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रोहतक के सांसद डा. अरविंद शर्मा ने संसद में अहीरवाल रेजीमेंट के गठन की मांग रखी
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सांसद अरविंद शर्मा ।
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रोहतक। लोकसभा में वीरवार को रोहतक के सांसद डॉ. अरविंद शर्मा ने अहीरवाल रेजिमेंट के गठन की मांग उठाई। उन्होंने 1962 की लड़ाई में शहीद हुए हरियाणा के जवानों का जिक्र करते हुए युद्ध में एक साथ रहे कैप्टन आशाराम व हवलदार भयराम की इच्छा के अनुसार सेना में अहीरवाल रेजीमेंट बनाने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने रक्षा मंत्री से चीन के युद्ध में 120 जवानों के शहीद होने की बात कही।
सांसद ने कहा कि इस युद्ध के गवाह रहे कैप्टन आशाराम व हवलदार भयराम की इच्छा है कि जब वह स्वर्ग में जाएं तो शहीदों से यह कह सकें कि भारतीय सेना में अहीरवाल रेजीमेंट का गठन हो गया है। उन्होंने कहा कि सबको पता है कि अर्द्ध सैनिक बलों व सेना में हरियाणा के लोगों ने एक मिसाल कायम की हुई है। उन्होंने कहा कि अब तक सेना में कुल 93 रेजीमेंट के जवानों ने देश को सुरक्षित हाथों में रखा है। हरियाणा वीरों की भूमि है। हरियाणा का दक्षिणी छोर अहीरवाल के नाम से जाना जाता है। 1962 में 18 नवंबर को हुए हमले में रेजांगला पोस्ट पर 110 जवान शहीद हुए थे। 1962, 1965, 1971 व 1999 के युद्धों में यहां के लोगों ने बहादुरी का परिचय देकर इतिहास में हरियाणा अहीरवाल का नाम रोशन किया है। सांसद ने कहा कि भारत चीन के बीच हुए युद्ध में सबसे अधिक अहीरवाल क्षेत्र से सैनिकों ने शहादत दी थी, जिसे भुलाया नहीं जा सकता है। पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा अहीरवाल रेजिमेंट का गठन पुरानी मांग है, जिसे संसद में उठाया गया है।
अहीरवाल क्षेत्र के सबसे अधिक जवान सेना में
भाजपा सांसद डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि आज भी अहीरवाल क्षेत्र के ज्यादा से ज्यादा नौजवान देश की सेना व अर्द्धसैनिक बलों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं और देश की रक्षा के 24 घंटे तत्पर हैं। ऐसे वीर सैनिकों के हाथों में आज हमारा देश सुरक्षित है। उन्होंने बताया कि इस बारे में वह रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से भी मुलाकात करेंगे।
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सांसद ने कहा कि इस युद्ध के गवाह रहे कैप्टन आशाराम व हवलदार भयराम की इच्छा है कि जब वह स्वर्ग में जाएं तो शहीदों से यह कह सकें कि भारतीय सेना में अहीरवाल रेजीमेंट का गठन हो गया है। उन्होंने कहा कि सबको पता है कि अर्द्ध सैनिक बलों व सेना में हरियाणा के लोगों ने एक मिसाल कायम की हुई है। उन्होंने कहा कि अब तक सेना में कुल 93 रेजीमेंट के जवानों ने देश को सुरक्षित हाथों में रखा है। हरियाणा वीरों की भूमि है। हरियाणा का दक्षिणी छोर अहीरवाल के नाम से जाना जाता है। 1962 में 18 नवंबर को हुए हमले में रेजांगला पोस्ट पर 110 जवान शहीद हुए थे। 1962, 1965, 1971 व 1999 के युद्धों में यहां के लोगों ने बहादुरी का परिचय देकर इतिहास में हरियाणा अहीरवाल का नाम रोशन किया है। सांसद ने कहा कि भारत चीन के बीच हुए युद्ध में सबसे अधिक अहीरवाल क्षेत्र से सैनिकों ने शहादत दी थी, जिसे भुलाया नहीं जा सकता है। पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा अहीरवाल रेजिमेंट का गठन पुरानी मांग है, जिसे संसद में उठाया गया है।
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अहीरवाल क्षेत्र के सबसे अधिक जवान सेना में
भाजपा सांसद डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि आज भी अहीरवाल क्षेत्र के ज्यादा से ज्यादा नौजवान देश की सेना व अर्द्धसैनिक बलों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं और देश की रक्षा के 24 घंटे तत्पर हैं। ऐसे वीर सैनिकों के हाथों में आज हमारा देश सुरक्षित है। उन्होंने बताया कि इस बारे में वह रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से भी मुलाकात करेंगे।
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