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प्रॉपर्टी टैक्स की कम हुई वसूली तो निगम ने सितंबर तक बढ़ाई छूट की अवधि

Fri, 23 Jul 2021 01:42 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 23 Jul 2021 01:42 AM IST
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The corporation extended the exemption period till September if the recovery of property tax decreased
नगर निगम की आय का प्रमुख स्रोत एक लाख 88 हजार भवनों का प्रॉपर्टी टैक्स है। चालू वित्तीय वर्ष में 50 करोड़ रुपये प्रॉपर्टी टैक्स वसूली का लक्ष्य तय किया गया, जो कोरोना के कारण काफी पिछड़ गया है। वित्तीय वर्ष के 83 दिन में करीब तीन करोड़ टैक्स ही जमा हुआ है, जबकि गत वर्ष आठ करोड़ से ज्यादा टैक्स जमा हुआ था। 54 फीसदी वसूली कम होने से निगम की आर्थिक स्थिति बिगड़ती जा रही है। इसके कारण अधिकारियों का पूरा फोकस ज्यादा से ज्यादा प्रॉपर्टी टैक्स जमा करवाने पर है।
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वहीं, नगर निगम की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए शासन स्तर से 30 जुलाई तक मिलने वाली छूट सितंबर तक बढ़ा दी गई है। मुख्य कराधान अधिकारी जगदीश शर्मा ने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष का प्रॉपर्टी टैक्स देय तिथि तक जमा करने पर 10 फीसदी छूट मिल रही है। इसके अलावा 25 फीसदी की विशेष छूट मिल रही है। ये छूट कुल देय बिल पर करीब 35 फीसदी है। अभी तक 30 जुलाई तक छूट का प्रावधान था, जो सितंबर तक बढ़ा दिया गया है।
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नगर निगम क्षेत्र में 1,88,128 भवन बने हुए हैं, जिनसे प्रॉपर्टी टैक्स की वसूली होती है। यह टैक्स नगर निगम की आय का प्रमुख स्रोत है। कोरोना महामारी की पहली लहर में निगम सभी प्रॉपर्टी से टैक्स की वसूली नहीं कर सका मगर स्थिति काफी संतोषजनक रही। चालू वित्तीय वर्ष में निगम प्रशासन ने 50 करोड़ रुपये प्रॉपर्टी टैक्स वसूलने का लक्ष्य रखा। निगम ने टीमें भी लगाई गई मगर वीरवार तक टैक्स की वसूली काफी निराशाजनक है, जो गत वर्ष की तुलना में 54 फीसदी कम है। गत वित्तीय वर्ष में 22 जुलाई तक निगम ने आठ करोड़ रुपये से ज्यादा टैक्स की वसूली की थी, जो चालू वित्तीय वर्ष में तीन करोड़ से कम है। इससे निगम की आर्थिक स्थिति बिगड़ रही है। निगम के आंकड़ों के अनुसार शहर की प्रॉपर्टी पर 160 करोड़ रुपये बकाया है और 330 करोड़ रुपये की वसूली होनी है। लेकिन अभी तक सिर्फ 2.54 करोड़ रुपये की ही वसूली हुई है।
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कोरोना के कारण समय पर नहीं बंटे बिल
मुख्य कराधान अधिकारी का कहना है कि प्रॉपर्टी टैक्स के बिलों का वितरण एक एजेंसी से कराया जाता है। अप्रैल व मई में कोरोना की वजह से बिल का वितरण नहीं हुआ। जून में बिलों का वितरण हुआ मगर रफ्तार से नहीं। जुलाई में एजेंसी ने कई टीमों को बिल वितरण में लगाया है।
टैक्स वसूली काउंटरों पर 20 से ज्यादा कर्मी लगे
नगर निगम का पूरा ध्यान अब ज्यादा से ज्यादा टैक्स वसूली पर है। इसकी वजह से निगम प्रशासन ने बिल जमा काउंटरों पर 20 से ज्यादा कर्मियों की ड्यूटी लगा दी है ताकि प्रॉपर्टी टैक्स जमा कराने के लिए आने वाला कोई भी व्यक्ति लौटे नहीं।
पहली बार आठ काउंटरों पर जमा होगा टैक्स
नगर निगम आयुक्त ने लोगों की दिक्कतों को देखते हुए शुक्रवार से आठ काउंटर खोलने के आदेश दिए हैं। इनमें से एक काउंटर महिला, एक काउंटर बुजुर्ग और शेष छह काउंटर सामान्य लोगों के लिए होंगे। इसके अलावा एक काउंटर पर लोग जरूरत पड़ने पर बिल भी निकलवा सकते हैं।
सुबह आठ से शाम पांच बजे तक जमा होगा टैक्स
नगर निगम आयुक्त प्रदीप गोदारा ने बताया कि शुक्रवार से नगर निगम में प्रॉपर्टी टैक्स जमा करने के काउंटर सुबह आठ बजे से शाम पांच बजे तक खुलेंगे। काउंटर पर कर्मचारी की लगातार ड्यूटी रहेगी, जिसकी वजह से कर्मियों की संख्या बढ़ाई गई है।
गत वर्ष की तुलना में 54 फीसदी प्रॉपर्टी टैक्स कम जमा हुआ है। चालू वित्तीय वर्ष में तीन करोड़ रुपये टैक्स जमा हुआ है, जबकि गत वर्ष आठ करोड़ से ज्यादा था। जुलाई खत्म होने में समय हैं, इसलिए लक्ष्य पूरा करने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।

- जगदीश शर्मा, मुख्य कराधान अधिकारी, नगर निगम
कोरोना के कारण गत वर्ष की तुलना में अभी तक प्रॉपर्टी टैक्स कम जमा हुआ है। इसलिए नगर निगम में टैक्स जमा करने के लिए सुबह आठ बजे से शाम पांच बजे तक आठ काउंटर खुलेंगे। छूट की अवधि बढ़ाई दी है, ताकि ज्यादा लोगों को लाभ मिल सके।
- प्रदीप गोदारा, आयुक्त, नगर निगम
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