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Rohtak News: हाइड्रा क्रेन के ड्राइवर से मालिक बनने के लिए की थी दोनों भाइयों की हत्या, आरोपी गिरफ्तार
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सिंहपुरा में भाइयों की हत्या का आरोपी जीआरपी की गिरफ्त में। अमर उजाला
हिसार रोड पर रहने वाले पंजाब के होशियारपुर जिले की तहसील मुकेरिया के गांव देपुर के दो सगे भाइयों सुखविंद्र (37) व सतेंद्र (30) की हत्या का खुलासा हो गया है। पुलिस ने हत्या करने वाले आरोपी उत्तर प्रदेश के संभल जिले के गांव जलालपुर निवासी 21 वर्षीय जयपाल को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया है कि वह पांच साल से ठेकेदार की हाइड्रा चला रहा है। अब मालिक बनने की चाह में षड्यंत्र रचा। योजना के तहत दो सगे भाइयों को रात के समय हिसार-जींद रोड के आउटर बाईपास पर बुलाया और एक-एक करके दोनों के सिर में कील जुड़ी लोहे की राड मारकर हत्या कर दी। हत्या को हादसा दिखाने के लिए दोनों के शवों को जींद-रोहतक रेलवे लाइन के ट्रैक पर डाल दिया। अब पुलिस मंगलवार को उसे अदालत में पेश कर रिमांड पर लेगी, ताकि हाइड्रा को बरामद किया जा सके।
जीआरपी के डीएसपी गुरदयाल सिंह ने बताया कि लंबे समय से रोहतक-जींद राष्ट्रीय राजमार्ग को फोरलेन बनाने का काम चल रहा है। आरोपी जयपाल पांच साल से ठेकेदार की हाइड्रा चला रहा था। अब वह चाहता था कि हाइड्रा अब उसकी होनी चाहिए। इसके लिए पंजाब के दो सगे भाइयों सुखविंद्र व सतेंद्र की हाइड्रा लूटने का प्लान बनाया। क्योंकि वह जानता था कि दोनों भाई पंजाब के रहने वाले हैं और रोहतक में उनकी खास जान-पहचान नहीं है। 23 दिसंबर की शाम को वह हिसार-जींद को मिलाने वाले आउटर बाईपास स्थित एक होटल पर पहुंचा। वहां अपने फोन से सुखविंद्र को कॉल की। कहा कि उसकी कार सड़क किनारे पलट गई है। दोनों के बीच 3 हजार में सौदा तय हुआ। दोनों भाई होटल पर हाइड्रा लेकर पहुंचे। जयपाल ने पहले दोनों भाइयों को चाय पिलाई। इसके बाद सुखविंद्र से कहा कि, एक बार रास्ता दिखाकर लाता हूं कि कहां कार पलटी हुई है। वह उसे सड़क किनारे ईंख के खेत के पास ले गया, जहां पर पहले से लोहे की राड छुपा रखी थी। जैसे ही सुखविंद रास्ता देखने लगा, तुरंत उसने रॉड से सिर में चार-पांच वार किए। इससे सुखविंद्र नीचे गिर गया और उसने दम तोड़ दिया। उसने नाले के अंदर शव को छुपा दिया। वहां से जयपाल दोबारा होटल पर पहुंचा और दूसरे भाई सतेंद्र से कहा कि एक बार रस्सी लेकर चल, ताकि गाड़ी से बांधकर हाइड्रा से उसे खींचा जा सके। सतेंद्र उसके साथ चल पड़ा। जैसे ही सड़क किनारे पर उतरा, पहले की तरह सतेंद्र के सिर पर भी उसी लोहे की राड से ताबड़तोड़ वार कर दिया। सतेंद्र ने भी मौके पर ही दम तोड़ दिया। दोनों भाइयों की हत्या करने के बाद वह वापस होटल पर पहुंचा और हाइड्रा लेकर आया। शवों को हाइड्रा के हुक से बांधकर रेलवे लाइन पर अलग-अलग ट्रैक पर डाल दिया।
हत्या के बाद आठ घंटे ली चैन की नींद, फिर छुट्टी लेकर चला गया घर
पुलिस के मुताबिक दोनों भाइयों की हत्या करने के बाद उनका और अपना मोबाइल फोन बंद कर दिया। साथ ही दोनों के पर्स निकाल लिए। जब वह ऐसा कर रहा था तो किसी ने उसका फोटो खींच लिया। कहीं फंस न जाए, लिए तत्काल हाइड्रा लेकर रोहतक-जींद रोड पर बन रहे आरओबी के ऊपर पहुंच गया। वहां पर हाइड्रा की नंबर प्लेट उखाड़ी और उसे आरओबी के उस हिस्से में खड़ा कर दिया, जहां किसी की नजर न पड़े। रात करीब डेढ़ बजे वह आरओबी पर ही बने झोपड़ीनुमा कमरे में सो गया। सुबह साढ़े आठ बजे उठा और ठेकेदार विशाल से कहा कि उसे अचानक घर जाना होगा। उसे छुट्टी चाहिए। 24 दिसंबर को दोपहर बाद करीब तीन बजे वह हाइड्रा लेकर यूपी के लिए रवाना हो गया। यमुनापार एक जगह हाइड्रा खड़ी करके वापस रोहतक आ गया।
