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Rohtak News: रविवार को भी पारा 45 पार, हीट स्ट्रोक का बढ़ा खतरा
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पारा 45 से नीचे आने को तैयार नहीं दिख रहा है। लोगों के तमाम इंतजाम के बावजूद गर्मी उनके पसीने छुड़ा रही है। बेतहाशा गर्मी और गर्म हवा का सितम जारी है। ऐसे में डिहाइड्रेशन, हीट स्ट्रोक और डायरिया का खतरा बढ़ गया है।
चिकित्सकों ने गर्मी से बचने के लिए भरपूर मात्रा में पानी का सेवन करने की सलाह दी है। रविवार को अधिकतम तापमान 45.2 और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रहा। इस चिलचिलाती धूप ने क्या इंसान और क्या जानवर सभी को परेशान कर रखा है। लघु चिड़ियाघर के शेर, बाघ व अन्य जानवर राहत के लिए पानी में बैठे नजर आ रहे हैं।
जल को उबालकर ही करें सेवन
चिकित्सकों की माने तो पेट की आधे से ज्यादा बीमारियों का कारक यह निम्न गुणवत्ता का पानी है। इसे बिना फिल्टर किए पीना मतलब खुद को और अपने नन्हें-मुन्ने को बीमार करना है। इसलिए जल को अच्छे से उबाल लें और ठंडा होने के बाद इसका सेवन करें। इस प्रक्रिया से डायरिया जैसी बीमारियों से अपनों को सुरक्षित रखा जा सकता है।
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शरीर में पानी की कमी से हो सकता है हीट स्ट्रोक
ऑफिस हो या घर से अचानक धूप में पैदल या फिर दोपहिया वाहन से निकलना खतरनाक हो सकता है। लू के थपेड़ों से शरीर का पानी कम होने लगता है। ऐसे में हीट स्ट्रोक व डिहाइड्रेशन होने की संभावना बढ़ जाती है। इसलिए जल का पर्याप्त मात्रा में सेवन जरूरी है। साथ ही गर्म हवा से बचने के लिए सिर व चेहरे को किसी सूती कपड़े से ढककर घर से निकलें।
नागरिक अस्पताल में हर दूसरा बच्चा डायरिया का लक्षण का आ रहा है। ज्यादातर केस में दूषित पानी ही मुख्य कारण है। दो चीजें जीवन का हिस्सा बना लें। एक हाथ साबुन से अच्छे से धोकर ही भोजन ग्रहण करें। साथ ही पानी को उबालकर ठंडा होने के बाद पीएं। उल्टी-दस्त होने पर तत्काल अस्पताल जाकर संबंधित चिकित्सक से जांच कराएं। हर हाल में बच्चों को धूप में न जाने दें। थोड़ी-थोड़ी देर में पानी पिलाते रहें। - डॉ. रोहित, बाल रोग विशेषज्ञ, नागरिक अस्पताल
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चिकित्सकों ने गर्मी से बचने के लिए भरपूर मात्रा में पानी का सेवन करने की सलाह दी है। रविवार को अधिकतम तापमान 45.2 और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रहा। इस चिलचिलाती धूप ने क्या इंसान और क्या जानवर सभी को परेशान कर रखा है। लघु चिड़ियाघर के शेर, बाघ व अन्य जानवर राहत के लिए पानी में बैठे नजर आ रहे हैं।
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जल को उबालकर ही करें सेवन
चिकित्सकों की माने तो पेट की आधे से ज्यादा बीमारियों का कारक यह निम्न गुणवत्ता का पानी है। इसे बिना फिल्टर किए पीना मतलब खुद को और अपने नन्हें-मुन्ने को बीमार करना है। इसलिए जल को अच्छे से उबाल लें और ठंडा होने के बाद इसका सेवन करें। इस प्रक्रिया से डायरिया जैसी बीमारियों से अपनों को सुरक्षित रखा जा सकता है।
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शरीर में पानी की कमी से हो सकता है हीट स्ट्रोक
ऑफिस हो या घर से अचानक धूप में पैदल या फिर दोपहिया वाहन से निकलना खतरनाक हो सकता है। लू के थपेड़ों से शरीर का पानी कम होने लगता है। ऐसे में हीट स्ट्रोक व डिहाइड्रेशन होने की संभावना बढ़ जाती है। इसलिए जल का पर्याप्त मात्रा में सेवन जरूरी है। साथ ही गर्म हवा से बचने के लिए सिर व चेहरे को किसी सूती कपड़े से ढककर घर से निकलें।
नागरिक अस्पताल में हर दूसरा बच्चा डायरिया का लक्षण का आ रहा है। ज्यादातर केस में दूषित पानी ही मुख्य कारण है। दो चीजें जीवन का हिस्सा बना लें। एक हाथ साबुन से अच्छे से धोकर ही भोजन ग्रहण करें। साथ ही पानी को उबालकर ठंडा होने के बाद पीएं। उल्टी-दस्त होने पर तत्काल अस्पताल जाकर संबंधित चिकित्सक से जांच कराएं। हर हाल में बच्चों को धूप में न जाने दें। थोड़ी-थोड़ी देर में पानी पिलाते रहें। - डॉ. रोहित, बाल रोग विशेषज्ञ, नागरिक अस्पताल