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Rohtak News: गर्भवतियों का नहीं हो रहा अल्ट्रासाउंड, रेडियोलॉजिस्ट के बजाय पीजी छात्र कर रहे जांच

Tue, 01 Oct 2024 02:42 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 01 Oct 2024 02:42 AM IST
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Ultrasound of pregnant women is not being done, PG students are doing the examination instead of radiologists
30सीटीके13.. नागरिक अस्पताल का अल्ट्रासाउंड कक्ष। संवाद
रोहतक। सरकारी अस्पताल की अपनी व्यवस्था ही बीमार नजर आ रही है। यहां गर्भवतियों को अल्ट्रासाउंड के अलावा चिकित्सीय परामर्श व दवाएं सब मिल रहा है। अल्ट्रासाउंड के लिए उन्हें निजी केंद्रों की शरण लेनी पड़ रही है। यहां उन्हें जेब से 900 से 2800 रुपये तक खर्च करने पड़ रहे हैं। यह सब अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट नहीं होने के कारण हो रहा है। सामान्य अल्ट्रासाउंड जांच भी पीजी विद्यार्थियों के भरोसे ही चल रही है।
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सरकारी अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की जरूरत वाले मरीजों, खासकर गर्भवतियों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। यहां अल्ट्रासाउंड मशीन तो है मगर इसके लिए अनिवार्य रेडियोलॉजिस्ट नहीं है। इस कारण उन्हें निजी केंद्रों पर अपनी जेब से रुपये खर्च कर जांच करानी पड़ रही है। अस्पताल में होने वाले सामान्य पेट दर्द के अल्ट्रासाउंड भी पीजी विद्यार्थियों के भरोसे हैं। ये गर्भवतियों का अल्ट्रासाउंड करने में असक्षम हैं। वे केवल सामान्य मरीजों को ही अल्ट्रासाउंड करने में सक्षम हैं।
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सुबह 7 बजे का मिल रहा नंबर
नागरिक अस्पताल में सामान्य अल्ट्रासाउंड के लिए एक दिन बाद का नंबर मिल रहा है। इस कारण मरीज को अल्ट्रासाउंड के लिए दोबारा आना पड़ता है। वह भी सुबह 7 बजे। ऐसे में दूर-दराज व ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाली महिलाओं को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। अल्ट्रसाउंड के लिए एक मरीज पर करीब 15 मिनट का समय लगता है। ऐसे में हर घंटे करीब चार मरीजों का अल्ट्रासाउंड ही हो पाता है।
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निजी केंद्रों में अल्ट्रासाउंड का शुल्क
निजी केंद्रों में अल्ट्रासाउंड कराना महंगा साबित होता है। 900 से 2800 रुपये तक का देना पड़ता है, जबकि सरकारी अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की सुविधा मरीजों के लिए निशुल्क है। गर्भवती को यह जांच तीन से चार बार करानी पड़ती है।












अस्पताल में अल्ट्रासाउंड किए जा रहे हैं। मरीजों को कोई समस्या नहीं आ रही है। रेडियोलॉजिस्ट के लिए डिमांड रखी जा चुकी है। जल्द ही रेडियोलॉजिस्ट मिलने की उम्मीद है। स्वास्थ्य विभाग ने पीजी द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों को सीखने के उद्देश्य से अल्ट्रासाउंड की अनुमति दी हुई है।
- डॉ. पुष्पेंद्र, चिकित्सा अधीक्षक, सिविल अस्पताल।
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