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Rohtak News: एमडीयू के फूड ट्रक पर मिलेगा बाजरे और पारंपरिक भोजन का स्वाद
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रोहतक। महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) के होटल टूरिज्म एंड मैनेजमेंट विभाग के विद्यार्थियों के लिए राहत भरी खबर है। अब यह विद्यार्थी पढ़ाई के साथ कमाई करते हुए नया सीख सकेंगे। इसके लिए आईएचटीएम (इंस्टीट्यूट ऑफ होटल एंड टूरिज्म मैनेजमेंट) विवि परिसर में फूड ट्रक स्टार्टअप्स प्रोजेक्ट शुरू करने जा रहा है। इसके तहत दो फूड ट्रक में एक पर केवल बाजरे के उत्पादों का स्वाद चखने को मिलेगा। जबकि दूसरे पर पारंपरिक भारतीय व्यंजन मिलेंगे। विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर बनाने और उद्यमिता की ओर ले जाने के उद्देश्य से यह कदम उठाया जा रहा है।
दरअसल, एमडीयू का आईएचटीएम विभाग अपने आप में परिपक्व है। यहां योग्य शिक्षक, शैक्षणिक सुविधाएं व ढांचागत सुविधा उपलब्ध है। विद्यार्थी भी हुनरमंद व मेहनती हैं। ऐसे में कुलपति प्रो. राजबीर सिंह ने इन सुविधाओं का बेहतर उपयोग करते हुए फूड ट्रक स्टार्टअप्स प्रोजेक्ट शुरू करने की योजना बनाई है। विवि का इन्नोवेशन एवं इन्क्यूबेशन विभाग इस तरह आइडिया पर काम कर नए रास्ते तलाशता है। इससे विद्यार्थियों को नया सीखने के साथ स्टार्टअप शुरू करने का अवसर मिलेगा। इसी कड़ी में विवि परिसर में आईएचटीएम दो फूड ट्रक ला रहा है। शिक्षक, विद्यार्थी व इंडस्ट्री पार्टनर मिलकर इन्हें चलाएंगे। विद्यार्थी इनमें व्यंजन तैयार करेंगे। इंडस्ट्री पार्टनर इसे बेचने का काम करेंगे। विभाग के शिक्षक खाने की गुणवत्ता के साथ मेन्यू व अन्य जिम्मेदारी संभालेंगे। इस एक ट्रक की लागत अनुमान के अनुसार 25 लाख रुपये बताई गई है। पहले दो वर्ष विवि इसे दिशा देगा। इसके बाद दो वर्ष इसे व्यवसायिक रूप दिया जाएगा। इसके बाद पांचवें साल में विश्वविद्यालय को भी लाभ का हिस्सा मिलने लगेगा।
एमडीयू कुलपति के प्रयास से विभाग फूड ट्रक स्टार्टअप्स शुरू करने जा रहा है। इसके तहत दो फूड ट्रक शुरू किए जाएंगे। इनमें से एक केवल बाजरे के उत्पाद ही उपलब्ध रहेंगे। इन्हें विशेष रूप से नए अंदाज में प्रस्तुत किया जाएगा। दूसरे ट्रक पर पारंपरिक रोटी, सब्जी और अन्य खाद्य उपलब्ध रहेगा। इसका सामान्य शुल्क रहेगा। यह शुरुआती प्रयास है।
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प्रो. आशीष दहिया, निदेशक, आईएचटीएम
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दरअसल, एमडीयू का आईएचटीएम विभाग अपने आप में परिपक्व है। यहां योग्य शिक्षक, शैक्षणिक सुविधाएं व ढांचागत सुविधा उपलब्ध है। विद्यार्थी भी हुनरमंद व मेहनती हैं। ऐसे में कुलपति प्रो. राजबीर सिंह ने इन सुविधाओं का बेहतर उपयोग करते हुए फूड ट्रक स्टार्टअप्स प्रोजेक्ट शुरू करने की योजना बनाई है। विवि का इन्नोवेशन एवं इन्क्यूबेशन विभाग इस तरह आइडिया पर काम कर नए रास्ते तलाशता है। इससे विद्यार्थियों को नया सीखने के साथ स्टार्टअप शुरू करने का अवसर मिलेगा। इसी कड़ी में विवि परिसर में आईएचटीएम दो फूड ट्रक ला रहा है। शिक्षक, विद्यार्थी व इंडस्ट्री पार्टनर मिलकर इन्हें चलाएंगे। विद्यार्थी इनमें व्यंजन तैयार करेंगे। इंडस्ट्री पार्टनर इसे बेचने का काम करेंगे। विभाग के शिक्षक खाने की गुणवत्ता के साथ मेन्यू व अन्य जिम्मेदारी संभालेंगे। इस एक ट्रक की लागत अनुमान के अनुसार 25 लाख रुपये बताई गई है। पहले दो वर्ष विवि इसे दिशा देगा। इसके बाद दो वर्ष इसे व्यवसायिक रूप दिया जाएगा। इसके बाद पांचवें साल में विश्वविद्यालय को भी लाभ का हिस्सा मिलने लगेगा।
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एमडीयू कुलपति के प्रयास से विभाग फूड ट्रक स्टार्टअप्स शुरू करने जा रहा है। इसके तहत दो फूड ट्रक शुरू किए जाएंगे। इनमें से एक केवल बाजरे के उत्पाद ही उपलब्ध रहेंगे। इन्हें विशेष रूप से नए अंदाज में प्रस्तुत किया जाएगा। दूसरे ट्रक पर पारंपरिक रोटी, सब्जी और अन्य खाद्य उपलब्ध रहेगा। इसका सामान्य शुल्क रहेगा। यह शुरुआती प्रयास है।
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प्रो. आशीष दहिया, निदेशक, आईएचटीएम