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Rohtak News: जलियांवाला बाग कांड के बलिदानियों को किया नमन
Tue, 16 Apr 2024 06:28 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Tue, 16 Apr 2024 06:28 AM IST
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वैश्य गर्ल्स कालेज में प्रदर्शनी लगाकर बलिदानियों को श्रद्धांजलि देती छात्राएं व स्टाफ।
बहादुरगढ़। शहर के वैश्य आर्य कन्या महाविद्यालय के यूथ रेडक्रास व रैड रिबन सैल की स्वयंसेविकाओं ने जलियांवाला बाग के बलिदानियों को प्रदर्शनी लगाकर श्रद्धांजलि देकर नमन किया।
महाविद्यालय की प्राचार्य डा. राजवंती शर्मा ने कहा कि 13 अप्रैल 1919 को जलियांवाला बाग हत्याकांड की यादें आज भी हमारे दिलों को दहला कर रख देती है। राष्ट्र को एक सूत्र में बांधने व देश की आजादी के लिए हजारों लोग इसी दिन जलियांवाला बाग में एकत्र हुए थे परंतु अंग्रेजों की बर्बरता का शिकार होते हुए लगभग 1500 लोगों ने अपने प्राणों की आहुति दे दी थी। हमारे पूर्वजों की देशभक्ति की भावना हम सभी के लिए सर्वोपरि तथा प्रेरणादायक है। उन्हीं के दिखाए गए मार्ग पर चलकर ही हम अपने भारत देश को अखंड, सुदृढ़ व सक्षम बनाने में अपना योगदान देना चाहिए। कार्यक्रम प्रभारी डा. नेहा नैन ने बताया कि यूथ रेडक्रास व रैड रिबन सैल की स्वयंसेविकाओं ने जलियांवाला बाग हत्याकांड से संबंधित व उस नरसंहार की यादों को समर्पित तस्वीरों की प्रर्दशनी लगाई तथा महाविद्यालय की अन्य छात्राओं को जलियांवाला बाग हत्याकांड की घटना के बारे में विस्तार से बताया। छात्राओं ने बताया कि यह हत्याकांड इतिहास सबसे बड़ा नरसंहार रहा तथा भारत के स्वतंत्रता आंदोलन को उग्र रूप देने में इसकी बहुत बड़ी भूमिका रही। इस प्रर्दशनी के माध्यम से स्वयंसेविकाओं ने भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव व हजारों की संख्या में बलिदान हुए लोगों को याद करके सच्ची श्रद्धांजलि दी।
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महाविद्यालय की प्राचार्य डा. राजवंती शर्मा ने कहा कि 13 अप्रैल 1919 को जलियांवाला बाग हत्याकांड की यादें आज भी हमारे दिलों को दहला कर रख देती है। राष्ट्र को एक सूत्र में बांधने व देश की आजादी के लिए हजारों लोग इसी दिन जलियांवाला बाग में एकत्र हुए थे परंतु अंग्रेजों की बर्बरता का शिकार होते हुए लगभग 1500 लोगों ने अपने प्राणों की आहुति दे दी थी। हमारे पूर्वजों की देशभक्ति की भावना हम सभी के लिए सर्वोपरि तथा प्रेरणादायक है। उन्हीं के दिखाए गए मार्ग पर चलकर ही हम अपने भारत देश को अखंड, सुदृढ़ व सक्षम बनाने में अपना योगदान देना चाहिए। कार्यक्रम प्रभारी डा. नेहा नैन ने बताया कि यूथ रेडक्रास व रैड रिबन सैल की स्वयंसेविकाओं ने जलियांवाला बाग हत्याकांड से संबंधित व उस नरसंहार की यादों को समर्पित तस्वीरों की प्रर्दशनी लगाई तथा महाविद्यालय की अन्य छात्राओं को जलियांवाला बाग हत्याकांड की घटना के बारे में विस्तार से बताया। छात्राओं ने बताया कि यह हत्याकांड इतिहास सबसे बड़ा नरसंहार रहा तथा भारत के स्वतंत्रता आंदोलन को उग्र रूप देने में इसकी बहुत बड़ी भूमिका रही। इस प्रर्दशनी के माध्यम से स्वयंसेविकाओं ने भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव व हजारों की संख्या में बलिदान हुए लोगों को याद करके सच्ची श्रद्धांजलि दी।
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