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आज डिपो में पहुंचेंगी यूरो 6 तकनीक की दो नई बसें
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गुरुग्राम डिपो में शामिल यूरो 6 तकनीक की बस। अमर उजाला
रोहतक। लंबे समय से यूरो 6 तकनीक की बसों का इंतजार कर रहे जिले के रोडवेज बसों के बेड़े में शुक्रवार को यूरो 6 तकनीक की दो नई बसें शामिल हो जाएंगी। बसें कागज कार्रवाई पूरी होने तक डिपो की वर्कशॉप में खड़ी रहेंगी। सोमवार को सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद रोडवेज महाप्रबंधक दलबीर फौगाट दोनों बसों को हरी झंडी दिखाकर कोटा के लिए रवाना करेंगे।
जिले में ऐसी आधुनिक सुविधाओं से लैस करीब 20 बसें मिलने की संभावना है। हालांकि आठ बसें अगस्त महीने से पहले ही डिपो में आने की संभावना है। यूरो 6 तकनीक की बसें पुरानी बसों से करीब तीन फुट लंबी हैं। पुरानी बसों में 52 यात्रियों के बैठने की व्यवस्था होती थी लेकिन यूरो 6 बसों में 58 यात्रियों के बैठने की व्यवस्था होगी। डिपो में हाल में 193 बसें चल रही हैं। इनमें 27 बसें यूरो 4 तकनीक की, 120 बसें पुरानी तकनीक की व 46 बसें किलोमीटर स्कीम के तहत चल रही हैं। इन नई बसों का संचालन डिपो द्वारा लंबे रूटों पर किया जाएगा। प्रत्येक बस की कीमत करीब 30 लाख रुपये है। अधिकारियों का कहना है कि इन बसों के संचालन से यात्रियों की सुरक्षा के साथ-साथ प्रदूषण भी कम होगा।
यूरो बसों की विशेषता
- चालक व परिचालकों के लिए विशेष केबिन बने हुए हैं।
- बसों में जीपीएस लगा हुआ है। डिपो में बैठे अधिकारियों को बसों की लोकेशन का पता चलता रहेगा।
- प्रत्येक बस में दो सीसीटीवी कैमरे लगे होंगे। एक कैमरा बिल्कुल आगे चालक केबिन के पास व दूसरा पिछली खिड़की के पास
- प्रदूषण कम करने के लिए प्रदूषण सिलिंडर लगे होंगे। सामान्य बसों की तुलना में कम प्रदूषण करेंगी।
- यूरो 6 बसों में 58 यात्रियों के बैठने की सुविधा होगी। सामान्य बसों में 52 यात्रियों की सुविधा है।
- महिलाओं के लिए इमरजेंसी अलार्म लगा होगा। छेड़खानी जैसी कोई घटना होते ही महिला के अलार्म दबाने पर सीधा संदेश कंट्रोल रूम में जाएगा।
वर्जन-
शुक्रवार को रोहतक डिपो में यूरो 6 तकनीक की दो नई बसें आएंगी। सोमवार तक सभी दस्तावेजों को पूरा कर दोनों बसों को महाप्रबंधक हरी झंडी दिखाकर कोटा रूट पर भेजेंगे। अगस्त महीने से पहले डिपो में यूरो 6 तकनीक की कुल आठ बसें आ जाएंगी। यूरो 6 तकनीक की बसें आधुनिक सुविधाओं से लैस हैं। इन बसों का निर्माण यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखकर किया गया है।
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- नरेंद्र पूनिया, मैनेजर, रोडवेज वर्कशॉप
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जिले में ऐसी आधुनिक सुविधाओं से लैस करीब 20 बसें मिलने की संभावना है। हालांकि आठ बसें अगस्त महीने से पहले ही डिपो में आने की संभावना है। यूरो 6 तकनीक की बसें पुरानी बसों से करीब तीन फुट लंबी हैं। पुरानी बसों में 52 यात्रियों के बैठने की व्यवस्था होती थी लेकिन यूरो 6 बसों में 58 यात्रियों के बैठने की व्यवस्था होगी। डिपो में हाल में 193 बसें चल रही हैं। इनमें 27 बसें यूरो 4 तकनीक की, 120 बसें पुरानी तकनीक की व 46 बसें किलोमीटर स्कीम के तहत चल रही हैं। इन नई बसों का संचालन डिपो द्वारा लंबे रूटों पर किया जाएगा। प्रत्येक बस की कीमत करीब 30 लाख रुपये है। अधिकारियों का कहना है कि इन बसों के संचालन से यात्रियों की सुरक्षा के साथ-साथ प्रदूषण भी कम होगा।
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यूरो बसों की विशेषता
- चालक व परिचालकों के लिए विशेष केबिन बने हुए हैं।
- बसों में जीपीएस लगा हुआ है। डिपो में बैठे अधिकारियों को बसों की लोकेशन का पता चलता रहेगा।
- प्रत्येक बस में दो सीसीटीवी कैमरे लगे होंगे। एक कैमरा बिल्कुल आगे चालक केबिन के पास व दूसरा पिछली खिड़की के पास
- प्रदूषण कम करने के लिए प्रदूषण सिलिंडर लगे होंगे। सामान्य बसों की तुलना में कम प्रदूषण करेंगी।
- यूरो 6 बसों में 58 यात्रियों के बैठने की सुविधा होगी। सामान्य बसों में 52 यात्रियों की सुविधा है।
- महिलाओं के लिए इमरजेंसी अलार्म लगा होगा। छेड़खानी जैसी कोई घटना होते ही महिला के अलार्म दबाने पर सीधा संदेश कंट्रोल रूम में जाएगा।
वर्जन-
शुक्रवार को रोहतक डिपो में यूरो 6 तकनीक की दो नई बसें आएंगी। सोमवार तक सभी दस्तावेजों को पूरा कर दोनों बसों को महाप्रबंधक हरी झंडी दिखाकर कोटा रूट पर भेजेंगे। अगस्त महीने से पहले डिपो में यूरो 6 तकनीक की कुल आठ बसें आ जाएंगी। यूरो 6 तकनीक की बसें आधुनिक सुविधाओं से लैस हैं। इन बसों का निर्माण यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखकर किया गया है।
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- नरेंद्र पूनिया, मैनेजर, रोडवेज वर्कशॉप