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Rohtak News: पीजीआई में सर्वर व्यवस्था पटरी पर लौटी लेकिन धीमी रही चाल
Sat, 01 Nov 2025 03:01 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Sat, 01 Nov 2025 03:01 AM IST
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38...पीजीआई ओपीडी में इलाज के लिए पहुंंचे मरीज। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहतक। पीजीआई की ओपीडी में चार दिनों से ठप पड़ी सर्वर व्यवस्था आखिरकार शुक्रवार को पटरी पर लौटती दिखाई दी। सर्वर चालू होने के बाद मरीजों ने राहत की सांस ली लेकिन ऑनलाइन प्रणाली पहले की तुलना में धीमी गति से चलती रही।
चार दिनों से यूपीएस बैटरी के खराब होने के कारण ओपीडी कार्ड बनाने से लेकर जांच रिपोर्ट निकालने तक सभी कार्य प्रभावित हो रहे थे। शुक्रवार को जब सर्वर चला तो ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन और रिपोर्ट मिलने तक की प्रक्रिया शुरू हुई लेकिन सिस्टम की स्पीड बेहद कम रही। मरीजों को ओपीडी कार्ड बनवाने में पहले से कहीं ज्यादा समय लग रहा था।
जांच मशीनें भी फिर से काम करती नजर आईं। मरीजों के ब्लड टेस्ट व अन्य जांच प्रक्रिया शुरू हुई जिससे जांच केंद्रों पर लाइनें लग गईं। जांच बार कोड स्कैनिंग पर निर्भर होती हैं। सर्वर बंद रहने से मशीनें कार्य नहीं कर पा रही थीं।
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सर्वर ठप होने के कारण कई मरीजों को पिछले कुछ दिनों में निजी लैबों का रुख करना पड़ा। फिलहाल इसे अस्थायी रूप से दुरुस्त कर दिया गया है, लेकिन तकनीकी टीम पूरी प्रणाली को स्थायी रूप से सुधारने में जुटी हुई है।
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ओपीडी में सर्वर व्यवस्था को सही कर दिया गया है। नई बैटरी की व्यवस्था भी कर दी गई है। इसको लेकर संबंधित अधिकारियों से बातचीत कर निर्देश दिए गए हैं। जल्द व्यवस्था पूरी तरह सही हो जाएगी।
- डॉ. एसके सिंघल, निदेशक पीजीआई
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रोहतक। पीजीआई की ओपीडी में चार दिनों से ठप पड़ी सर्वर व्यवस्था आखिरकार शुक्रवार को पटरी पर लौटती दिखाई दी। सर्वर चालू होने के बाद मरीजों ने राहत की सांस ली लेकिन ऑनलाइन प्रणाली पहले की तुलना में धीमी गति से चलती रही।
चार दिनों से यूपीएस बैटरी के खराब होने के कारण ओपीडी कार्ड बनाने से लेकर जांच रिपोर्ट निकालने तक सभी कार्य प्रभावित हो रहे थे। शुक्रवार को जब सर्वर चला तो ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन और रिपोर्ट मिलने तक की प्रक्रिया शुरू हुई लेकिन सिस्टम की स्पीड बेहद कम रही। मरीजों को ओपीडी कार्ड बनवाने में पहले से कहीं ज्यादा समय लग रहा था।
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जांच मशीनें भी फिर से काम करती नजर आईं। मरीजों के ब्लड टेस्ट व अन्य जांच प्रक्रिया शुरू हुई जिससे जांच केंद्रों पर लाइनें लग गईं। जांच बार कोड स्कैनिंग पर निर्भर होती हैं। सर्वर बंद रहने से मशीनें कार्य नहीं कर पा रही थीं।
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सर्वर ठप होने के कारण कई मरीजों को पिछले कुछ दिनों में निजी लैबों का रुख करना पड़ा। फिलहाल इसे अस्थायी रूप से दुरुस्त कर दिया गया है, लेकिन तकनीकी टीम पूरी प्रणाली को स्थायी रूप से सुधारने में जुटी हुई है।
ओपीडी में सर्वर व्यवस्था को सही कर दिया गया है। नई बैटरी की व्यवस्था भी कर दी गई है। इसको लेकर संबंधित अधिकारियों से बातचीत कर निर्देश दिए गए हैं। जल्द व्यवस्था पूरी तरह सही हो जाएगी।
- डॉ. एसके सिंघल, निदेशक पीजीआई