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Rohtak News: रोहतक की बेटी डॉ. अभिलाषा को यंग साइंटिस्ट एक्सीलेंस अवॉर्ड
Wed, 24 Dec 2025 02:40 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Wed, 24 Dec 2025 02:40 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
रोहतक। भारतीय रेशम उद्योग में नवाचार, शोध और तकनीकी प्रगति को नई दिशा देने वाली रोहतक की बेटी डॉ. अभिलाषा को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यंग साइंटिस्ट एक्सीलेंस अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान उन्हें एग्री टेक्नोवा 2025 इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस के अंतर्गत आयोजित अकादमिक एक्सीलेंस अवॉर्ड्स 2025 में टेक्सटाइल इंजीनियरिंग डोमेन में उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रदान किया गया। यह पुरस्कार 19 दिसंबर को तमिलनाडु के मदुरै स्थित थियागराजर कॉलेज में आयोजित समारोह के दौरान दिया गया।
डॉ. अभिलाषा वर्ष 2018 से बंगलूरू स्थित केंद्रीय रेशम बोर्ड में कार्यरत हैं और भारतीय रेशम उद्योग के हित में अनुसंधान, नवाचार व उद्योगोन्मुख वैज्ञानिक कार्यों से लगातार जुड़ी हुई हैं। उन्होंने मेहनत, दृढ़ इच्छाशक्ति और समर्पण को हमेशा जीवन का आधार बनाया। वह अपनी उपलब्धि का श्रेय पिता जंग बहादुर रांगी और माता इंदु को देती हैं।
भगवद्गीता के श्लोक कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन में गहन आस्था रखने वाली डॉ. अभिलाषा का कहना है कि निरंतर प्रयास, ईमानदार परिश्रम और समर्पण से हर सपने को साकार किया जा सकता है।
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रोहतक। भारतीय रेशम उद्योग में नवाचार, शोध और तकनीकी प्रगति को नई दिशा देने वाली रोहतक की बेटी डॉ. अभिलाषा को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यंग साइंटिस्ट एक्सीलेंस अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान उन्हें एग्री टेक्नोवा 2025 इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस के अंतर्गत आयोजित अकादमिक एक्सीलेंस अवॉर्ड्स 2025 में टेक्सटाइल इंजीनियरिंग डोमेन में उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रदान किया गया। यह पुरस्कार 19 दिसंबर को तमिलनाडु के मदुरै स्थित थियागराजर कॉलेज में आयोजित समारोह के दौरान दिया गया।
डॉ. अभिलाषा वर्ष 2018 से बंगलूरू स्थित केंद्रीय रेशम बोर्ड में कार्यरत हैं और भारतीय रेशम उद्योग के हित में अनुसंधान, नवाचार व उद्योगोन्मुख वैज्ञानिक कार्यों से लगातार जुड़ी हुई हैं। उन्होंने मेहनत, दृढ़ इच्छाशक्ति और समर्पण को हमेशा जीवन का आधार बनाया। वह अपनी उपलब्धि का श्रेय पिता जंग बहादुर रांगी और माता इंदु को देती हैं।
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भगवद्गीता के श्लोक कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन में गहन आस्था रखने वाली डॉ. अभिलाषा का कहना है कि निरंतर प्रयास, ईमानदार परिश्रम और समर्पण से हर सपने को साकार किया जा सकता है।
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