{"_id":"66f4b96f749e32bcb90974c8","slug":"underpass-filled-with-water-four-villages-troubled-jhajjar-news-c-195-1-jjr1002-114074-2024-09-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rohtak News: अंडरपास में भरा पानी, चार गांव परेशान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rohtak News: अंडरपास में भरा पानी, चार गांव परेशान
विज्ञापन
झज्जर। झज्जर-बाबरा रोड पर स्थित रेलवे अंडरपास में पिछले 10 दिन से बारिश का पानी भरा है। इस कारण आवागमन बंद हैं। इस कारण लोगों को दस किलोमीटर का लंबा सफर तय करके गतंव्य तक जाना पड़ रहा है।
अंडरपास से आसपास के चार गांवों के लोग आवागमन करते हैं, लेकिन अब पानी भरने से आवागमन पूरी तरह से बंद हैं। ग्रामीणों ने बताया कि पिछले दिनों हुई तेज व लगातार बारिश के कारण अंडरपास में पानी भर गया था। यहां पर पानी निकासी के लिए कोई प्रबंध नहीं है। ना ही अंडरपास में लोगों की सुरक्षा को देखते हुए कोई चेतावनी बोर्ड लगाए गए है। झज्जर-बाबरा मार्ग से आवागमन करने वालों को यहां से वापस मुड़कर जाना पड़ता है। लोगों का कहना है कि जब से अंडरपास बना है, तब से हर बार बारिश में यहां पर पानी खड़ा हो जाता है। जिइको लेकर स्थानीय प्रशासन कोई कदम नहीं उठा रहा। रेलवे अंडरपास लोगों की सुविधा के लिए बनाया गया था, लेकिन यह अब परेशानी बन चुका है। बाबरा, सुरहेती, खुड्डन, छपार, सोलधा गांव के लोगों को झज्जर जाने के लिए डावला गांव से होकर जाना पड़ता है, जिसमें करीब 10 किलाेमीटर घूम कर जाना पड़ रहा है।
हर बार बारिश में अंडरपास में पानी भर जाता है, जिससे दुर्घटना भी हो सकती है। प्रशासन सोया हुआ है। जब तक कोई घटना नहीं हो जाती, तब तक इस तरफ कोई ध्यान प्रशासन का नहीं जाएगा।
विज्ञापन
भूपेंद्र, बाबरा गांव निवासी
अंडरपास में पानी भरने से 10 किलोमीटर दूरी तय का डावला गांव से घूमकर आना पड़ता है। इस कारण बाबरा गांव के साथ-साथ आसपास के और गांवों के लोगों का भी परेशानी हो रही है। अंडरपास में कोई गेट या चेतावनी बोर्ड नहीं लगाया गया है, जिस कारण कभी भी हादसा हो सकता है।
राहुल, बाबरा गांव निवासी
विज्ञापन
अंडरपास से आसपास के चार गांवों के लोग आवागमन करते हैं, लेकिन अब पानी भरने से आवागमन पूरी तरह से बंद हैं। ग्रामीणों ने बताया कि पिछले दिनों हुई तेज व लगातार बारिश के कारण अंडरपास में पानी भर गया था। यहां पर पानी निकासी के लिए कोई प्रबंध नहीं है। ना ही अंडरपास में लोगों की सुरक्षा को देखते हुए कोई चेतावनी बोर्ड लगाए गए है। झज्जर-बाबरा मार्ग से आवागमन करने वालों को यहां से वापस मुड़कर जाना पड़ता है। लोगों का कहना है कि जब से अंडरपास बना है, तब से हर बार बारिश में यहां पर पानी खड़ा हो जाता है। जिइको लेकर स्थानीय प्रशासन कोई कदम नहीं उठा रहा। रेलवे अंडरपास लोगों की सुविधा के लिए बनाया गया था, लेकिन यह अब परेशानी बन चुका है। बाबरा, सुरहेती, खुड्डन, छपार, सोलधा गांव के लोगों को झज्जर जाने के लिए डावला गांव से होकर जाना पड़ता है, जिसमें करीब 10 किलाेमीटर घूम कर जाना पड़ रहा है।
विज्ञापन
हर बार बारिश में अंडरपास में पानी भर जाता है, जिससे दुर्घटना भी हो सकती है। प्रशासन सोया हुआ है। जब तक कोई घटना नहीं हो जाती, तब तक इस तरफ कोई ध्यान प्रशासन का नहीं जाएगा।
विज्ञापन
भूपेंद्र, बाबरा गांव निवासी
अंडरपास में पानी भरने से 10 किलोमीटर दूरी तय का डावला गांव से घूमकर आना पड़ता है। इस कारण बाबरा गांव के साथ-साथ आसपास के और गांवों के लोगों का भी परेशानी हो रही है। अंडरपास में कोई गेट या चेतावनी बोर्ड नहीं लगाया गया है, जिस कारण कभी भी हादसा हो सकता है।
राहुल, बाबरा गांव निवासी