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संघर्ष सफलता की प्रतिमूर्ति है : जगदीप
Sun, 15 Mar 2026 02:50 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Sun, 15 Mar 2026 02:50 AM IST
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28-बच्चों को पढ़ाते जगदीप सिंह। स्रोत- पाठक
रोहतक। गांव भाली आनंदपुर के जगदीप सिंह की संघर्ष, सेवा और संकल्प की प्रेरणादायक कहानी है। साधारण परिवार में जन्मे जगदीप का चयन बीएसएफ में हुआ है। उनकी सफलता से गांव में खुशी का माहौल है।
पढ़ाई के समय वह गांव के तक्षशिला में बैठकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी किया करते थे। इसी समय उनके मन में विचार आया कि गांव के बच्चों को भी पढ़ाई के लिए प्रेरित किया जाए। इसके बाद उन्होंने तक्षशिला में छोटे बच्चों को पढ़ाना शुरू कर दिया। स्कूल से लौटने के बाद वह बच्चों को इकट्ठा करते, उनका होमवर्क करवाते और उन्हें बड़े सपने देखने के लिए प्रेरित करते थे। धीरे-धीरे यह पहल एक अभियान बन गई और उन्होंने अपने साथियों के साथ मिलकर सैकड़ों बच्चों को शिक्षा के प्रति जागरूक किया। दूसरों को पढ़ाते हुए भी उन्होंने अपनी पढ़ाई जारी रखी। संवाद
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पढ़ाई के समय वह गांव के तक्षशिला में बैठकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी किया करते थे। इसी समय उनके मन में विचार आया कि गांव के बच्चों को भी पढ़ाई के लिए प्रेरित किया जाए। इसके बाद उन्होंने तक्षशिला में छोटे बच्चों को पढ़ाना शुरू कर दिया। स्कूल से लौटने के बाद वह बच्चों को इकट्ठा करते, उनका होमवर्क करवाते और उन्हें बड़े सपने देखने के लिए प्रेरित करते थे। धीरे-धीरे यह पहल एक अभियान बन गई और उन्होंने अपने साथियों के साथ मिलकर सैकड़ों बच्चों को शिक्षा के प्रति जागरूक किया। दूसरों को पढ़ाते हुए भी उन्होंने अपनी पढ़ाई जारी रखी। संवाद
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