{"_id":"698a256fa8f02874870c3059","slug":"tehsildar-and-naib-tehsildar-on-strike-no-registry-done-for-five-days-rohtak-news-c-203-1-mgh1004-123943-2026-02-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rohtak News: तहसीलदार व नायब तहसीलदार हड़ताल पर, पांच दिनों से नहीं हुई रजिस्ट्री","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rohtak News: तहसीलदार व नायब तहसीलदार हड़ताल पर, पांच दिनों से नहीं हुई रजिस्ट्री
विज्ञापन
फोटो संख्या:60- रतन कुमार
महेंद्रगढ़। जिले में तहसीलदार व नायब तहसीलदारों की हड़ताल पांचवें दिन भी लगातार रही। हड़ताल के कारण आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
सोमवार को भी लोग तहसील कार्यालय में रजिस्ट्री करवाने के लिए पहुंचे लेकिन रजिस्ट्री नहीं हुई। प्रदेश सरकार की ओर से रजिस्ट्री का कार्य एसडीएम व डीआरओ के हाथों में सौंपा गया है लेकिन सोमवार को एक भी रजिस्ट्री नहीं हुई।
रजिस्ट्री करवाने के लिए आमजन इधर-उधर भटकना पड़ा। तहसीलदार व नायब तहसीलदार को हड़ताल के चलते तहसील में पांच दिन में जिले में करीब 140 से ज्यादा रजिस्ट्री व छह हजार से ज्यादा प्रमाणपत्र अटके।
इससे सरकार का करीब 55 करोड़ रुपये का राजस्व भी प्रभावित हुआ है। तहसील कोर्ट में करीब 210 से अधिक केसों पर सुनवाई नहीं हो सकी। प्रतियोगी परीक्षाओं, छात्रवृत्ति, दाखिला प्रक्रिया और सरकारी योजनाओं के लिए प्रमाण पत्र बनवाने पहुंचे युवाओं को निराश होकर लौटना पड़ रहा है।
विज्ञापन
तहसीलदार अजय कुमार ने बताया कि हरियाणा रेवेन्यू ऑफिसर एसोसिएशन के बैनर तले नायब तहसीलदार व तहसीलदार अनिश्चित कालीन हड़ताल पर चले गए है। हड़ताल का सबसे ज्यादा प्रभाव रजिस्ट्री नहीं होना है।
उन्होंने बताया कि गुरुग्राम के वजीराबाद में नायब तहसीलदार नरेंद्र कुमार को बिना जांच के निलंबित कर दिया गया है। इसके अलावा तहसील में स्टांप ड्यूटी से संबंधित मामलों में विभागीय जांच के बजाय पुलिस प्राथमिकी दर्ज करने लगी है।
अधिकारियों की गलती को भ्रष्टाचार से जोड़ा जा रहा है। नारायणगढ़ के नायब तहसीलदार के खिलाफ पीसी एक्ट में प्राथमिकी दर्ज करने की सिफारिश पुलिस ने की है। यह जान बूझकर नहीं बल्कि गलती से हुआ है। इसे ठीक भी किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि उनकी मांगों को नहीं माना तो वे हड़ताल बढ़ाने को मजबूर होंगे। जिले में तीन तहसीलदार व सात नायब तहसीलदार हड़ताल पर है।
-- -- -- -- -- -- -- --
वह रिहायशी प्रमाण पत्र बनवाने के लिए तहसील कार्यालय में आया था लेकिन तहसीलदारों की हड़ताल होने के कारण रिहायशी प्रमाण पत्र पर हस्ताक्षर नहीं हुए। प्रशासन को चाहिए कि जब तक तहसीलदार कार्य पर नहीं लौट जाते तब तक दूसरे को चार्ज देना चाहिए। -विकास गर्ग, महेंद्रगढ़
-- -- -- -- -- -
मंदिर की जमीन पर अवैध कब्जा को लेकर तहसील कार्यालय में जमीन का इंतकाल के लिए आया था। हड़ताल के चलते कार्य रुक गया है। -वासुदेव, महेंद्रगढ़
-- -- -- -- -- -- --
वह जमीन के इंतकाल चढ़वाने के लिए तहसील कार्यालय में दूसरी बार आया है। हड़ताल के चलते उसका कोई कार्य नहीं हुआ है। पता नहीं हड़ताल कब खत्म होगी। जब तक हड़ताल खत्म नहीं होती तो वैकल्पिक व्यवस्था की जानी चाहिए। -रतन कुमार, गांव भुरजट
-- -- -- -- -- -- -
वह प्रमाण पत्र बनवाने के लिए तहसील कार्यालय में पहुंचा तो हड़ताल के चलते वापस निराश लौटना पड़ा। नौकरी के लिए ऑनलाइन फाॅर्म भरवाने के लिए प्रमाण पत्रों की आवश्कता है। हड़ताल के चलते प्रमाण पत्राें पर तहसीलदार के हस्ताक्षर नहीं हो पा रहे। -सोमवीर, गांव मांडोला
विज्ञापन
सोमवार को भी लोग तहसील कार्यालय में रजिस्ट्री करवाने के लिए पहुंचे लेकिन रजिस्ट्री नहीं हुई। प्रदेश सरकार की ओर से रजिस्ट्री का कार्य एसडीएम व डीआरओ के हाथों में सौंपा गया है लेकिन सोमवार को एक भी रजिस्ट्री नहीं हुई।
रजिस्ट्री करवाने के लिए आमजन इधर-उधर भटकना पड़ा। तहसीलदार व नायब तहसीलदार को हड़ताल के चलते तहसील में पांच दिन में जिले में करीब 140 से ज्यादा रजिस्ट्री व छह हजार से ज्यादा प्रमाणपत्र अटके।
विज्ञापन
इससे सरकार का करीब 55 करोड़ रुपये का राजस्व भी प्रभावित हुआ है। तहसील कोर्ट में करीब 210 से अधिक केसों पर सुनवाई नहीं हो सकी। प्रतियोगी परीक्षाओं, छात्रवृत्ति, दाखिला प्रक्रिया और सरकारी योजनाओं के लिए प्रमाण पत्र बनवाने पहुंचे युवाओं को निराश होकर लौटना पड़ रहा है।
विज्ञापन
तहसीलदार अजय कुमार ने बताया कि हरियाणा रेवेन्यू ऑफिसर एसोसिएशन के बैनर तले नायब तहसीलदार व तहसीलदार अनिश्चित कालीन हड़ताल पर चले गए है। हड़ताल का सबसे ज्यादा प्रभाव रजिस्ट्री नहीं होना है।
उन्होंने बताया कि गुरुग्राम के वजीराबाद में नायब तहसीलदार नरेंद्र कुमार को बिना जांच के निलंबित कर दिया गया है। इसके अलावा तहसील में स्टांप ड्यूटी से संबंधित मामलों में विभागीय जांच के बजाय पुलिस प्राथमिकी दर्ज करने लगी है।
अधिकारियों की गलती को भ्रष्टाचार से जोड़ा जा रहा है। नारायणगढ़ के नायब तहसीलदार के खिलाफ पीसी एक्ट में प्राथमिकी दर्ज करने की सिफारिश पुलिस ने की है। यह जान बूझकर नहीं बल्कि गलती से हुआ है। इसे ठीक भी किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि उनकी मांगों को नहीं माना तो वे हड़ताल बढ़ाने को मजबूर होंगे। जिले में तीन तहसीलदार व सात नायब तहसीलदार हड़ताल पर है।
वह रिहायशी प्रमाण पत्र बनवाने के लिए तहसील कार्यालय में आया था लेकिन तहसीलदारों की हड़ताल होने के कारण रिहायशी प्रमाण पत्र पर हस्ताक्षर नहीं हुए। प्रशासन को चाहिए कि जब तक तहसीलदार कार्य पर नहीं लौट जाते तब तक दूसरे को चार्ज देना चाहिए। -विकास गर्ग, महेंद्रगढ़
मंदिर की जमीन पर अवैध कब्जा को लेकर तहसील कार्यालय में जमीन का इंतकाल के लिए आया था। हड़ताल के चलते कार्य रुक गया है। -वासुदेव, महेंद्रगढ़
वह जमीन के इंतकाल चढ़वाने के लिए तहसील कार्यालय में दूसरी बार आया है। हड़ताल के चलते उसका कोई कार्य नहीं हुआ है। पता नहीं हड़ताल कब खत्म होगी। जब तक हड़ताल खत्म नहीं होती तो वैकल्पिक व्यवस्था की जानी चाहिए। -रतन कुमार, गांव भुरजट
वह प्रमाण पत्र बनवाने के लिए तहसील कार्यालय में पहुंचा तो हड़ताल के चलते वापस निराश लौटना पड़ा। नौकरी के लिए ऑनलाइन फाॅर्म भरवाने के लिए प्रमाण पत्रों की आवश्कता है। हड़ताल के चलते प्रमाण पत्राें पर तहसीलदार के हस्ताक्षर नहीं हो पा रहे। -सोमवीर, गांव मांडोला

फोटो संख्या:60- रतन कुमार

फोटो संख्या:60- रतन कुमार

फोटो संख्या:60- रतन कुमार

फोटो संख्या:60- रतन कुमार