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पांच दिन का कठिन सफर तय कर यूक्रेन से वतन पहुंची छात्रा

Thu, 03 Mar 2022 02:35 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 03 Mar 2022 02:35 AM IST
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The girl student reached home from Ukraine after traveling a difficult five-day journey
बुलगारिया से रोहतक के दिल्ली बाईपास पहुंची निशू, शानू और अंशुल के साथ निशु के परिवार के सदस्य।। अ?
रोहतक। रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध के दौरान बिगड़े हालात के बीच भारतीय छात्रों की वतन वापसी जारी है। दिसंबर 2020 में यूक्रेन स्थित विन्नीसिया नेशनल पिरोगोव मेडिकल यूनिवर्सिटी में मेडिकल शिक्षा के लिए गई डीएलएफ कॉलानी की निशु धनखड़ पांच दिन का कठिन सफर तय कर आखिरकार बुधवार को सुबह अपने घर सुरक्षित पहुंच गई। 21 वर्षीय छात्रा भले ही अपने घर आ गई है, लेकिन उसे चिंता रूसी सीमा के नजदीक खारकीव में मेडिकल शिक्षा के लिए गए विद्यार्थियों की है। क्योंकि रूस की सीमा के नजदीक होने के कारण यहां कभी भी कुछ भी हो सकता है। छात्रा ने भारत सरकार से अपील की है कि वहां रह रहे मेडिकल छात्रों को जल्द निकाला जाए। इसमें हरियाणा व रोहतक के भी विद्यार्थी हैं।
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निशू धनखड़ ने बताया कि वह विन्नीसिया नेशनल पिरोगोव मेडिकल यूनिवर्सिटी में एमडी फिजिशियन सेकेंड ईयर में हैं। शुरुआत में कोरोना संक्रमण आ गया तो सारी कक्षाएं ऑनलाइन हो गई। अब युद्ध शुरू हो गया, पढ़ाई का बहुत नुकसान हो रहा है। इसके चलते वह अक्तूबर 2021 में भारत आई थी। छात्रा ने बताया कि वह 26 फरवरी को विन्नीसिया से चली। आठ दस किलोमीटर पैदल चल कर वह मुश्किल से कठिन परिस्थितियों में रोमानिया सीमा पर पहुंचे। यहां से रोमानिया के बूचारेस्ट एयरपोर्ट बस में गए। रोमानिया में लोगों का व्यवहार काफी अच्छा रहा, उन्होंने खाने-पीने, ओढ़ने को कंबल आदि की मदद दी। वापसी की टिकट रतन टाटा की ओर से थी। वह अपने हॉस्टल में रहती थी। अभी वहां कोई विद्यार्थी नहीं है। लेकिन रोमानिया सीमा पर बहुत सारे विद्यार्थी हैं जोकि फ्लाइट का इंतजार कर रहे हैं। यहां हवाई हमले का अधिक डर था। यहां बता दिया गया था कि जब भी सायरन बजे तो बेसमेंट में चले जाना। फिलहाल विवि बंद होने से पढ़ाई दो सप्ताह के लिए रुक गई है। 12 मार्च को कक्षाएं फिर शुरू करने की बात कही गई है। यदि कक्षाएं शुरू होंगी तो फिर जाएंगे, पढ़ाई तो करनी ही है। यूक्रेन के लोग बहुत अच्छे हैं, यहां आने के बाद उनके फोन आ रहे हैं और हालचाल पूछ रहे हैं। भारत सरकार को रूस की सरकार से बात करनी चाहिए। उनके साथ फ्लाइट में 20 से 25 विद्यार्थी हरियाणा के आए हैं। रोहतक से वह अकेली थी। उसके साथ नरवाना की सानू और जींद की अंशुल के अलावा पलवल से एक लड़का भी आया है। सरकार को चाहिए कि वह अधिक फ्लाइट भेजे और सभी को बुला ले।
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