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Rohtak News: नागरिक अस्पताल में लैब बंद, निजी लैब संचालक कर रहे मनमानी
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19जेएनडी12: नागरिक अस्पताल की लैब के बाहर से महिला के रक्त के सैंपल लेते हुए निजी लैब का कर्मी।
जींद। नागरिक अस्पताल में लैब की व्यवस्था गड़बड़ाने के बाद अस्पताल प्रशासन की लापरवाही सामने आ गई है। दो दिन लैब बंद होने और अब तक सभी जांच मशीन नहीं चलने के कारण मरीज परेशान हैं।
निजी लैब संचालक अस्पताल परिसर में खुलेआम मनमानी कर रहे हैं। बिना किसी सुरक्षा मानकों के मरीजों के खून के सैंपल लिए जा रहे हैं जो न केवल स्वास्थ्य नियमों का उल्लंघन है बल्कि संक्रमण फैलने का भी खतरा है।
शनिवार को अस्पताल में रक्त जांच मशीन के तार चूहों ने काट दिए थे। इससे जांच लैब पूरी तरह ठप हो गई थी। वहीं तीन प्रमुख जांच मशीनें रीजेंट उपलब्ध न होने के कारण पहले से ही बंद पड़ी थीं। तकनीकी खराबी और प्रशासनिक लापरवाही दोनों के चलते अस्पताल की लैब व्यवस्था पहले ही खराब थी। रक्त जांच मशीनें बंद होने से अस्पताल में आने वाले सैंकड़ों मरीजों को निजी लैब का सहारा लेना पड़ा।
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नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन औसतन 1500 मरीज ओपीडी में पहुंचते हैं। इनमें से करीब 600 मरीजों की विभिन्न प्रकार की जांच की आवश्यकता होती है।
सोमवार को स्थिति संभालने के लिए अस्पताल प्रशासन ने ब्लड बैंक से एक सीबीसी मशीन मंगवाकर वैकल्पिक व्यवस्था शुरू की। सामान्य जांच तो किसी तरह हो सकीं लेकिन गंभीर और विशेष बीमारियों से संबंधित जांच अब भी बंद हैं।
अस्पताल में रक्त जांच बंद होने से निजी लैब संचालक अस्पताल परिसर और आसपास मंडराते नजर आ रहे हैं। यह संचालक न तो किसी निर्धारित स्थान पर सैंपल ले रहे हैं और न ही किसी प्रकार की स्वच्छता या सुरक्षा का ध्यान रख रहे हैं। कई मामलों में मरीजों के वार्ड से तो कई बार खुले में ही खड़े होकर खून और अन्य सैंपल लिए जा रहे हैं। बिना दस्ताने, बिना सेनिटाइजेशन और बिना किसी सुरक्षित व्यवस्था के सैंपल भरना न केवल गैरकानूनी है, बल्कि मरीजों और स्टाफ दोनों के लिए गंभीर खतरा भी है।
अस्पताल प्रशासन नहीं कर रहा कार्रवाई
अस्पताल प्रशासन इस मामले से अवगत होने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहा। न तो निजी लैब संचालकों पर रोक लगाई गई और न ही अस्पताल परिसर में सैंपल लेने की इस अवैध प्रक्रिया को बंद कराया गया।
वर्जन
बंद पड़ी मशीनों के लिए रीजेंट मंगवाने के लिए एस्टीमेट बनाकर उच्चाधिकारियों को भेज दिया गया है। जब तक रीजेंट नहीं आते तब तक एक मशीन चलाई जा रही है। आगामी दो दिन में सभी मशीन चलाई जाएंगी। अगर अस्पताल में लैब के बाहर कोई निजी लैब का कर्मी सैंपल लेकर जाता है तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। -डॉ. रघुवीर पूनिया, पीएमओ नागरिक अस्पताल जींद।
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निजी लैब संचालक अस्पताल परिसर में खुलेआम मनमानी कर रहे हैं। बिना किसी सुरक्षा मानकों के मरीजों के खून के सैंपल लिए जा रहे हैं जो न केवल स्वास्थ्य नियमों का उल्लंघन है बल्कि संक्रमण फैलने का भी खतरा है।
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शनिवार को अस्पताल में रक्त जांच मशीन के तार चूहों ने काट दिए थे। इससे जांच लैब पूरी तरह ठप हो गई थी। वहीं तीन प्रमुख जांच मशीनें रीजेंट उपलब्ध न होने के कारण पहले से ही बंद पड़ी थीं। तकनीकी खराबी और प्रशासनिक लापरवाही दोनों के चलते अस्पताल की लैब व्यवस्था पहले ही खराब थी। रक्त जांच मशीनें बंद होने से अस्पताल में आने वाले सैंकड़ों मरीजों को निजी लैब का सहारा लेना पड़ा।
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नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन औसतन 1500 मरीज ओपीडी में पहुंचते हैं। इनमें से करीब 600 मरीजों की विभिन्न प्रकार की जांच की आवश्यकता होती है।
सोमवार को स्थिति संभालने के लिए अस्पताल प्रशासन ने ब्लड बैंक से एक सीबीसी मशीन मंगवाकर वैकल्पिक व्यवस्था शुरू की। सामान्य जांच तो किसी तरह हो सकीं लेकिन गंभीर और विशेष बीमारियों से संबंधित जांच अब भी बंद हैं।
अस्पताल में रक्त जांच बंद होने से निजी लैब संचालक अस्पताल परिसर और आसपास मंडराते नजर आ रहे हैं। यह संचालक न तो किसी निर्धारित स्थान पर सैंपल ले रहे हैं और न ही किसी प्रकार की स्वच्छता या सुरक्षा का ध्यान रख रहे हैं। कई मामलों में मरीजों के वार्ड से तो कई बार खुले में ही खड़े होकर खून और अन्य सैंपल लिए जा रहे हैं। बिना दस्ताने, बिना सेनिटाइजेशन और बिना किसी सुरक्षित व्यवस्था के सैंपल भरना न केवल गैरकानूनी है, बल्कि मरीजों और स्टाफ दोनों के लिए गंभीर खतरा भी है।
अस्पताल प्रशासन नहीं कर रहा कार्रवाई
अस्पताल प्रशासन इस मामले से अवगत होने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहा। न तो निजी लैब संचालकों पर रोक लगाई गई और न ही अस्पताल परिसर में सैंपल लेने की इस अवैध प्रक्रिया को बंद कराया गया।
वर्जन
बंद पड़ी मशीनों के लिए रीजेंट मंगवाने के लिए एस्टीमेट बनाकर उच्चाधिकारियों को भेज दिया गया है। जब तक रीजेंट नहीं आते तब तक एक मशीन चलाई जा रही है। आगामी दो दिन में सभी मशीन चलाई जाएंगी। अगर अस्पताल में लैब के बाहर कोई निजी लैब का कर्मी सैंपल लेकर जाता है तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। -डॉ. रघुवीर पूनिया, पीएमओ नागरिक अस्पताल जींद।

19जेएनडी12: नागरिक अस्पताल की लैब के बाहर से महिला के रक्त के सैंपल लेते हुए निजी लैब का कर्मी।