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Rohtak News: मौत का कारण स्पष्ट नहीं कर पाने पर 21.61 लाख की क्लेम याचिका खारिज

Mon, 15 Dec 2025 01:53 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 15 Dec 2025 01:53 AM IST
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The claim petition
रोहतक। जिला उपभोक्ता आयोग ने महिला की मौत पर 21.61 लाख रुपये के लिए क्लेम के लिए दायर याचिका खारिज कर दी है क्योंकि याचिकाकर्ता दलबीर सिंह पत्नी की पोस्टमार्टम रिपोर्ट या मौत के कारण के कागजात नहीं दे सके। साथ ही यहीं केस सिविल कोर्ट में भी विचाराधीन है।
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आयोग के रिकॉर्ड के मुताबिक तीन साल पहले रिठाल गांव निवासी दलबीर सिंह ने अर्जी दी थी कि 26 लाख रुपये का ट्रक खरीदा था। उसका 21.61 लाख रुपये लोन पत्नी प्रमिला के नाम से कराया था। इसके लिए एक लाख 7 हजार रुपये किस्त भी जमा कराई गई। साथ ही ट्रक मालिक का मेडिक्लेम पॉलिसी के तहत भी बीमा किया गया जो 27 जनवरी 2027 तक वैध है।
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उक्त पॉलिसी में नियमों के तहत आकस्मिक मृत्यु लाभ शामिल हैं। प्रमिला की मौत फरवरी 2022 में हो गई। इसके लिए मृत्यु प्रमाणपत्र जारी किया गया। दलबीर सिंह ने लीगत नोटिस देकर मेडिक्लेम पॉलिसी के तहत 21,60,000 रुपये मुआवजा मांगा। आयोग के नोटिस पर बीमा कंपनी ने क्लेम देने से इन्कार कर दिया।
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आयोग का कहना है कि पॉलिसी के अध्ययन से पता चलता है कि पॉलिसी केवल आकस्मिक मृत्यु को कवर करने के लिए जारी की गई थी। यदि वाहन का मालिक या खाताधारक की सड़क हादसे में मौत होती है तो ऐसी स्थिति में बीमा कंपनी लोन की राशि का भुगतान करेगी।

केस में शिकायतकर्ता ने यह नहीं बताया कि उसकी पत्नी प्रमिला की मौत का क्या कारण रहा। न ही कोई एफआईआर, पोस्टमार्टम रिपोर्ट या कोई अन्य दस्तावेज रिकार्ड पर रखे गए हैं। दूसरा यह भी पता चला है कि मामले को लेकर सिविल कोर्ट में केस चल रहा है। जो अभी विचाराधीन है। ऐसे में शिकायत बिना किसी लागत के खारिज की जाती है।
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