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कुछ के नाम गलत लिखे हैं तो कुछ की टैक्स की गणना ज्यादा

Sat, 12 Feb 2022 02:18 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 12 Feb 2022 02:18 AM IST
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Some names are written wrong and some have more tax calculations.
रोहतक। नगर निगम क्षेत्र की 201381 प्रॉपर्टी के स्वामियों को री-एसेसमेंट (पुन: आकलन) के नोटिस थमाए जा रहे हैं। ताकि सर्वे में हुई गलती को 31 मार्च तक सुधारा जा सके। शुक्रवार तक करीब 44 हजार प्रॉपर्टी स्वामियों को नोटिस थमाए जा चुके हैं। दूसरी ओर इनमें 2409 लोगों ने आपत्ति दर्ज कराई है जिनको सही करने में टीमें जुटी हैं। आपत्ति दर्ज कराने वाले कुछ लोगों की नाराजगी है कि उनके नाम गलत लिखे हैं तो कुछ का कहना है कि टैक्स की गणना ज्यादा है।
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निगम में प्रॉपर्टी टैक्स की गणना करके टैक्स लगाने, बिल बांटने और जमा करने का काम करने वाली कंपनी का कार्यकाल 31 मार्च को खत्म हो रहा है। इस कंपनी की जगह नई कंपनी एक अप्रैल से काम शुरू करेगी। इसके लिए कंपनी ने शहर की 201381 प्रॉपर्टी का सर्वे किया, जिसमें 131689 भवन व दुकानें हैं और 69692 खाली प्लॉट है। सर्वे के दौरान किसी तरह की हुई गलती सुधारने के लिए नोटिस दिए जा रहे रहे हैं। नोटिस पर क्यूआर कोड अंकित है और दो हिस्से में बांटा गया है। क्यूआर कोड के माध्यम से कोई भी प्रॉपर्टी स्वामी सर्वे में हुई गलती घर बैठे सही कर सकता है। यदि कोई श्रीराम रंगशाला स्थित कार्यालय में आता है, तो उसे नोटिस का दूसरा हिस्सा भरकर देना होगा। चूंकि कंपनी एक अप्रैल से पूरी तरह से काम संभाल लेगी, इसलिए 31 मार्च तक ही री-एसेसमेंट हो सकेगा। शुक्रवार तक कंपनी की टीमें करीब 44 हजार लोगों को री-एसेसमेंट के नोटिस दे चुकी हैं, जिनमें से 2409 प्रॉपर्टी स्वामियों ने अपनी आपत्ति दर्ज कराई है।
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मॉनीटरिंग के लिए गठित की पांच सदस्यीय कमेटी
री-एसेसमेंट की प्रक्रिया में आने वाली दिक्कतों को दूर करने और मॉनीटरिंग करने के लिए डिप्टी मेयर अनिल कुमार समेत पांच पार्षदों की कमेटी गठित की गई है। कमेटी में पार्षद कंचन खुराना, पार्षद सुरेश किराड़, पार्षद सुमन सैनी, पार्षद डिंपल जैन को शामिल किया गया है। शुक्रवार को डीएमसी हरदीप और डिप्टी मेयर के साथ पहुंची टीम ने कंपनी प्रबंधक को दिशा-निर्देश दिए।
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फ्री में होगी री-एसेसमेंट, लगेंगे बैनर
डिप्टी मेयर और डीएमसी ने कंपनी प्रबंधक अमित गुप्ता को निर्देश दिए कि वह श्रीराम रंगशाला में तीन और नगर निगम में एक बड़ा बैनर लगवाएं। इसमें स्पष्ट अंकित किया जाए कि री-एसेसमेंट का कार्य नि:शुल्क किया जाएगा ताकि दलाल सक्रिय नहीं हो। उन्होंने बताया कि री-एसेसमेंट के नाम पर लोगों से अवैध वसूली शुरू हो सकती है।
लाल मोहर से अंकित होगा ये बिल नहीं
पार्षदों की टीम ने बताया कि लोगों को री-एसेसमेंट के नोटिस मिल रहे हैं, जिसे लोग दोबारा से बिल मिलना समझ रहे हैं। इसलिए फार्म के खाली स्थान पर लाल मोहर से बड़े अक्षर में अंकित कराया जाए कि यह बिल नहीं बल्कि नोटिस है। किसी भी तरह का संशोधन कराने का शुल्क नहीं लिया जाएगा।

वर्जन
सर्वे के दौरान निगम क्षेत्र की 201381 प्रॉपर्टी सामने आई हैं। सर्वे में किसी तरह की गलती होने की आशंका के चलते री-एसेसमेंट (पुन: आकलन) नोटिस दिए जा रहे हैं। करीब 44 हजार नोटिस थमाए जा चुके हैं जिनमें से 2409 लोगों ने आपत्ति दर्ज कराई है। यह काम 31 मार्च तक किया जाएगा, इसके बाद नहीं हो सकेगा। लोग नोटिस में अंकित क्यूआर कोड के माध्यम से घर बैठे भी संशोधन कर सकते हैं। यदि कोई कार्यालय आएगा तो उसे नोटिस के दूसरे हिस्से को भरकर देना होगा।
- अमित गुप्ता, प्रबंधक
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