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Rohtak News: बाइक चालक की लापरवाही व तेजी से महिला की जान चली गई, उसे सुधार का मौका देना उचित नहीं

Sun, 29 Mar 2026 01:51 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sun, 29 Mar 2026 01:51 AM IST
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The woman lost her life due to the bike rider's carelessness and speeding; it is not appropriate to give him a chance to improve.

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माई सिटी रिपोर्टर
रोहतक। एएसजे रजनी यादव की अदालत का कहना है कि एक बाइक चालक की लापरवाही व तेजी से एक महिला की जान चली गई व उसकी बेटी घायल हो गई थी। आरोपी गिरावड़ गांव निवासी राजेश को प्रोबेशन एक्ट (छोटे अपराध पर सुधार) का लाभ देना उचित नहीं होगा। यह कहकर शुक्रवार को अदालत ने महम कोर्ट के निर्णय को बरकरार रखा और दोषी को दो साल कठोर कारावास की सुनाई।
गिरावड़ गांव निवासी सुमन ने 2016 में महम थाने में लिखाई एफआईआर में बताया कि वे छह बहन-भाई हैं। पिता श्रमिक के तौर पर काम करते हैं। सितंबर 2019 में वह मां माया, बहन मोनू व बहन पिंकी के साथ लकड़ी एकत्रित करने अजायब रोड पर गई थी।
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घर लौटते समय राशि वाले मंदिर के पास सड़क किनारे पेड़ के नीचे बैठकर आराम करने लगे। उसी समय अजायब की तरफ से गांव का की राजेश बाइक चलाकर तेजी से आया और उन्हें सीधी टक्कर मार दी। इसमें उन्हें व उनकी मां माया को चोटें आईं। हादसे के बाद वह मौके से बाइक लेकर भाग गया। हादसे में उनकी मां माया की माैत हो गई थी।
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हालांकि, उनकी बहन पिंकी ने बाइक का नंबर नोट कर लिया था। 2022 में महम कोर्ट ने आरोपी बाइक चालक राजेश को दोषी करार दिया। उसे 279 आईपीसी के तहत एक माह कठोर कारावास व एक हजार रुपये जुर्माना, 337 के तहत छह माह कठोर कारावास और 500 रुपये जुर्माना व धारा 304ए के तहत दो साल कठोर कारावास व एक हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी।

आरोपी ने सेशन कोर्ट में निचली कोर्ट के निर्णय को चुनौती दी। दोनों पक्षों की बहस के बाद शुक्रवार को एएसजे रजनी यादव की अदालत ने निर्णय सुनाते हुए कहा कि यह एक ऐसा मामला है जहां आरोपी की लापरवाही और तेजी से ड्राइविंग की वजह से एक महिला की जान चली गई और उसकी बेटी घायल हो गई।
ऐसे में आरोपी को प्रोबेशन एक्ट का लाभ देना उचित नहीं होगा। सजा की मात्रा भी उचित है। ऐसे में निचली अदालत का निर्णय बरकरार रहेगा।
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