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मुकदमों व सस्पेंशन से स्कूल बचाओ आंदोलन तेजी से बढ़ेगा आगे : सतबीर गोयत

Wed, 16 Nov 2022 11:54 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 16 Nov 2022 11:54 PM IST
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Save the school movement will grow faster with lawsuits and suspension: Satbir Goyat
स्कूल बचाने के लिए चल रहे आंदोलन को सरकार कुचलने का प्रयास कर रही है और शिक्षकों पर मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं। मुकदमों व सस्पेंशन से स्कूल बचाने का आंदोलन तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसी कड़ी में सरकार के खिलाफ आंदोलन का आगाज 18 नवंबर से किया जा रहा है। जिलास्तर पर प्रदर्शन कर उपायुक्त के माध्यम से सरकार के नाम ज्ञापन दिया जाएगा। यह कहना है हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के राज्य प्रचार सचिव सतबीर गोयत का।
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उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग की तरफ से उनके निलंबन के आदेश जारी किए गए हैं। यह दमनात्मक कार्रवाई स्कूल मर्ज के विरोध में चल रहे आंदोलन को दबाने के लिए की गई है। इससे पहले कैथल के ही शिक्षक सुरेश द्रविड़ पर संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज है। कुरुक्षेत्र में संपन्न 16वें सर्व कर्मचारी संघ के राज्य सम्मेलन में इस दमनात्मक कार्रवाई के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पास किया गया। निलंबन, उत्पीड़न व अन्य मुकदमों के खिलाफ राज्यव्यापी आंदोलन का आह्वान किया गया।
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उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा को आम जनता से दूर करना चाहती है। शिक्षा को पैसे वालों के लिए आरक्षित किया जा रहा है। देश-प्रदेश के विकास के लिए शिक्षा सभी के लिए जरूरी है। सरकार की जिम्मेदारी है उसे यह पूरी करनी होगी। अगर सबके लिए एक जैसी निशुल्क व अनिवार्य शिक्षा के लिए पूंजीपतियों की सरकार बलिदान चाहती है तो हरियाणा के शिक्षक बलिदान देने के लिए तैयार हैं। किसी भी कीमत पर सार्वभौमिक शिक्षा की प्राप्ति तक आंदोलन वापस नहीं लिया जाएगा। राज्य उप महासचिव कृष्ण नैन ने बताया कि अगर सरकार ने सभी दमनात्मक कार्रवाई व स्कूल मर्ज के बहाने स्कूल बंद करने, चिराग योजना को वापस नहीं लिया, जेबीटी की अंतर जिला व सामान्य तबादले की घोषणा नहीं की तो 18 नवंबर को प्रदेश में जिलास्तर पर प्रदर्शन करते हुए मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिए जाएंगे। अगर सरकार फिर भी इन मुद्दों पर संज्ञान नहीं लेती है तो एक दिसंबर से सभी स्कूलों व गांवों में जनसभाएं शुरू की जाएंगी। 21 से 28 दिसंबर तक पांच राज्यस्तरीय जत्थे चलाते हुए जन जागरण अभियान चलाया जाएगा। 29 दिसंबर को जींद में ऐतिहासिक रैली की जाएगी, जिसमें अगले आंदोलन की घोषणा होगी।
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