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महिला डॉक्टर के प्रोबेशन पीरियड बढ़ाने पर हंगामा मामले की जांच तीन सदस्यीय टीम करेगी
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रोहतक। पीजीआईएमएस के निदेशक कार्यालय में वीरवार को बायोकेमिस्ट्री विभाग की महिला डॉक्टर के प्रोबेशन पीरियड बढ़ने पर हंगामे करने पर जांच शुरू हो गई है। कुलपति के निर्देश पर संस्थान के तीन सीनियर डॉक्टरों की टीम जांच में जुट गई है। शुक्रवार को जांच टीम ने घटनास्थल पर मौजूद कर्मचारियों, सुरक्षा गार्डों व डॉक्टर के बयान दर्ज किए। वहीं महिला डॉक्टर के पक्ष में एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कर निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है।
याद रहे कि वीरवार को महिला डॉक्टर ने आरोप लगाया था कि निदेशक और विभागाध्यक्ष उसे परेशान करते हैं। वहीं, निदेशक कार्यालय पर तैनात महिला सुरक्षा कर्मचारियों ने बताया था कि महिला डॉक्टर को समझाने का प्रयास किया तो वह हाथापाई पर आ गई। इसके बाद हल्का बल प्रयोग भी करना पड़ा। इस पूरे घटनाक्रम की वीडियो वायरल हुई थी। शुक्रवार को जांच कमेटी ने इस मामले से जुड़े सभी लोगों के बयान दर्ज किए हैं। जांच टीम में पैथोलॉजी की डॉ. सुनीता सिंह, एनाटमी की डॉ. सुरेश कांता और फोरेंसिक मेडिसिन से डॉ. जितेंद्र जाखड़ को शामिल किया गया है। वहीं इस संबंध में बात करने के लिए महिला डॉक्टर से संपर्क किया गया, लेकिन उनका मोबाइल बंद मिला।
आरोप : शुक्रवार को फिर डॉक्टर ने दी गालियां
आरोप है कि महिला डॉक्टर शुक्रवार को फिर निदेशक कार्यालय पहुंची और सुरक्षा गार्डों व अन्य स्टाफ को गालियां दी। हालांकि, वह कुछ समय ठहरने के बाद अपने आप चली गई। वहीं इस मामले में संस्थान के कुछ डॉक्टरों ने एतराज जताया है कि जब अधिकारी डॉक्टरों को मिलने का समय नहीं देंगे तो सब्र का बांध तो टूटेगा ही। हालांकि इस मामले में संस्थान का कोई डॉक्टर महिला डॉक्टर के पक्ष में खुल कर सामने नहीं आया है।
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एचओडी ने एसीआर खराब की, मेरा क्या रोल : निदेशक
पीजीआईएमएस निदेशक डॉ. रोहतास कंवर यादव ने बताया कि महिला डॉक्टर की एसीआर उसकी हेड ने खराब की है, इसमें मैं क्या कर सकता हूं। मेरे पास जो फाइल आएगी, उसी हिसाब से एक्शन होगा। दो साल का प्रोबेशन एक साल और बढ़ा दिया है। वीरवार को कार्यालय आते समय महिला ने मुझे मेरे कार्यालय में जाने से रोका तो दूसरे रास्ते से मैं अपने कार्यालय में चला गया। इसके अलावा कोई विवाद मेरे सामने नहीं हुआ। विवाद कर रही डॉक्टर जब मेरे कमरे में जबरन आई तो महिला गार्डों ने उसे बाहर निकाला, वह बार-बार ऐसा कर रही थी। इस संबंध में तीन डॉक्टरों की टीम जांच कर रही है। बुधवार को महिला डॉक्टर अपने पति के साथ मुझसे मिलकर गई थी। ऐसा नहीं है कि उसे मिलने का समय नहीं दिया गया।
कार्रवाई पर जीबीएम लेगी निर्णय
