सहकारिता, अनुसूचित जाति व पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री डॉ. बनवारी लाल ने कहा कि सहकारी चीनी मिलों को घाटे से उबारने को हरसंभव प्रयास किए जाएंगे। मिलों में चीनी के साथ-साथ गुड़ व शक्कर का भी उत्पादन होगी। वह आनंदपुर भाली स्थित द हरियाणा सहकारी चीनी मिल्स लिमिटेड के 65वें पिराई सत्र के शुभारंभ के बाद समारोह को संबोधित कर रहे थे।
डॉ. बनवारी लाल ने कहा कि अब केवल चीनी उत्पादन से काम चलने वाला नहीं है। सहकारी मिलों को लाभ में लाने को अन्य कार्य भी करने होंगे। इसलिए इनमें जैविक गुड़ और शक्कर के उत्पादन का फैसला किया गया है। प्रथम चरण में पलवल, महम और कैथल चीनी मिलों में इनका उत्पादन किया जाएगा। मार्च 2021 तक शाहाबाद चीनी मिल में एथनॉल का उत्पादन शुरू हो जाएगा। उन्होंने किसानों का आह्वान किया कि वे गन्ने के साथ-साथ आलू व सब्जियों का भी उत्पादन करें ताकि आमदनी बढ़ सके। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में मिलों में गैस व बिजली उत्पादन भी किया जाएगा। रोहतक मिल एकमात्र मिल है जहां रिफाइंड चीनी का उत्पादन किया जा रहा है। पेराई नवंबर के पहले सप्ताह में शुरू हो रही है, उनका पूरा प्रयास रहेगा कि सीजन के बीच में मिल संचालन में कोई परेशानी न हो। किसानों का गन्ना अप्रैल तक लिया जाएगा। पूर्वमंत्री मनीष ग्रोवर ने कहा कि हरियाणा में गन्ने का सर्वाधिक मूल्य दिया जा रहा है। गन्ने के खेत समय पर खाली करवा दिए जाएंगे ताकि किसान अगली फसल की बिजाई कर सकें। उपायुक्त कैप्टन मनोज कुमार ने कहा कि मिल में किसानों का आवागमन बिना भाई-भतीजावाद के होना चाहिए। अगर मिल में बीच में रुकावट आती है तो इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। किसानों का भुगतान निर्धारित समय में सुनिश्चित किया जाए। मिल के एमडी मानव मलिक ने कहा कि पिछले पेराई सीजन में किसानों को 156 करोड़ का भुगतान किया गया। 13.75 करोड़ की बिजली निर्यात की गई। पांच किलो, एक किलो की छोटी पैकिंग के अलावा चीनी के पांच ग्राम के सैशे का उत्पादन किया गया। 2020 में 18 करोड़ की चीनी की निर्यात किया गया। डॉ. बनवारी लाल व अन्य मेहमानों ने मिल में गन्ना डाल कर पेराई सत्र का शुभारंभ किया। इससे पहले सभी ने हवन में आहुतियां डालीं। गन्ना लाने में पहले व दूसरे स्थान पर रहे किसानों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर शुगरफेड के एमडी शक्ति सिंह, जिला भाजपा अध्यक्ष अजय बंसल, मिल के डायरेक्टर और भाजपा नेता मौजूद थे।