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Rohtak News: सास ने तैयार की बगिया, बहू बढ़ा रही आभा
Mon, 22 Dec 2025 02:10 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Mon, 22 Dec 2025 02:10 AM IST
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11.. सुभाष नगर स्थित घर के आंगन में बगिया के पौधों की देखभाल करती आभा राणा। संवाद
रोहतक। सुभाष नगर की रहने वाली गृहिणी आभा राणा का घर अंदर से ही नहीं बल्कि बाहर से भी हरा-भरा नजर आता है। घर के बाहर से लेकर आंगन, सीढि़यों व छत तक हरियाली ही हरियाली है।
प्रकृति से उनके जुड़ाव का हर कोई कायल है और उनकी बगिया की सराहना करता है।
बल्लभगढ़ में जन्मी आभा बताती हैं कि 40 साल पहले उनकी शादी रोहतक के सुभाष नगर निवासी अधिवक्ता वीरेंद्र सिंह राणा से हुई थी। उस समय सास चांद कौर राणा ने आंगन में 50 गमलों की छोटी सी बगिया बनाई हुई थी।
स्नातक पास आभा काफी समय तक हिमाचल प्रदेश के शिमला में रह चुकी हैं। उनको हरा-भरा वातावरण पसंद है। प्रकृति से इसी जुड़ाव के चलते उन्होंने 30 साल पहले इस बगिया को विस्तार देने शुरू किया। इसमें पति वीरेंद्र ने भी उनका साथ दिया।
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वे जब भी शहर से बाहर जाती हैं तो कोई न कोई पौधा लेकर आती हैं। वे रोहतक के अलावा, पानीपत, साेनीपत, यमुनानगर, गुरुग्राम, दिल्ली आदि स्थानों की नर्सरियों से पौधे ला चुकी हैं।
बगिया से भावनात्मक जुड़ाव, पति वीरेंद्र ने 58 साल पहले लगाया था पौधा : आभा के अनुसार पौधों से उनका केवल लगाव ही नहीं बल्कि भावनात्मक जुड़ाव भी है। इसी बगिया में पति वीरेंद्र सिंह ने लगभग 58 साल पहले यानी जब वे 10 वर्ष के थे तो एक जेड प्लांट लगाया था। वह पौधा आज भी सुरक्षित है।
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प्रकृति से उनके जुड़ाव का हर कोई कायल है और उनकी बगिया की सराहना करता है।
बल्लभगढ़ में जन्मी आभा बताती हैं कि 40 साल पहले उनकी शादी रोहतक के सुभाष नगर निवासी अधिवक्ता वीरेंद्र सिंह राणा से हुई थी। उस समय सास चांद कौर राणा ने आंगन में 50 गमलों की छोटी सी बगिया बनाई हुई थी।
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स्नातक पास आभा काफी समय तक हिमाचल प्रदेश के शिमला में रह चुकी हैं। उनको हरा-भरा वातावरण पसंद है। प्रकृति से इसी जुड़ाव के चलते उन्होंने 30 साल पहले इस बगिया को विस्तार देने शुरू किया। इसमें पति वीरेंद्र ने भी उनका साथ दिया।
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वे जब भी शहर से बाहर जाती हैं तो कोई न कोई पौधा लेकर आती हैं। वे रोहतक के अलावा, पानीपत, साेनीपत, यमुनानगर, गुरुग्राम, दिल्ली आदि स्थानों की नर्सरियों से पौधे ला चुकी हैं।
बगिया से भावनात्मक जुड़ाव, पति वीरेंद्र ने 58 साल पहले लगाया था पौधा : आभा के अनुसार पौधों से उनका केवल लगाव ही नहीं बल्कि भावनात्मक जुड़ाव भी है। इसी बगिया में पति वीरेंद्र सिंह ने लगभग 58 साल पहले यानी जब वे 10 वर्ष के थे तो एक जेड प्लांट लगाया था। वह पौधा आज भी सुरक्षित है।

11.. सुभाष नगर स्थित घर के आंगन में बगिया के पौधों की देखभाल करती आभा राणा। संवाद