{"_id":"66eecf0af8ff3f875c073dbb","slug":"samples-of-paneer-khoya-and-samosa-taken-from-restaurants-and-hotels-rohtak-news-c-17-roh1020-509549-2024-09-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rohtak News: रेस्तरां और होटलों से पनीर, खोया और समोसा के नमूने लिए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rohtak News: रेस्तरां और होटलों से पनीर, खोया और समोसा के नमूने लिए
विज्ञापन
21सीटीके04.. दिल्ली बाईपास स्थित एक निजी रेस्तरां में शनिवार को खाद्य पदार्थों के सैंपल भरते
रोहतक। त्योहारी सीजन को लेकर खाद्य और औषधि विभाग सतर्क हो गया है। इसको लेकर विभाग की टीमें शहर के विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों पर जाकर नमूने एकत्रित करना शुरू कर दिया है। साथ ही साफ-सफाई का विशेष ध्यान देने की भी संचालकों को हिदायत दी जा रही है।
शनिवार को खाद्य और औषधि विभाग की टीम शहर के मालगोदाम रोड, रेलवे रोड और दिल्ली बाईपास स्थित दुकान, होटल और रेस्तरां में छह स्थानों से पनीर, खोया और समोसा का नमूने लिया।
त्योहारी मौसम में सक्रिय हो जाते हैं मिलावटखोर
त्योहारी मौसम में मिठाइयों की डिमांड अत्यधिक बढ़ जाती है। ज्यादातर मिठाइयां दूध से निर्मित होती हैं। ऐसे में डिमांड को पूरा करने के लिए बाजार में मिलावट खोर सक्रिय हो जाते हैं। नकली, खोया, पनीर, घी आदि में सबसे ज्यादा मिलावट की संभावना रहती है। मिलावट का सामान खाने पर फूड प्वाइजनिंग समेत कई पेट की बीमारियां होने का खतरा रहता है।
विज्ञापन
--
यह अभियान समय-समय पर चलाए जाते हैं। त्योहारों के समय खाद्य पदार्थों खासकर दूध से निर्मित चीजों में मिलावट की आशंका सबसे ज्यादा रहती है। इसी को लेकर विशेष अभियान चलाया गया है। संचालकों के रजिस्ट्रेशन और लाइसेंस की भी जांच की गई है। रजिस्ट्रेशन न होने की सूरत में एक लाख रुपये तक जुर्माना लगाया जा सकता है। इसके अलावा लाइसेंस न होने पर जुर्माना व सजा दोनों का प्रावधान है।
-डॉ. योगेश कादियान, खाद्य सुरक्षा अधिकारी, खाद्य एवं औषधि विभाग।
विज्ञापन
शनिवार को खाद्य और औषधि विभाग की टीम शहर के मालगोदाम रोड, रेलवे रोड और दिल्ली बाईपास स्थित दुकान, होटल और रेस्तरां में छह स्थानों से पनीर, खोया और समोसा का नमूने लिया।
विज्ञापन
त्योहारी मौसम में सक्रिय हो जाते हैं मिलावटखोर
त्योहारी मौसम में मिठाइयों की डिमांड अत्यधिक बढ़ जाती है। ज्यादातर मिठाइयां दूध से निर्मित होती हैं। ऐसे में डिमांड को पूरा करने के लिए बाजार में मिलावट खोर सक्रिय हो जाते हैं। नकली, खोया, पनीर, घी आदि में सबसे ज्यादा मिलावट की संभावना रहती है। मिलावट का सामान खाने पर फूड प्वाइजनिंग समेत कई पेट की बीमारियां होने का खतरा रहता है।
विज्ञापन
यह अभियान समय-समय पर चलाए जाते हैं। त्योहारों के समय खाद्य पदार्थों खासकर दूध से निर्मित चीजों में मिलावट की आशंका सबसे ज्यादा रहती है। इसी को लेकर विशेष अभियान चलाया गया है। संचालकों के रजिस्ट्रेशन और लाइसेंस की भी जांच की गई है। रजिस्ट्रेशन न होने की सूरत में एक लाख रुपये तक जुर्माना लगाया जा सकता है। इसके अलावा लाइसेंस न होने पर जुर्माना व सजा दोनों का प्रावधान है।
-डॉ. योगेश कादियान, खाद्य सुरक्षा अधिकारी, खाद्य एवं औषधि विभाग।