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Rohtak News: युवती बोली-मैंने आरोपी से कर ली शादी, मर्जी से गई थी उसके साथ
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माई सिटी रिपोर्टर
रोहतक। अदालत में युवती ने कहा है कि उसने आरोपी युवक सतीश से शादी कर ली है। साथ ही, अपनी मर्जी से करीब ढाई साल पहले घर से गई थी। एएसजे सतीश दुग्गल की अदालत ने तथ्यों के आधार पर आरोपी जींद बाईपास निवासी सतीश को नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले जाने के आरोप से बरी कर दिया।
अदालत में दाखिल आरोप पत्र के मुताबिक, सांपला के एक व्यक्ति ने जनवरी 2023 में शिकायत दी थी कि उसकी दो बेटी हैं। बड़ी बेटी शादीशुदा है जबकि 17 साल की छोटी बेटी घर पर थी। वह 20 अक्तूबर को किसी को बताए बगैर घर से चली गई। पुलिस ने अपहरण की एफआईआर दर्ज की।
जांच की तो करीब तीन माह बाद युवती जींद बाईपास के नजदीक आरोपी सतीश के घर पर मिली। पुलिस ने युवती को देर रात होने के कारण बाल भवन में भेज दिया। बाद में काउंसिलिंग करवाकर परिजनों को सौंप दिया। साथ ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।
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अपहरण की धारा को बहला-फुसलाकर ले जाने की धारा में बदल दी। तभी से अदालत में आरोपी के खिलाफ केस चल रहा था। केस की सुनवाई के दौरान पीड़िता ने कोर्ट में कहा कि वह मर्जी से आरोपी के साथ गई थी। उसने आरोपी से शादी भी कर ली है।
पुलिस ने कोरे कागजात पर उसके हस्ताक्षर करवाए थे। आरोपी के तीन अन्य गवाहों ने भी बयान नहीं दिए। तथ्यों के आधार पर एएसजे सतीश दुग्गल की अदालत ने आरोपी को बरी कर दिया।
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रोहतक। अदालत में युवती ने कहा है कि उसने आरोपी युवक सतीश से शादी कर ली है। साथ ही, अपनी मर्जी से करीब ढाई साल पहले घर से गई थी। एएसजे सतीश दुग्गल की अदालत ने तथ्यों के आधार पर आरोपी जींद बाईपास निवासी सतीश को नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले जाने के आरोप से बरी कर दिया।
अदालत में दाखिल आरोप पत्र के मुताबिक, सांपला के एक व्यक्ति ने जनवरी 2023 में शिकायत दी थी कि उसकी दो बेटी हैं। बड़ी बेटी शादीशुदा है जबकि 17 साल की छोटी बेटी घर पर थी। वह 20 अक्तूबर को किसी को बताए बगैर घर से चली गई। पुलिस ने अपहरण की एफआईआर दर्ज की।
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जांच की तो करीब तीन माह बाद युवती जींद बाईपास के नजदीक आरोपी सतीश के घर पर मिली। पुलिस ने युवती को देर रात होने के कारण बाल भवन में भेज दिया। बाद में काउंसिलिंग करवाकर परिजनों को सौंप दिया। साथ ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।
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अपहरण की धारा को बहला-फुसलाकर ले जाने की धारा में बदल दी। तभी से अदालत में आरोपी के खिलाफ केस चल रहा था। केस की सुनवाई के दौरान पीड़िता ने कोर्ट में कहा कि वह मर्जी से आरोपी के साथ गई थी। उसने आरोपी से शादी भी कर ली है।
पुलिस ने कोरे कागजात पर उसके हस्ताक्षर करवाए थे। आरोपी के तीन अन्य गवाहों ने भी बयान नहीं दिए। तथ्यों के आधार पर एएसजे सतीश दुग्गल की अदालत ने आरोपी को बरी कर दिया।