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Rohtak News: पीजीआई में आज जांच तो फरवरी में होगी एमआरआई
Wed, 12 Nov 2025 02:32 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Wed, 12 Nov 2025 02:32 AM IST
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07...अंकुश
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहतक। पीजीआई में अगर किसी मरीज को आज एमआरआई करानी है तो उसे फरवरी तक की तारीख दी जा रही है। ऐसे में मरीज जेब से पैसे खर्च कर संस्थान से बाहर एमआरआई करने को मजबूर हैं। इतना ही नहीं, जिन मरीजों ने इंतजार के बाद एमआरआई कराई तो अब उनको रिपोर्ट भी समय पर नहीं मिल रही है।
रेडियोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. ज्योत्सना का कहना है कि विभाग डॉक्टरों की कमी से जूझ रहा है। एमआरआई के लिए दो मशीनें हैं। एक मशीन 20 साल पुरानी तो दूसरी को भी दस साल होने वाले हैं। इससे बार-बार मशीनें खराब हो जाती हैं। इनकी मरम्मत कराकर काम चलाया जा रहा है।
मंगलवार को जब टीम पड़ताल के लिए पहुंची तो मरीजों ने अपनी पीड़ा बताई। रोहतक से एमआरआई कराने आई एक महिला ने बताया कि तीन माह पहले इसकी तारीख मिली थी।
अब पीजीआई आए तो एक मशीन खराब बता रहे हैं। ऐसे में परेशानी हो रही है। इस कारण कई मरीज वापस चले गए हैं। पीजीआई में बीपीएल परिवारों की एमआरआई की निशुल्क सुविधा है।
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रिपोर्ट के लिए छह घंटे करना पड़ा इंतजार
पीजीआई में मंगलवार को झज्जर निवासी अंकुश अपनी मां की एमआरआई की रिपोर्ट लेने पहुंचा था। कहा, मैं इसके लिए सुबह 8 बजे से यहां बैठा हूं। दोपहर के 2 बज चुके हैं लेकिन अब तक रिपोर्ट नहीं मिल पाई है।
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विभाग डॉक्टरों की कमी से जूझ रहा है। एमआरआई के लिए दो मशीनें हैं। एक मशीन 20 साल पुरानी है तो दूसरी को भी 10 साल होने वाले हैं। बार-बार मशीनें खराब हो जाती हैं। इनको ठीक करने के लिए इंजीनियर को बुलाया गया है।
- डॉ. ज्योत्सना, विभागाध्यक्ष रेडियोलॉजी, पीजीआई
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रोहतक। पीजीआई में अगर किसी मरीज को आज एमआरआई करानी है तो उसे फरवरी तक की तारीख दी जा रही है। ऐसे में मरीज जेब से पैसे खर्च कर संस्थान से बाहर एमआरआई करने को मजबूर हैं। इतना ही नहीं, जिन मरीजों ने इंतजार के बाद एमआरआई कराई तो अब उनको रिपोर्ट भी समय पर नहीं मिल रही है।
रेडियोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. ज्योत्सना का कहना है कि विभाग डॉक्टरों की कमी से जूझ रहा है। एमआरआई के लिए दो मशीनें हैं। एक मशीन 20 साल पुरानी तो दूसरी को भी दस साल होने वाले हैं। इससे बार-बार मशीनें खराब हो जाती हैं। इनकी मरम्मत कराकर काम चलाया जा रहा है।
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मंगलवार को जब टीम पड़ताल के लिए पहुंची तो मरीजों ने अपनी पीड़ा बताई। रोहतक से एमआरआई कराने आई एक महिला ने बताया कि तीन माह पहले इसकी तारीख मिली थी।
अब पीजीआई आए तो एक मशीन खराब बता रहे हैं। ऐसे में परेशानी हो रही है। इस कारण कई मरीज वापस चले गए हैं। पीजीआई में बीपीएल परिवारों की एमआरआई की निशुल्क सुविधा है।
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रिपोर्ट के लिए छह घंटे करना पड़ा इंतजार
पीजीआई में मंगलवार को झज्जर निवासी अंकुश अपनी मां की एमआरआई की रिपोर्ट लेने पहुंचा था। कहा, मैं इसके लिए सुबह 8 बजे से यहां बैठा हूं। दोपहर के 2 बज चुके हैं लेकिन अब तक रिपोर्ट नहीं मिल पाई है।
विभाग डॉक्टरों की कमी से जूझ रहा है। एमआरआई के लिए दो मशीनें हैं। एक मशीन 20 साल पुरानी है तो दूसरी को भी 10 साल होने वाले हैं। बार-बार मशीनें खराब हो जाती हैं। इनको ठीक करने के लिए इंजीनियर को बुलाया गया है।
- डॉ. ज्योत्सना, विभागाध्यक्ष रेडियोलॉजी, पीजीआई

07...अंकुश