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Rohtak: कॉर्निया, काला मोतिया और रेटिना का इलाज होगा आसान, पीजीआईएमएस के आरआईओ में खरीदी जाएंगी चार मशीनें
Fri, 26 May 2023 10:46 AM IST
नवीन दलाल
विकास सैनी, रोहतक (हरियाणा)
विकास सैनी, रोहतक (हरियाणा)
Published by: नवीन दलाल
Updated Fri, 26 May 2023 10:46 AM IST
सार
रोहतक पीजीआईएमएस में रोजाना बड़ी संख्या में नेत्र रोगी इलाज के लिए आते हैं। इनमें काला मोतिया, सफेद मोतिया, रेटिना, भैंगापन, आंख में संक्रमण, आंख में चोट लगने समेत विभिन्न रोगों के मरीज शामिल हैं। लेकिन अब मरीजों को जल्दी, बेहतर और सटीक इलाज मिल सकेगा।
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पीजीआई राेहतक
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
हरियाणा के सबसे बड़े चिकित्सा संस्थान पीजीआईएमएस के क्षेत्रीय नेत्र विज्ञान संस्थान (आरआईओ) में आंखों का इलाज कराने वाले मरीजों व संस्थान के पीजी डॉक्टरों के लिए राहत भरी खबर है। मरीजों को कॉर्निया, काला मोतिया और रेटिना का बेहतर व सटीक इलाज मिलेगा। संस्थान के पीजी डॉक्टरों को नया और बेहतर सीखने का अवसर मिलेगा। इसके लिए यहां एक करोड़ की लागत से चार नई मशीनें खरीदी जाएंगी। इस संबंध में निदेशक डीएमईआर को भी पत्र लिखा गया है।
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संस्थान के पीजी डॉक्टरों को नया और बेहतर सीखने का मिलेगा अवसर
पीजीआईएमएस के क्षेत्रीय नेत्र विज्ञान संस्थान में रोजाना बड़ी संख्या में नेत्र रोगी इलाज के लिए आते हैं। विभाग की ओपीडी के आंकड़ों पर नजर डालें तो रोजाना औसतन 400 से ज्यादा मरीज यहां आ रहे हैं। इनमें काला मोतिया, सफेद मोतिया, रेटिना, भैंगापन, आंख में संक्रमण, आंख में चोट लगने समेत विभिन्न रोगों के मरीज शामिल हैं। नेत्र ज्योति कमजोर होने पर आंखों का ऑप्रेशन कराने वाले मरीजों की संख्या भी कम नहीं हैं। यहां रोजाना औसतन 40 मरीजों के आंखों के ऑप्रेशन हो रहे हैं। इसमें लैंस डालना व अन्य बीमारियों का इलाज शामिल है। विभाग में आने वाली मरीजों की इस भीड़ को जल्दी ही और बेहतर और सटीक इलाज मिल सकेगा। इसके लिए विभाग को चार नई मशीनें खरीदने की अनुमति मिल गई है।
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ऑनलाइन हुई 20 निदेशकों की बैठक
केंद्र सरकार की ओर से वीरवार को देश के 20 आरआईओ निदेशकों की ऑनलाइन बैठक हुई। यहां एनपीसीबीवीआई (नेशनल प्रोग्राम फोर कंट्रोल ऑफ ब्लाइंडनेस एंड विजुअल इम्पेयरमेंट) निदेशक ने अंधता नियंत्रण पर चर्चा करने के साथ पीजीआईएमएस को चार नए उपकरण खरीदने की अनुमति दी। इसके लिए एक करोड़ रुपये जारी किया गया है।
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ये खरीदी जाएंगी मशीनें
पीजीआईएमएस में पेंटाकैम करीब 40 रुपये, ऑप्टिकल कोहरेंस टोमोग्राफी (इंपोर्टेड) 25 लाख रुपये, पोस्टरिअर विटरेक्टोमी 18 लाख रुपये व स्लिट लैंप विद एक्सेसरीज (इंपोर्टेट) 14 लाख रुपये की मशीन खरीदी जाएगी। यह कुल राशि 97 लाख रुपये बनती है।
अधिकारी के अनुसार
संस्थान के आरआईओ में चार नए उपकरण खरीदने की अनुमति मिल गई है। इस संबंध में वीरवार दोपहर बाद देश के 20 आरआईओ निदेशकों की ऑनलाइन बैठक हुई थी। जल्दी ही उपकरण संस्थान को मिल जाएंगे। इससे मरीजों को इलाज और विद्यार्थियों बेहतर ढंग से सिखाना आसान होगा। - डॉ. आरएस चौहान, सीनियर प्रोफेसर एंड हेड कम निदेशक आरआईओ।