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आश्वासन को बीते पांच दिन, जांच अधिकारी तय न टीम, कैसे हो हाउस की मीटिंग

Wed, 06 Oct 2021 12:39 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 06 Oct 2021 12:39 AM IST
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The last five days to the assurance, the investigating officer has not decided the team, how is the meeting of the house
नगर निगम हाउस की मीटिंग दीपोत्सव से पहले होने की उम्मीद नहीं है। इसकी वजह, पार्षदों के आरोपों की जांच अभी तक शुरू न होना है। पांच दिन बीत गए मगर न जांच अधिकारी नियुक्त हुआ है और न ही टीम बनी है।
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मामले में निगम आयुक्त डॉ. नरहरि बांगड़ का कहना है कि जांच की मांग पार्षदों ने की है, इसलिए मेयर बताएंगे कि जांच अधिकारी कौन होगा? टीम में कौन-कौन शामिल होंगे? जब तक टीम और जांच अधिकारी तय नहीं होंगे तब तक जांच नहीं हो सकती।
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वहीं, मेयर मनमोहन गोयल का कहना है कि जब तक पार्षद संतुष्ट नहीं होंगे तब तक हाउस की मीटिंग बुलाने का कोई औचित्य नहीं है। पार्षदों के आरोपों की जांच होगी। जांच के बाद दोषियों पर कार्रवाई के लिए रिपोर्ट मुख्यालय भेजी जाएगी। मुख्यालय से कार्रवाई होने के बाद ही सदन बुलाया जा सकेगा।
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नगर निगम हाउस की 28 सितंबर को बुलाई गई मीटिंग पार्षदों के भ्रष्टाचार के आरोपों की वजह से स्थगित हो गई थी। पार्षदों ने निगम परिसर में धरना-प्रदर्शन किया, जिस पर 30 सितंबर को पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर, भाजपा जिलाध्यक्ष अजय बंसल, मेयर मनमोहन गोयल, ज्वाइंट कमिश्नर ने जांच कर दोषियों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया था। इसके बाद पार्षदों का धरना खत्म हुआ था। मेयर ने बताया था कि पार्षदों के आरोपों की जांच के बाद दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी। जांच रिपोर्ट से पार्षदों को अवगत करा मुख्यालय कार्रवाई के लिए भेजी जाएगी।
दो पार्षदों के साथ होने वाली जांच भी शुरू नहीं
नगर निगम में गलत तरीके से प्रॉपर्टी आईडी, एनडीसी व नक्शा जारी करने के आरोपों की जांच नगर निगम के अधिकारियों को पार्षद सुनील और पार्षद राहुल देशवाल की मौजूदगी में करनी थी। हैरानी की बात है कि पांच दिन बीत गए मगर अभी तक जांच शुरू नहीं हुई है।

पार्षदों की इन मांगों पर बनी थी सहमति
1- अमरूत योजना के कामों की डिटेल से जांच होगी। अधिकारी व ठेकेदारों को बुलाया जाएगा।
2- गलत तरीके से प्रॉपर्टी आईडी, एनडीसी, नक्शा पास करने की जांच होगी। जांच टीम में आरोप लगाने वाले दो पार्षद, अधिकारी व तकनीकी जानकार होंगे।
3. सड़कों के बनाने और मरम्मत पर हुए खर्चों के ब्योरे की बिंदुवार जांच होगी।
4. सेक्टरों में सीवरेज व स्ट्रॉम वाटर समस्या के लिए हुडा व निगम अधिकारी बैठक करके निदान करेंगे।
5. महिला कर्मियों के मामले की जांच होगी। दबाव बनाकर की गई पुष्टि पर कार्रवाई होगी।
6. वार्डों में हुए कामों की डिटेल रिपोर्ट तैयार होगी, जो पार्षदों को मुहैया कराई जाएगी।
अमरूत योजना के तहत कामों का लेखा जोखा तैयार
नगर निगम ने अमरूत योजना के तहत वार्डों में हुए पेयजल व सीवर लाइन के कामों का पूरा ब्योरा तैयार कर लिया गया है, जिस पर मंगलवार को निगम आयुक्त ने अधीनस्थों संग मंथन किया। दोपहर एक बजे चुनिंदा तीन पार्षदों को कार्यालय में बुलाकर तैयार ब्योरा दिखाया गया।
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