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अव्यवस्था की बारिश में पूरा दिन सड़ता रहा शहर, लिखित आश्वासन पर टूटा 15 दिन से चल रहा गतिरोध

Tue, 11 Oct 2022 12:57 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 11 Oct 2022 12:57 AM IST
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The city kept rotting for the whole day in the rain of chaos, the 15-day deadlock broke on the written assurance
डी पार्क के पास सड़क तक फैले कचरे के पस से गुजरते राहगीर। अमर उजाला
रोहतक। नगर निगम के अधिकारियों की अव्यवस्था के चलते सोमवार को पूरे दिन बारिश के बीच शहर में जगह-जगह कचरा सड़ता रहा। क्योंकि दो माह के बकाया वेतन व हटाए गए 250 सफाई कर्मियों की बहाली के लिए निगम कर्मचारी हड़ताल पर चले गए। तीन घंटे मेयर के कार्यालय में चली मैराथन बैठक में निगम के संयुक्त आयुक्त ने लिखित आश्वासन दिया कि 10 दिन में बकाया वेतन जारी कर दिया जाएगा। साथ ही नये ठेके में हटाए गए कर्मचारियों को प्राथमिकता दी जाएगी। तब जाकर कर्मचारियों ने हड़ताल खत्म की।
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शहर में कचरा कलेक्शन, शौचालयों, पार्कों के रखरखाव व कम्यूनिटी सेंटरों के संचालन का काम ठेके पर दे रखा था। कचरा कलेक्शन का ठेका अक्तूबर माह में खत्म होगा, जबकि सार्वजनिक शौचालयों की सफाई, पार्कों व कम्यूनिटी सेंटरों के रखरखाव का ठेका 25 सितंबर को खत्म हो चुका है। इसके चलते निजी कंपनी ने 25 सितंबर से ही 250 सफाई कर्मियों की सेवाएं समाप्त कर दी थी। साथ ही कर्मचारियों को दो माह से वेतन तक नहीं मिला है। इससे के चलते नगर पालिका कर्मचारी संघ ने पहले निगम अधिकारियों से मांग की कि बकाया वेतन तत्काल दिया जाए। दूसरा नये ठेके में हटाये गए कर्मचारियों को प्राथमिकता से लिया जाए। इसके लिए कर्मचारियों ने निगम अधिकारियों को मांग पत्र भी दिया था, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। 9 अक्तूबर की शाम को निगम कर्मियों ने सोमवार से अनिश्चित कालीन हड़ताल की घोषणा कर दी।
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नहीं उठाया कचरा, जगह-जगह लगे कचरे के ढेर
निगम में 800 के करीब सफाई कर्मचारी हैं, जिसमें 300 के करीब पक्के व बाकी डीसी रेट से लेकर ठेकेदार के माध्यम से कार्यरत हैं। एक अनुमान के मुताबिक हर रोज शहर से 30 टन के करीब कचरा निकलता है, जिसे भिवानी रोड स्थित कचरा निस्तारण केंद्र में ले जाया जाता है। सोमवार को सभी सफाई कर्मी हड़ताल के चलते सुबह नौ बजे निगम कार्यालय में पहुंच गए। जमकर निगम प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। इसके चलते हल्की बूंदाबांदी के बीच शहर में जगह-जगह कचरा पड़ा रहा। पावर हाउस चौक, ओल्ड आईटीआई से लेकर पुराना गोहाना अड्डा, जींद रोड, हिसार रोड व दूसरी जगह से कचरा नहीं उठाया जा सका।
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तीन बार बदला पत्र, शब्दों से बना रहा गतिरोध
हड़ताल की सूचना पाकर मेयर मनमोहन गोयल अपने कार्यालय पहुंचे, जहां डिप्टी मेयर अनिल कुमार, पार्षद पति सूरजमल किलोई, पार्षद प्रतिनिधि देवेंद्र नारा, मनोनीत पार्षद राजेश सैनी, पार्षद सुरेश किराड़ व सुनील उर्फ सोनू भी मौजूद थे। नगर निगम आयुक्त धीरेंद्र खड़गटा की गैर मौजूदगी में निगम के संयुक्त आयुक्त महेश कुमार बैठक में पहुंचे। संयुक्त आयुक्त ने फोन पर आयुक्त से बात की और कहा कि दिवाली से पहले 20 अक्तूबर तक वेतन जारी कर दिया जाएगा। कर्मचारियों के प्रधान संजय बिड़लान ने कहा कि, हटाये गए कर्मचारियों को दोबारा नौकरी पर रखा जाए। इसका लिखित में निगम के अधिकारी आश्वासन दें। इसके लिए पत्र में यह लिखा जाए कि नए ठेके में पुराने कर्मचारियों को प्राथमिकता देंगे या ठेकेदार को पुराने कर्मचारी रखने की सिफारिश करेंगे। इस पर चिंतन चलता रहा। आखिर में तय हुआ कि पुराने कर्मचारियों को नौकरी रखने की अनुशंसा की जाएगी। तब सभी ने पत्र पर हस्ताक्षर किए। इसके बाद मेयर मनमोहन गोयल, निगम के संयुक्त आयुक्त महेश कुमार ने बाहर आकर प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों को लिखित आश्वासन दिया। तब जाकर हड़ताल खत्म हो सकी।
प्रॉपर्टी टैक्स जमा कराने से लेकर प्रमाण पत्र बनाने का काम भी रहा प्रभावित
निगम कर्मियों की हड़ताल के चलते आम लोगों के काम नहीं हो सके। प्रॉपर्टी टैक्स ब्रांच में कर्मचारी नदारद नजर आए। केवल जोनल टैक्स ऑफिसर अशोक कुमार बैठे थे। दूसरी तरफ नागरिक सुविधा केंद्र में भी एनआईसी के कर्मचारी ही काम करते नजर आए।
वर्जन
निगम कर्मियों की एक दिन की हड़ताल कामयाब रही। निगम प्रशासन ने लिखित भरोसा दिया है कि 20 अक्तूबर तक बकाया वेतन जारी कर देंगे और पुराने कर्मचारियों को नए ठेके में नौकरी पर लेने की अनुशंसा की जाएगी। अगर दिवाली से पहले वेतन नहीं मिला तो वे दोबारा हड़ताल पर चले जाएंगे।
- संजय बिड़लान, प्रधान, नगर निगम कर्मचारी संघ।
निगम अधिकारियों से बात करके एक संयुक्त पत्र जारी किया है, जिसमें 10 दिन में कर्मचारियों का बकाया वेतन दे दिया जाएगा। साथ ही नये ठेके पर हटाए गए कर्मचारियों को दोबारा नौकरी पर रखने की सिफारिश करेंगे। हड़ताल खत्म हो गई है। दिवाली से पहले सफाई कर्मियों की हड़ताल चिंताजनक है। ऐसा नहीं होना चाहिये था।

- मनमोहन गोयल, मेयर नगर निगम
जो आश्वासन अब मिला 15 दिन पहले मिल जाता तो शहर सड़ता नहीं
स्वच्छता सर्वेक्षण में रोहतक दूसरे स्थान रहा है। 25 सितंबर से 250 कर्मचारियों की नौकरी जाने के बाद से विवाद चल रहा है। जो आश्वासन सोमवार को मेयर, पार्षदों व निगम के अधिकारियों ने कर्मचारियों को दिया, वह उसी दिन दे दिया जाता तो यूं पूरा दिन शहर में कचरा नहीं सड़ता।
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