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मोबाइल की आईडी खंगाली तो हाइड्रा चालक पर हुआ शक
पुलिस ने सबसे पहले उस मोबाइल नंबर की कॉल डिटेल खंगाली, जिससे सुखविंद्र के नंबर पर कॉल आई थी। पता चला कि यह नंबर यूपी के संभल का है। उसकी लोकेशन वारदात के समय घटनास्थल के आसपास थी। उससे पहले उसकी लोकेशन रोहतक-जींद रोड पर थी। इससे साफ था कि कॉल करने वाला यूपी का है, लेकिन लंबे समय से रोहतक में ही था। निर्माणाधीन आरओबी पर जाकर पुलिस ने पूछताछ की। जयपाल वहां नहीं मिला। इससे शक यकीन में बदल गया। पुलिस ने उसे योजना के तहत दबिश देकर काबू कर लिया। आरोपी के पास से हाइड्रा की नंबर प्लेट, मृतक सुखविंद्र का पर्स व अन्य सामान बरामद कर लिया।
जयपाल को पता था सुखविंद्र ने 21 लाख में खरीदी है हाइड्रा
जयपाल जब भिवानी रोड पर काम करता था, जब उसकी जान-पहचान सुखविंद्र से हुई थी। उसे पता था कि सुखविंद्र ने फरवरी में ही 21 लाख की नई हाइड्रा खरीदी है। ऐसे में उसने उसकी हाइड्रा को हासिल करने के लिए खौफनाक साजिश रची। एक सप्ताह पहले लोहे की राड पर पांच कील चार-चार इंच लंबी वेल्ड करवाई। उसके बाद योजना के तहत वारदात को अंजाम दिया।
यह था मामला
पंजाब निवासी गिरधारी लाल ने 24 दिसंबर को रेलवे पुलिस को बताया कि वह फौज से मेजर सूबेदार थे। उनके बेटे सुखविंदर व सतेंद्र आठ साल से रोहतक में रह रहे थे। साथ ही फरवरी 2022 में एक हाइड्रा क्रेन खरीदी थी। बड़ा बेटा क्रेन चलाता था, जबकि छोटा हेल्पर के तौर पर काम करता था। साथ ही श्यामलाल मार्केट में किराये पर कार्यालय खोल रखा है। शुक्रवार रात करीब आठ बजे सुखविंद्र के पास कॉल आई। कहा कि जींद रोड के नजदीक बाईपास पर सड़क किनारे कार पलट गई है। उसे निकलवाना है। सुखविंद्र ने 4 हजार रुपये मांगे, लेकिन 3 हजार में बात तय होने के बाद दोनों भाई क्रेन लेकर चले गए। सुबह पुलिस घर आई और बताया कि दोनों भाइयों की हत्या हो गई है। पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया था।
जयपाल ने वारदात को अकेले अंजाम दिया है। उससे हाइड्रा की नंबर प्लेट, मृतक का पर्स व अन्य सामान बरामद कर लिया है। उसे मंगलवार को अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा। -हरदयाल सिंह, डीएसपी जीआरपी
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जीआरपी के डीएसपी गुरदयाल सिंह ने बताया कि लंबे समय से रोहतक-जींद राष्ट्रीय राजमार्ग को फोरलेन बनाने का काम चल रहा है। आरोपी जयपाल पांच साल से ठेकेदार की हाइड्रा चला रहा था। अब वह चाहता था कि हाइड्रा अब उसकी होनी चाहिए। इसके लिए पंजाब के दो सगे भाइयों सुखविंद्र व सतेंद्र की हाइड्रा लूटने का प्लान बनाया। क्योंकि वह जानता था कि दोनों भाई पंजाब के रहने वाले हैं और रोहतक में उनकी खास जान-पहचान नहीं है। 23 दिसंबर की शाम को वह हिसार-जींद को मिलाने वाले आउटर बाईपास स्थित एक होटल पर पहुंचा। वहां अपने फोन से सुखविंद्र को कॉल की। कहा कि उसकी कार सड़क किनारे पलट गई है। दोनों के बीच 3 हजार में सौदा तय हुआ। दोनों भाई होटल पर हाइड्रा लेकर पहुंचे। जयपाल ने पहले दोनों भाइयों को चाय पिलाई। इसके बाद सुखविंद्र से कहा कि, एक बार रास्ता दिखाकर लाता हूं कि कहां कार पलटी हुई है। वह उसे सड़क किनारे ईंख के खेत के पास ले गया, जहां पर पहले से लोहे की राड छुपा रखी थी। जैसे ही सुखविंद रास्ता देखने लगा, तुरंत उसने रॉड से सिर में चार-पांच वार किए। इससे सुखविंद्र नीचे गिर गया और उसने दम तोड़ दिया। उसने नाले के अंदर शव को छुपा दिया। वहां से जयपाल दोबारा होटल पर पहुंचा और दूसरे भाई सतेंद्र से कहा कि एक बार रस्सी लेकर चल, ताकि गाड़ी से बांधकर हाइड्रा से उसे खींचा जा सके। सतेंद्र उसके साथ चल पड़ा। जैसे ही सड़क किनारे पर उतरा, पहले की तरह सतेंद्र के सिर पर भी उसी लोहे की राड से ताबड़तोड़ वार कर दिया। सतेंद्र ने भी मौके पर ही दम तोड़ दिया। दोनों भाइयों की हत्या करने के बाद वह वापस होटल पर पहुंचा और हाइड्रा लेकर आया। शवों को हाइड्रा के हुक से बांधकर रेलवे लाइन पर अलग-अलग ट्रैक पर डाल दिया।
