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Rohtak News: आदर्श गांव मोखरा में पीने का पानी भी नसीब नहीं, टैंकरों से बुझा रहे प्यास

Sun, 10 May 2026 02:45 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक Updated Sun, 10 May 2026 02:45 AM IST
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The ideal village of Mokhra doesn't even have drinking water, and people are quenching their thirst with tankers.
25-सुरेश कुमार
अभिषेक कीरत
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रोहतक। खिलाड़ियों और सैनिकों की भूमि से मशहूर गांव मोखरा के निवासियों को निशुल्क पीने का पानी तक नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में ग्रामीण अपनी और पशुओं की प्यास बुझाने के लिए टैंकर मंगवाने को मजबूर हैं। ग्रामीणों को हर माह तीन से चार हजार रुपये का पानी खरीदकर पीना पड़ रहा है। रोजाना गांव में 50 टैंकर पहुंचते हैं।
गांव में दो जलघर हैं। इनसे सप्लाई का पानी खारा व खराब आता है। ग्रामीणों का कहना है कि इस पानी को पशु भी नहीं पी सकते। नहरों से भी जलापूर्ति नहीं पा रही है। हफ्ते में मुश्किल से तीन बार ही नहर में पानी आता है। ऐसे में मजबूरन टैंकर का सहारा लेना पड़ता है। संवाद
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ये बोले ग्रामीण
कई बार सप्लाई में जो पानी आता है, उसको पशुओं को भी नहीं पिला सकते। 15 दिन से तो सप्लाई में पानी आया ही नहीं। जिम्मेेदार अफसर असल समस्या भी नहीं बताते। टैंकर मंगवाकर गुजारा करना पड़ रहा है। हर माह तीन से चार हजार खर्च हो जाते हैं। पिछले दो साल से यह समस्या बनी हुई है।
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- राजा, ग्रामीण
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पीने के पानी की सुविधा ही ठप पड़ी है। चार पंचायतों के साथ बड़े गांवों में मोखरा का नाम शामिल है। पानी की सप्लाई नहीं आ रही है। खराब पानी आता है। नहर में रोजाना पानी आता ही नहीं है। टैंकर से पानी मंगाकर प्यास बुझा रहे हैं।
- सुरेश कुमार, ग्रामीण
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हुड्डा सरकार ने गांव को आदर्श घोषित किया था। आज आदर्श गांव के लोगों को सरकार निशुल्क पानी तक नहीं मिल रहा। टैंकर मंगाकर का चलाया जा रहा है। प्रशासन को इस तरफ ध्यान देना चाहिए।
- रविंद्र कुमार, ग्रामीण
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सप्लाई में खराब व खारा पानी आता है। कभी-कभी वो भी नहीं आता है। नहर में भी हफ्ते में तीन दिन पानी आता है। हर महीने तीन से चार हजार रुपये इसमें ही खर्च हो जाते हैं।
- विशेष मलिक, ग्रामीण
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हुड्डा सरकार ने आदर्श गांव घोषित किया था। आज यहां के लोगों को पानी तक नहीं मिल पा रहा है। शर्म की बात है खरीदकर पानी पी रहे हैं। प्रशासन निशुल्क पानी तक नहीं दे पा रहा है।

- दर्शन, मोखरा
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करीब दो साल से पीने की पानी की समस्या बनी हुई है। सप्लाई में खारा पानी आता है। नहरें भी कभी आती हैंए कभी नहीं। ऐसे में टैंकर ही सहारा बने हुए हैं। प्रशासन को इस पर ध्यान देना चाहिए।
- श्रवण, सरपंच प्रतिनिधि, मोखरा
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अगर सप्लाई में खारा पानी पहुंच रहा है तो जांच कराएंगे। इसका समाधान कराया जाएगा। इसके लिए बजट की जरूरत पड़ी तो जारी किया जाएगा।
- संदीप कुमार, एक्सईएन, जन स्वास्थ्य विभाग रोहतक

25-सुरेश कुमार

25-सुरेश कुमार

25-सुरेश कुमार

25-सुरेश कुमार

25-सुरेश कुमार

25-सुरेश कुमार

25-सुरेश कुमार

25-सुरेश कुमार

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