पीजीआईएमएस की हरियाणा स्टेट मेडिकल टीचर एसोसिएशन के प्रधान डॉ. आरबी जैन का कहना है कि वीरवार को निदेशक कार्यालय में जो महिला डॉक्टर के साथ हुआ वह गलत था। इस संबंध में निदेशक को स्वयं महिला डॉक्टर से बात करनी चाहिए थी, क्योंकि वह अपने कार्यालय में थे। महिला डॉक्टर के साथ सुरक्षा कर्मचारियों ने हाथापाई की। इस संबंध में शनिवार एसोसिएशन की ओर से जरनल बाडी (जीबीएम) की मीटिंग बुलाई जाएगी और आगामी कार्रवाई पर निर्णय लिया जाएगा। वहीं, महिला डॉक्टर के साथ गार्डों द्वारा की गई हाथापाई के विरोध में संस्थान के कई डॉक्टर सोशल मीडिया पर विरोध कर रहे हैं।
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याद रहे कि वीरवार को महिला डॉक्टर ने आरोप लगाया था कि निदेशक और विभागाध्यक्ष उसे परेशान करते हैं। वहीं, निदेशक कार्यालय पर तैनात महिला सुरक्षा कर्मचारियों ने बताया था कि महिला डॉक्टर को समझाने का प्रयास किया तो वह हाथापाई पर आ गई। इसके बाद हल्का बल प्रयोग भी करना पड़ा। इस पूरे घटनाक्रम की वीडियो वायरल हुई थी। शुक्रवार को जांच कमेटी ने इस मामले से जुड़े सभी लोगों के बयान दर्ज किए हैं। जांच टीम में पैथोलॉजी की डॉ. सुनीता सिंह, एनाटमी की डॉ. सुरेश कांता और फोरेंसिक मेडिसिन से डॉ. जितेंद्र जाखड़ को शामिल किया गया है। वहीं इस संबंध में बात करने के लिए महिला डॉक्टर से संपर्क किया गया, लेकिन उनका मोबाइल बंद मिला।
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आरोप : शुक्रवार को फिर डॉक्टर ने दी गालियां
आरोप है कि महिला डॉक्टर शुक्रवार को फिर निदेशक कार्यालय पहुंची और सुरक्षा गार्डों व अन्य स्टाफ को गालियां दी। हालांकि, वह कुछ समय ठहरने के बाद अपने आप चली गई। वहीं इस मामले में संस्थान के कुछ डॉक्टरों ने एतराज जताया है कि जब अधिकारी डॉक्टरों को मिलने का समय नहीं देंगे तो सब्र का बांध तो टूटेगा ही। हालांकि इस मामले में संस्थान का कोई डॉक्टर महिला डॉक्टर के पक्ष में खुल कर सामने नहीं आया है।
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एचओडी ने एसीआर खराब की, मेरा क्या रोल : निदेशक
पीजीआईएमएस निदेशक डॉ. रोहतास कंवर यादव ने बताया कि महिला डॉक्टर की एसीआर उसकी हेड ने खराब की है, इसमें मैं क्या कर सकता हूं। मेरे पास जो फाइल आएगी, उसी हिसाब से एक्शन होगा। दो साल का प्रोबेशन एक साल और बढ़ा दिया है। वीरवार को कार्यालय आते समय महिला ने मुझे मेरे कार्यालय में जाने से रोका तो दूसरे रास्ते से मैं अपने कार्यालय में चला गया। इसके अलावा कोई विवाद मेरे सामने नहीं हुआ। विवाद कर रही डॉक्टर जब मेरे कमरे में जबरन आई तो महिला गार्डों ने उसे बाहर निकाला, वह बार-बार ऐसा कर रही थी। इस संबंध में तीन डॉक्टरों की टीम जांच कर रही है। बुधवार को महिला डॉक्टर अपने पति के साथ मुझसे मिलकर गई थी। ऐसा नहीं है कि उसे मिलने का समय नहीं दिया गया।
कार्रवाई पर जीबीएम लेगी निर्णय
पीजीआईएमएस की हरियाणा स्टेट मेडिकल टीचर एसोसिएशन के प्रधान डॉ. आरबी जैन का कहना है कि वीरवार को निदेशक कार्यालय में जो महिला डॉक्टर के साथ हुआ वह गलत था। इस संबंध में निदेशक को स्वयं महिला डॉक्टर से बात करनी चाहिए थी, क्योंकि वह अपने कार्यालय में थे। महिला डॉक्टर के साथ सुरक्षा कर्मचारियों ने हाथापाई की। इस संबंध में शनिवार एसोसिएशन की ओर से जरनल बाडी (जीबीएम) की मीटिंग बुलाई जाएगी और आगामी कार्रवाई पर निर्णय लिया जाएगा। वहीं, महिला डॉक्टर के साथ गार्डों द्वारा की गई हाथापाई के विरोध में संस्थान के कई डॉक्टर सोशल मीडिया पर विरोध कर रहे हैं।