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हत्या के बाद आठ घंटे ली चैन की नींद, फिर छुट्टी लेकर चला गया घर
पुलिस के मुताबिक दोनों भाइयों की हत्या करने के बाद उनका और अपना मोबाइल फोन बंद कर दिया। साथ ही दोनों के पर्स निकाल लिए। जब वह ऐसा कर रहा था तो किसी ने उसका फोटो खींच लिया। कहीं फंस न जाए, लिए तत्काल हाइड्रा लेकर रोहतक-जींद रोड पर बन रहे आरओबी के ऊपर पहुंच गया। वहां पर हाइड्रा की नंबर प्लेट उखाड़ी और उसे आरओबी के उस हिस्से में खड़ा कर दिया, जहां किसी की नजर न पड़े। रात करीब डेढ़ बजे वह आरओबी पर ही बने झोपड़ीनुमा कमरे में सो गया। सुबह साढ़े आठ बजे उठा और ठेकेदार विशाल से कहा कि उसे अचानक घर जाना होगा। उसे छुट्टी चाहिए। 24 दिसंबर को दोपहर बाद करीब तीन बजे वह हाइड्रा लेकर यूपी के लिए रवाना हो गया। यमुनापार एक जगह हाइड्रा खड़ी करके वापस रोहतक आ गया।
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मोबाइल की आईडी खंगाली तो हाइड्रा चालक पर हुआ शक
पुलिस ने सबसे पहले उस मोबाइल नंबर की कॉल डिटेल खंगाली, जिससे सुखविंद्र के नंबर पर कॉल आई थी। पता चला कि यह नंबर यूपी के संभल का है। उसकी लोकेशन वारदात के समय घटनास्थल के आसपास थी। उससे पहले उसकी लोकेशन रोहतक-जींद रोड पर थी। इससे साफ था कि कॉल करने वाला यूपी का है, लेकिन लंबे समय से रोहतक में ही था। निर्माणाधीन आरओबी पर जाकर पुलिस ने पूछताछ की। जयपाल वहां नहीं मिला। इससे शक यकीन में बदल गया। पुलिस ने उसे योजना के तहत दबिश देकर काबू कर लिया। आरोपी के पास से हाइड्रा की नंबर प्लेट, मृतक सुखविंद्र का पर्स व अन्य सामान बरामद कर लिया।
जयपाल को पता था सुखविंद्र ने 21 लाख में खरीदी है हाइड्रा
जयपाल जब भिवानी रोड पर काम करता था, जब उसकी जान-पहचान सुखविंद्र से हुई थी। उसे पता था कि सुखविंद्र ने फरवरी में ही 21 लाख की नई हाइड्रा खरीदी है। ऐसे में उसने उसकी हाइड्रा को हासिल करने के लिए खौफनाक साजिश रची। एक सप्ताह पहले लोहे की राड पर पांच कील चार-चार इंच लंबी वेल्ड करवाई। उसके बाद योजना के तहत वारदात को अंजाम दिया।
यह था मामला
पंजाब निवासी गिरधारी लाल ने 24 दिसंबर को रेलवे पुलिस को बताया कि वह फौज से मेजर सूबेदार थे। उनके बेटे सुखविंदर व सतेंद्र आठ साल से रोहतक में रह रहे थे। साथ ही फरवरी 2022 में एक हाइड्रा क्रेन खरीदी थी। बड़ा बेटा क्रेन चलाता था, जबकि छोटा हेल्पर के तौर पर काम करता था। साथ ही श्यामलाल मार्केट में किराये पर कार्यालय खोल रखा है। शुक्रवार रात करीब आठ बजे सुखविंद्र के पास कॉल आई। कहा कि जींद रोड के नजदीक बाईपास पर सड़क किनारे कार पलट गई है। उसे निकलवाना है। सुखविंद्र ने 4 हजार रुपये मांगे, लेकिन 3 हजार में बात तय होने के बाद दोनों भाई क्रेन लेकर चले गए। सुबह पुलिस घर आई और बताया कि दोनों भाइयों की हत्या हो गई है। पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया था।
जयपाल ने वारदात को अकेले अंजाम दिया है। उससे हाइड्रा की नंबर प्लेट, मृतक का पर्स व अन्य सामान बरामद कर लिया है। उसे मंगलवार को अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा। -हरदयाल सिंह, डीएसपी जीआरपी