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बारिश ने लौटाई किसानों के चेहरों की रौनक
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जून मध्य से भटके मानसून के बादल आखिरकार मंगलवार सुबह रोहतक पहुंच ही गए। लंबे इंतजार के बाद हुई बारिश ने किसानों के चेहरों की रौनक लौटा दी है। दो-तीन दिन लगातार बारिश होने की संभावना है, जो फसलों के लिए काफी फायदेमंद है।
जिले में ज्यादातर किसानों ने बारिश के इंतजार में धान की रोपाई ही नहीं की थी। जिले में अब तक सिर्फ 7710 हेक्टेयर क्षेत्र में धान की रोपाई हुई है, जबकि पिछले साल इस समय तक 13810 हेक्टेयर में धान की रोपाई हो चुकी थी। बारिश के साथ अब धान की रोपाई तेज होगी क्योंकि अब मजदूरों की भी किल्लत नहीं है। बारिश न होने से कपास की फसल को काफी नुकसान पहुंचा था लेकिन अब पानी मिलने से कपास उत्पादक किसानों को भी राहत मिलेगी। कपास के पौधे का विकास प्रभावित हो गया था। इसी तरह जिन किसानों ने धान की रोपाई कर दी थी, लेकिन बाद में बारिश न हुई, उनकी फसल पर बुरा प्रभाव पड़ेगा। उनके धान का उत्पादन इस बार कम हो जाएगा। बारिश से चारे की फसल को भी फायदा पहुंचेगा। खेतीबाड़ी विभाग के मुताबिक बाजरा की फसल 15 अगस्त तक लगानी होती है, तब तक किसानों को पर्याप्त पानी मिल जाएगा। ब्लॉक खेतीबाड़ी अधिकारी डॉ. अशोक कुमार ने कहा कि बारिश सभी फसलों के लिए अच्छी है, इससे किसानों को फायदा होगा। धान की रोपाई तेज हो जाएगी। हालांकि इस बार धान का रकबा घटने की उम्मीद है। बहुत से किसान ऐसे हैं जिन्होंने धान के बजाय इस बार कोई दूसरी फसल अपनाई है। राज्य सरकार की ओर से मेरा पानी, मेरी विरासत योजना के तहत जिले में दस हजार हेक्टेयर धान का रकबा कम करने का लक्ष्य दिया गया है। पिछले साल जिले में धान का कुल रकबा लगभग साठ हजार हेक्टेयर था।
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जिले में ज्यादातर किसानों ने बारिश के इंतजार में धान की रोपाई ही नहीं की थी। जिले में अब तक सिर्फ 7710 हेक्टेयर क्षेत्र में धान की रोपाई हुई है, जबकि पिछले साल इस समय तक 13810 हेक्टेयर में धान की रोपाई हो चुकी थी। बारिश के साथ अब धान की रोपाई तेज होगी क्योंकि अब मजदूरों की भी किल्लत नहीं है। बारिश न होने से कपास की फसल को काफी नुकसान पहुंचा था लेकिन अब पानी मिलने से कपास उत्पादक किसानों को भी राहत मिलेगी। कपास के पौधे का विकास प्रभावित हो गया था। इसी तरह जिन किसानों ने धान की रोपाई कर दी थी, लेकिन बाद में बारिश न हुई, उनकी फसल पर बुरा प्रभाव पड़ेगा। उनके धान का उत्पादन इस बार कम हो जाएगा। बारिश से चारे की फसल को भी फायदा पहुंचेगा। खेतीबाड़ी विभाग के मुताबिक बाजरा की फसल 15 अगस्त तक लगानी होती है, तब तक किसानों को पर्याप्त पानी मिल जाएगा। ब्लॉक खेतीबाड़ी अधिकारी डॉ. अशोक कुमार ने कहा कि बारिश सभी फसलों के लिए अच्छी है, इससे किसानों को फायदा होगा। धान की रोपाई तेज हो जाएगी। हालांकि इस बार धान का रकबा घटने की उम्मीद है। बहुत से किसान ऐसे हैं जिन्होंने धान के बजाय इस बार कोई दूसरी फसल अपनाई है। राज्य सरकार की ओर से मेरा पानी, मेरी विरासत योजना के तहत जिले में दस हजार हेक्टेयर धान का रकबा कम करने का लक्ष्य दिया गया है। पिछले साल जिले में धान का कुल रकबा लगभग साठ हजार हेक्टेयर था।
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