने हमेशा सरलता, अनुशासन और ईमानदारी को प्राथमिकता दी है। यह कदम उसी का प्रमाण है। इससे पहले भी उन्होंने अपना पुश्तैनी घर ग्रामीण बच्चों की लाइब्रेरी बनाने के उद्देश्य से दान कर दिया था। यह लाइब्रेरी उनकी मां शांति देवी के नाम पर बनाई जाएगी। इसकी रजिस्ट्री करीब तीन माह पहले ग्राम पंचायत बनियानी के नाम हो चुकी है।
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