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Rohtak: जब दरारें पड़ती हैं, तभी दीवारें बनती हैं.. कवि सम्मेलन में सुरेंद्र शर्मा की कविताओं पर खूब लगे ठहाके
Thu, 23 Feb 2023 11:31 PM IST
भूपेंद्र सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, रोहतक
अमर उजाला ब्यूरो, रोहतक
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Thu, 23 Feb 2023 11:31 PM IST
सार
कवि सम्मेलन में सुरेंद्र शर्मा की कविताओं पर खूब ठहाके लगाए। कवियों ने विद्यार्थियों को शांत मन से परीक्षा देने के लिए प्रेरित किया। जिला बार एसोसिएशन ने कवि सम्मेलन का आयोजित किया।
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रोहतक में कवि सम्मेलन।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
ये झूठ है कि दरारें दीवारों में पड़ती हैं, जब दरारें पड़ती हैं, तभी दीवारें बनती हैं। पहले मैं मां-बाप के साथ रहता था, अब मां-बाप मेरे साथ रहते हैं। पद्मश्री कवि सुरेंद्र शर्मा ने उक्त पंक्तियां सुना वाहवाही बटोरी। हरियाणा के रोहतक में जिला बार एसोसिएशन ने गुरुवार को होली मिलन समारोह के तहत कवि सम्मेलन का आयोजन किया। यहां कवियों ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं को खूब गुदगुदाया। अमर उजाला इस कार्यक्रम में मीडिया सहयोगी रहा। समारोह में जिला एवं सत्र न्यायाधीश राकेश कुमार यादव मुख्यातिथि रहे।
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मंच से कवि अरुण जैमिनी, मुमताज नसीम, डॉ. जोगेंद्र मोर, प्रताप फौजदार, जगबीर राठी ने भी अपनी रचाएं प्रस्तुत कीं। मंच से कवियों ने विद्यार्थियों को शांत मन से तैयारी करने व परीक्षा देने के लिए प्रेरित किया। वीरवार दोपहर तीन बजे शुरु हुए कार्यक्रम में देर रात तक हंसी, ठिठौली व मनोरंजन के रंग महकते रहे।
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पद्मश्री कवि सुरेंद्र शर्मा ने स्नातक में अपने फेल होने का किस्सा साझा करते हुए कहा कि पिता ने फेल होने का पता लगने पर डांटने के बजाय आगे मेहनत कर परीक्षा देने के लिए यह कहते हुए प्रेरित किया कि परीक्षा है कुंभ का मेला नहीं, फिर दे लेना। वर्तमान में विद्यार्थी स्पर्धा के चलते परीक्षा के तनाव में दबे जा रहे हैं। यह अच्छा संकेत नहीं है। अभिभावकों को चाहिए कि बच्चों को तनाव मुक्त माहौल में अध्ययन करने का अवसर दें। उनके किसी तरह की अपेक्षाएं न रखें।
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इससे पूर्व दोपहर तीन बजे सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ समारोह का आगाज हुआ। यहां कलाकारों ने विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। रात को रागिनी कार्यक्रम हुआ। इसमें रागिनी कलाकारों ने श्रोताओं की तालियां बंटोरीं। यहां अतिथियों को स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष लोकेंद्र फौगाट ने सभी का आभार प्रकट किया।
कार्यक्रम में अधिवक्ता मधुर अरोड़ा के पिता अधिवक्ता बच्चनराम अरोड़ा की लिखी पुस्तक सौ शिशु का विमोचन हुआ। इस मौके पर पंजाब एंड हरियाणा बार काउंसिल के पूर्व अध्यक्ष प्रताप सिंह, सह अध्यक्ष रणवीर सिंह ढाका, सह अध्यक्ष राजकुमार चौहान, पूर्व सचिव अजय चौधरी, वर्तमान में सचिव गुरतेज ग्रेवाल, उपप्रधान करण सिंह नारंग, महासचिव रोहित सुहाग, सह सचिव यामिनी देशवाल, लाइब्रेरी प्रभारी सतीश आर्य समेत अनेक लोग मौजूद रहे।