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डूबने से बचाने का पैसा मांग रही सरकार, फर्जी बिल रद्द किए जाएं : दीपेंद्र हुड्डा
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रोहतक। कांग्रेस के लोकसभा सांसद दीपेंद्र हुड्डा का कहना है कि सरकार ग्रामीणों से डूबने से बचाने का भी पैसा मांग रही है। कलानौर हलके के गांव जिंदरान, मसूदपुर, लाहली, आंवल, निगाना व बसाना सहित अन्य की पंचायतों को बिल भेजकर लाखों रुपये के मांगे गए हैं।
उधर ग्रामीण कहते हैं कि पंप सेट लगाए ही नहीं गए। हुड्डा ने पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है। सांसद ने जारी बयान में आरोप लगाया है कि हर साल बारिश के मौसम में जलभराव से जूझने वाली ग्राम पंचायतों और ग्रामीण जनता को राहत देने की सरकार जलनिकासी के नाम पर फर्जी पंपसेट दिखाकर ग्राम पंचायतों का आर्थिक दोहन करने की कोशिश कर रही है।
कलानौर खंड की ग्राम पंचायत जिंदरान के सरपंच पुष्पदीप चौहान ने बताया है कि मसूदपुर, लाहली, आंवल, निगाना, जिंदरान और बसाना की पंचायत को जल निकासी के नाम पर पंपसेट किराये के लाखों रुपये के बिल भेजे गए हैं।
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सांसद का कहना है कि यह सरासर ग्रामीणों की आंखों में धूल झोंकना है। यह कोई लापरवाही नहीं, बल्कि सुनियोजित वसूली और प्रशासनिक मनमानी का जीता जागता उदाहरण है। सरकार दोषी अधिकारियों व ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे।
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उधर ग्रामीण कहते हैं कि पंप सेट लगाए ही नहीं गए। हुड्डा ने पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है। सांसद ने जारी बयान में आरोप लगाया है कि हर साल बारिश के मौसम में जलभराव से जूझने वाली ग्राम पंचायतों और ग्रामीण जनता को राहत देने की सरकार जलनिकासी के नाम पर फर्जी पंपसेट दिखाकर ग्राम पंचायतों का आर्थिक दोहन करने की कोशिश कर रही है।
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कलानौर खंड की ग्राम पंचायत जिंदरान के सरपंच पुष्पदीप चौहान ने बताया है कि मसूदपुर, लाहली, आंवल, निगाना, जिंदरान और बसाना की पंचायत को जल निकासी के नाम पर पंपसेट किराये के लाखों रुपये के बिल भेजे गए हैं।
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सांसद का कहना है कि यह सरासर ग्रामीणों की आंखों में धूल झोंकना है। यह कोई लापरवाही नहीं, बल्कि सुनियोजित वसूली और प्रशासनिक मनमानी का जीता जागता उदाहरण है। सरकार दोषी अधिकारियों व ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे।