{"_id":"668993bc6df936e1e30762d4","slug":"technology-is-necessary-to-bring-revolution-in-the-field-of-drug-discovery-and-development-rohtak-news-c-17-roh1020-457872-2024-07-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rohtak News: दवा की खोज व विकास के क्षेत्र में क्रांति लाने के लिए तकनीक जरूरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rohtak News: दवा की खोज व विकास के क्षेत्र में क्रांति लाने के लिए तकनीक जरूरी
Sun, 07 Jul 2024 12:28 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Sun, 07 Jul 2024 12:28 AM IST
विज्ञापन
06सीटीके02...एमडीयू के सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी राष्ट्रीय कार्यशाला में मौजूद विद्यार्थी व शिक
रोहतक। महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय के सेंटर फॉर बायोइंफॉर्मेटिक्स व सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी के संयुक्त तत्वावधान में- मॉलिक्युलर मॉडलिंग, ड्रग डिजाइनिंग एंड प्री-क्लिनिकल इवेल्यूएशन विषय पर आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला संपन्न हुई। डीन रिसर्च एंड डेवलपमेंट प्रो. अरुण नंदा ने समापन सत्र में बतौर मुख्यातिथि शिरकत की।
उन्होंने कार्यशाला के विषय को महत्वपूर्ण बताते हुए माॅडर्न बायोमेडिकल रिसर्च में मोलिक्यूलर मॉडलिंग व ड्रग डिजाइनिंग के एकीकृत करने के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने दवा की खोज और विकास के क्षेत्र में क्रांति लाने के लिए तकनीकों की क्षमता पर जोर देने की बात कहते हुए बताया कि इससे जन स्वास्थ्य पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ेगा।
विशिष्ट अतिथि एसोसिएट डीन आरएंडडी डाॅ. केके शर्मा ने इस कार्यशाला के आयोजन के लिए आयोजकों व कार्यशाला में प्रस्तुत की गई प्रेजेंटेशन की गुणवत्ता को सराहा। कार्यशाला के प्रारंभ में सेंटर फॉर बायोइंफोर्मेटिक्स के निदेशक डाॅ. अजीत कुमार ने स्वागत भाषण दिया। सीबीटी निदेशक डाॅ. रितु गिल ने कार्यशाला में आयोजित की गई गतिविधियों की जानकारी दी। प्राध्यापक डाॅ. सर्वजीत सिंह गिल ने आभार जताया। प्रतिभागियों ने कार्यशाला संबंधित फीडबैक दिया। इस मौके पर सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी व सेंटर फॉर बायोइंफॉर्मेटिक्स के प्राध्यापक, शोधार्थी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
उन्होंने कार्यशाला के विषय को महत्वपूर्ण बताते हुए माॅडर्न बायोमेडिकल रिसर्च में मोलिक्यूलर मॉडलिंग व ड्रग डिजाइनिंग के एकीकृत करने के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने दवा की खोज और विकास के क्षेत्र में क्रांति लाने के लिए तकनीकों की क्षमता पर जोर देने की बात कहते हुए बताया कि इससे जन स्वास्थ्य पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ेगा।
विज्ञापन
विशिष्ट अतिथि एसोसिएट डीन आरएंडडी डाॅ. केके शर्मा ने इस कार्यशाला के आयोजन के लिए आयोजकों व कार्यशाला में प्रस्तुत की गई प्रेजेंटेशन की गुणवत्ता को सराहा। कार्यशाला के प्रारंभ में सेंटर फॉर बायोइंफोर्मेटिक्स के निदेशक डाॅ. अजीत कुमार ने स्वागत भाषण दिया। सीबीटी निदेशक डाॅ. रितु गिल ने कार्यशाला में आयोजित की गई गतिविधियों की जानकारी दी। प्राध्यापक डाॅ. सर्वजीत सिंह गिल ने आभार जताया। प्रतिभागियों ने कार्यशाला संबंधित फीडबैक दिया। इस मौके पर सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी व सेंटर फॉर बायोइंफॉर्मेटिक्स के प्राध्यापक, शोधार्थी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
विज्ञापन