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Rohtak News: सपना ने संभाली स्वावलंबन की कमान, शादी के पास की 10वीं
Thu, 20 Nov 2025 01:52 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Thu, 20 Nov 2025 01:52 AM IST
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01...बुटीक कार्य करती मोरखेड़ी निवासी महिला सपना। संवाद
- फोटो : reasi news
रोहतक । परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने में महिलाएं अहम भूमिका निभा रही हैं। मोरखेड़ी गांव की सपना एक ऐसी ही महिला हैं जिन्होंने परिवार की माली हालत सुधारने के लिए स्वावलंबन की राह चुनी। सपना ने न केवल सिलाई-कढ़ाई का कार्य शुरू किया बल्कि शादी के 19 साल बाद 10वीं कक्षा भी पास की। इसके बाद भी उन्होंने 12वीं कक्षा तक की पढ़ाई की। इसका फायदा उनको अपने बुटीक कार्य को विस्तार देने में मिल रहा है। उनके पास अब मोरखेड़ी के अलावा समचाना, आसन, कंसाला व भैंसरू और कसरेंटी गांव से भी बुटीक के ऑर्डर आने लगे हैं। सपना बुटीक से हर महीने 10 हजार रुपये तक की आमदनी कर रही हैं।
दिल्ली के कराला गांव निवासी सपना बताती हैं कि उनकी शादी वर्ष 2002 में मोरखेड़ी निवासी सुरेंद्र के साथ हुई। पति के पास सरकारी नौकरी नहीं थी तो उन्होंने भी घर की आर्थिक स्थिति सुधारने की ठानी लेकिन वे केवल आठवीं पास थीं।
उन्होंने 2014 में लक्ष्मी स्वयं सहायता समूह से जुड़कर आत्मनिर्भर बनने का सपना देखा। उन्होंने मायके में सिलाई कढ़ाई सीखी थी जो ससुराल में उनके काम आई। यहां उन्होंने स्वयं सहायता के माध्यम से एक मशीन खरीदी और बुटीक कार्य शुरू किया।
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उनका काम महिलाओं को पसंद आने लगा तो उनको ऑर्डर मिलने लगे। सपना ने 2021 में 10वीं जबकि 2022 में 12वीं कक्षा हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड से पास कर दूसरी महिलाओं के लिए उदाहरण पेश किया है। संवाद
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दिल्ली के कराला गांव निवासी सपना बताती हैं कि उनकी शादी वर्ष 2002 में मोरखेड़ी निवासी सुरेंद्र के साथ हुई। पति के पास सरकारी नौकरी नहीं थी तो उन्होंने भी घर की आर्थिक स्थिति सुधारने की ठानी लेकिन वे केवल आठवीं पास थीं।
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उन्होंने 2014 में लक्ष्मी स्वयं सहायता समूह से जुड़कर आत्मनिर्भर बनने का सपना देखा। उन्होंने मायके में सिलाई कढ़ाई सीखी थी जो ससुराल में उनके काम आई। यहां उन्होंने स्वयं सहायता के माध्यम से एक मशीन खरीदी और बुटीक कार्य शुरू किया।
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उनका काम महिलाओं को पसंद आने लगा तो उनको ऑर्डर मिलने लगे। सपना ने 2021 में 10वीं जबकि 2022 में 12वीं कक्षा हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड से पास कर दूसरी महिलाओं के लिए उदाहरण पेश किया है। संवाद