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Rohtak News: मानसिक अस्वस्थ भतीजी से दुष्कर्म के दोषी चाचा को 20 साल की कैद
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रोहतक। जिले के एक गांव में डेढ़ साल पहले 14 साल की मानसिक कमजोर भतीजी से दुष्कर्म और कुकर्म करने के दोषी 49 साल के चाचा को अदालत ने 20 साल की कैद की सजा सुनाई है। अदालत ने रहम की याचिका पर जब पक्ष मांगा तो दोषी ने सिर झुका लिया।
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक मार्च 2022 में एक व्यक्ति ने नजदीकी थाने में शिकायत दी कि वह काम के चलते बाहर गया हुआ था, जबकि उसकी पत्नी कपड़े धोने के लिए घर से बाहर चली गई। उसकी 14 साल की बेटी गली में खेल रही थी। 49 वर्षीय उसका चचेरा भाई आया और बेटी को इशारा करके अपने घर में बुला लिया। आरोपी ने शराब पी रखी थी। उसने बेटी के साथ गलत काम किया। जब उसकी मां घर आई तो बेटी गुमशुम दिखी, लेकिन कुछ बता नहीं सकी। एक सप्ताह बाद जब उसके पिता घर आए तो उसने इशारों में कुछ बताना चाह रही थी। पिता समझ नहीं पाए तो उसने अपनी बहन को इशारों में समझाया कि उसके साथ किसने क्या किया। बड़ी बेटी ने पिता को पूरे मामले से अवगत कराया। पुलिस ने नजदीक थाने में शिकायत दी। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया, जिसके खुद के बच्चे भी हैं। तभी से जिला अदालत में केस की सुनवाई चल रही थी। वीरवार को एएसजे नरेश कुमार की अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए 20 साल कैद की सजा सुनाई।
अदालत में नहीं डरी मानसिक कमजोर, इशारों में आरोपी की पहचान करवाई
पीड़ित पक्ष के वकील संजीव कुमार ने बताया कि कोर्ट में पीड़िता की गवाही हुई तो कोर्ट में एक्सपर्ट को बुलाया गया। एक्सपर्ट के सामने मानसिक कमजोर बच्ची ने आरोपी की तरफ इशारा किया। एक्सपर्ट ने इसकी पुष्टि की। वह डरी नहीं थी। अदालत ने आरोपी को वारदात का दोषी मानकर सजा सुनाई है।
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पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक मार्च 2022 में एक व्यक्ति ने नजदीकी थाने में शिकायत दी कि वह काम के चलते बाहर गया हुआ था, जबकि उसकी पत्नी कपड़े धोने के लिए घर से बाहर चली गई। उसकी 14 साल की बेटी गली में खेल रही थी। 49 वर्षीय उसका चचेरा भाई आया और बेटी को इशारा करके अपने घर में बुला लिया। आरोपी ने शराब पी रखी थी। उसने बेटी के साथ गलत काम किया। जब उसकी मां घर आई तो बेटी गुमशुम दिखी, लेकिन कुछ बता नहीं सकी। एक सप्ताह बाद जब उसके पिता घर आए तो उसने इशारों में कुछ बताना चाह रही थी। पिता समझ नहीं पाए तो उसने अपनी बहन को इशारों में समझाया कि उसके साथ किसने क्या किया। बड़ी बेटी ने पिता को पूरे मामले से अवगत कराया। पुलिस ने नजदीक थाने में शिकायत दी। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया, जिसके खुद के बच्चे भी हैं। तभी से जिला अदालत में केस की सुनवाई चल रही थी। वीरवार को एएसजे नरेश कुमार की अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए 20 साल कैद की सजा सुनाई।
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अदालत में नहीं डरी मानसिक कमजोर, इशारों में आरोपी की पहचान करवाई
पीड़ित पक्ष के वकील संजीव कुमार ने बताया कि कोर्ट में पीड़िता की गवाही हुई तो कोर्ट में एक्सपर्ट को बुलाया गया। एक्सपर्ट के सामने मानसिक कमजोर बच्ची ने आरोपी की तरफ इशारा किया। एक्सपर्ट ने इसकी पुष्टि की। वह डरी नहीं थी। अदालत ने आरोपी को वारदात का दोषी मानकर सजा सुनाई है।
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