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Rohtak News: नागरिक अस्पताल की लैब में नहीं हो रही टायफाइड व सीबीसी की जांच
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-फोटो 57 : बहादुरगढ़ के नागरिक अस्पताल में लगी मरीजों की भीड़।
बहादुरगढ़। बारिश का मौसम चल रहा है। इसमें डेंगू और मलेरिया के केस बढ़ जाते हैं, लेकिन इन दिनों वायरल के मरीज ज्यादा आ रहे हैं। वायरल से पीड़ित मरीजों को खून की जांच के लिए नागरिक अस्पताल की ओर जाना पड़ता है, लेकिन बहादुरगढ़ के नागरिक अस्पताल की लैब में टायफाइड और सीबीसी जांच न होने से उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
रोजाना सीबीसी की जांच 70 से 80 तक औसत रही है। वहीं, टायफाइड के भी 20 से 30 केस आते हैं। कई दिनों से लैब में रिजेंट (केमिकल) न होने के कारण यह दोनों जांच नहीं हो पा रही। ऐसे मेें मरीजों को जेब ढीली करते हुए प्राइवेट लैब की ओर जाना पड़ रहा है।
शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में अनेक घरों में कोई न कोई सदस्य बुखार, उल्टियां आना, सिर दर्द, चक्कर आना, कमजोरी की शिकायत होना, जोड़ों में दर्द आदि शिकायतों से पीड़ित भी मिल रहे हैं। नागरिक अस्पताल के अलावा निजी अस्पतालों व क्लीनिकों में उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। कुछ मरीजों की हालत ज्यादा खराब होने के चलते उन्हें दाखिल भी किया जा रहा है। उधर नागरिक अस्पताल की लेबोरेट्री (प्रयोगशाला) में मरीजों की जांच के लिए पूरा सामान उपलब्ध न होने से उन्हें परेशान भी होना पड़ रहा है। बुखार से ग्रस्त मरीजों को टायफाइड जांच, सीबीसी की जांच की सुविधा तक नहीं मिल पा रही।
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ये हैं लक्षण
वायरल के दौरान सिर में दर्द, बदन दर्द, खांसी जुकाम होना, छींके आना, बुखार होना व कभी-कभार उल्टी होना, दस्त लगना आदि इसके लक्षण हैं। बुखार होने पर केवल पैरासिटामोल की दवा ही लें। तरल पदार्थ अधिक से अधिक लेते रहना चाहिए। जूस, नारियल का पानी व स्वच्छ पेयजल ही पीना चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि यदि शरीर में किसी तरह की घबराहट, सांस लेने में दिक्कत, चक्कर आना की शिकायत महसूस होती है तो तुरंत विशेषज्ञ डाक्टर को दिखाकर परामर्श लेते हुए इलाज कराना चाहिए।
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रोजाना सीबीसी की जांच 70 से 80 तक औसत रही है। वहीं, टायफाइड के भी 20 से 30 केस आते हैं। कई दिनों से लैब में रिजेंट (केमिकल) न होने के कारण यह दोनों जांच नहीं हो पा रही। ऐसे मेें मरीजों को जेब ढीली करते हुए प्राइवेट लैब की ओर जाना पड़ रहा है।
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शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में अनेक घरों में कोई न कोई सदस्य बुखार, उल्टियां आना, सिर दर्द, चक्कर आना, कमजोरी की शिकायत होना, जोड़ों में दर्द आदि शिकायतों से पीड़ित भी मिल रहे हैं। नागरिक अस्पताल के अलावा निजी अस्पतालों व क्लीनिकों में उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। कुछ मरीजों की हालत ज्यादा खराब होने के चलते उन्हें दाखिल भी किया जा रहा है। उधर नागरिक अस्पताल की लेबोरेट्री (प्रयोगशाला) में मरीजों की जांच के लिए पूरा सामान उपलब्ध न होने से उन्हें परेशान भी होना पड़ रहा है। बुखार से ग्रस्त मरीजों को टायफाइड जांच, सीबीसी की जांच की सुविधा तक नहीं मिल पा रही।
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ये हैं लक्षण
वायरल के दौरान सिर में दर्द, बदन दर्द, खांसी जुकाम होना, छींके आना, बुखार होना व कभी-कभार उल्टी होना, दस्त लगना आदि इसके लक्षण हैं। बुखार होने पर केवल पैरासिटामोल की दवा ही लें। तरल पदार्थ अधिक से अधिक लेते रहना चाहिए। जूस, नारियल का पानी व स्वच्छ पेयजल ही पीना चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि यदि शरीर में किसी तरह की घबराहट, सांस लेने में दिक्कत, चक्कर आना की शिकायत महसूस होती है तो तुरंत विशेषज्ञ डाक्टर को दिखाकर परामर्श लेते हुए इलाज कराना चाहिए।