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Rohtak: आईएमटी के वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में टैंक साफ करने उतरे दो श्रमिक बेहोश, तलाश में जुटी पुलिस
Sat, 10 Sep 2022 02:22 PM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रोहतक (हरियाणा)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रोहतक (हरियाणा)
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Sat, 10 Sep 2022 02:22 PM IST
सार
आईएमटी में एचएसआईडीसी का वाटर ट्रीटमेंट प्लांट (सीईटीपी) है। सांपला खंड के गांव अटायल निवासी 21 वर्षीय रूपक और 23 वर्षीय देवेंद्र वहां नौकरी करते हैं। सीईटीपी में फैक्ट्रियों के गंदे पानी को साफ किया जाता है।
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सेफ्टी टैंक में सफाई करने उतरे दो युवक बेहोश।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।
विस्तार
रोहतक के औद्योगिक क्षेत्र आईएमटी में शनिवार को एचएसआईडीसी के वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में दो श्रमिक बेहोश हो गए। तीन घंटे बाद भी उनको बाहर नहीं निकाला जा सका। ऐसे में आशंका है कि जहरीली गैस के प्रभाव से कहीं कोई अनहोनी न हो गई हो। पुलिस मौके पर जांच कर रही है।
आईएमटी थाना प्रभारी इंस्पेक्टर कैलाश चंद ने बताया कि उन्हें दोपहर करीब एक बजे सूचना मिली कि आईएमटी में एचएसआईडीसी का वाटर ट्रीटमेंट प्लांट (सीईटीपी) है। सांपला खंड के गांव अटायल निवासी 21 वर्षीय रूपक और 23 वर्षीय देवेंद्र वहां नौकरी करते हैं। सीईटीपी में फैक्ट्रियों के गंदे पानी को साफ किया जाता है। एक सेफ्टी टैंक की मोटर खराब हो गई थी। दोनों युवक मोटर बदलने के लिए टैंक के अंदर गए थे, लेकिन वापस नहीं आ सके। इसके बाद उनके साथियों ने मामले की सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची और सेफ्टी टैंक का पानी निकलवाकर युवकों की तलाश शुरू की। हालांकि तीन घंटे बाद भी दोनों श्रमिकों के बाहर न आने से अनहोनी की आशंका है।
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आईएमटी थाना प्रभारी इंस्पेक्टर कैलाश चंद ने बताया कि उन्हें दोपहर करीब एक बजे सूचना मिली कि आईएमटी में एचएसआईडीसी का वाटर ट्रीटमेंट प्लांट (सीईटीपी) है। सांपला खंड के गांव अटायल निवासी 21 वर्षीय रूपक और 23 वर्षीय देवेंद्र वहां नौकरी करते हैं। सीईटीपी में फैक्ट्रियों के गंदे पानी को साफ किया जाता है। एक सेफ्टी टैंक की मोटर खराब हो गई थी। दोनों युवक मोटर बदलने के लिए टैंक के अंदर गए थे, लेकिन वापस नहीं आ सके। इसके बाद उनके साथियों ने मामले की सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची और सेफ्टी टैंक का पानी निकलवाकर युवकों की तलाश शुरू की। हालांकि तीन घंटे बाद भी दोनों श्रमिकों के बाहर न आने से अनहोनी की आशंका है।
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