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जसिया में पहुंचे सीएम के ओएसडी, नहीं बनीं बात
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Thu, 16 Jun 2016 02:15 AM IST
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जसिया में जाट आरक्षण के लिए धरना दे रहे जाटों के बीच पहुंचे सीएम के ओएसडी कैप्टन भूपेंद्र
- फोटो : amar ujala
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जसिया में चल रहे जाट समाज के धरने को खत्म कराने के लिए सरकार ने भी पहल कर दी है। बुधवार शाम मुख्यमंत्री के ओएसडी रिटायर कैप्टन भूपेंद्र सिंह दयाल धरनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि सरकार जाटों की हर मांग मानने को तैयार है, लेकिन कुछ कानूनी प्रक्रिया आड़े आ रही है। काफी देर तक चली बातचीत के बाद भी ओएसडी धरना खत्म कराने के लिए जाटों को राजी नहीं कर सके। जाटों ने दो टूक कहा कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होगी धरना खत्म नहीं किया जाएगा। ओएसडी ने मंच से जाट नेताओं को 17 जून को चंडीगढ़ में सरकार से बातचीत करने का निमंत्रण भी दिया। जाट नेता बात करने जाएंगे कि नहीं इस पर उन्होंने कुछ स्पष्ट नहीं किया।
जसिया चौक पर पांच जून से चल रहे धरने पर देर शाम ओएसडी कैप्टन भूपेंद्र सिंह पहुंचे। उन्होंने कमेटी के पदाधिकारियों से वार्ता की और धरना खत्म करने की अपील की। कुछ देर बाद वह मंच पर पहुंच गए। उन्होंने मंच से घोषणा करते हुए कहा कि सरकार जाटों की हर जायज मांग मानने को तैयार है। जाट आरक्षण पर हाईकोर्ट में चल रहे मामले पर उन्होंने कहा कि सरकार की तरफ से ठोस पैरवी की जा रही है। जाट समाज जब चाहे सरकार की तरफ से किए गए वकील से बात कर सकता है या अपने अधिवक्ता के माध्यम से हाईकोर्ट में जानकारी ले सकते हैं। जाट आरक्षण पर 17 जून को अगली सुनवाई होनी है। इस दिन सरकार के वकील कोई कसर बाकी नहीं छोड़ेंगे। ओएसडीएी ने मंच से धरना खत्म करने की अपील की, लेकिन धरनारत लोगों ने साफ मना कर दिया। उन्होंने कहा कि पहले मांग पूरी होगी, उसके बाद धरना खत्म होगा।
तो हावभाव देखने पहुंचे थे ओएसडी
मुख्यमंत्री के ओएसडी ने धरनारत लोगों को समझाने का पूरा प्रयास किया। यहां तक उनसे कई बार अपील भी की। धरना खत्म कराने को लेकर उनके प्रयास को देखकर लग रहा था कि जसिया के धरने को लेकर सरकार के भी पसीने छूट रहे हैं। चर्चा तो यह भी है कि मुख्यमंत्री के ओएसडी जाटों का हावभाव जानने के लिए धरनास्थल पर पहुंचे थे।
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समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष का निर्णय सर्वमान्य
अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के जिला अध्यक्ष अशोक बल्हारा ने बताया कि सरकार वार्ता के लिए खाप चौधरियों को बुलाती है। जबकि उसे समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक से वार्ता करनी चाहिए। उसके बाद ही मामले का कहल निकलेगा।
ओएसडी ने धरने पर खाया खाना
मुख्यमंत्री के ओएसडी काफी देर तक धरनास्थल पर बैठे रहे। इस दौरान उन्होंने चाय पी और वहीं बैठकर खाना भी खाया। उनकी इस सादगी की सभी ने प्रशंसा की।
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जसिया चौक पर पांच जून से चल रहे धरने पर देर शाम ओएसडी कैप्टन भूपेंद्र सिंह पहुंचे। उन्होंने कमेटी के पदाधिकारियों से वार्ता की और धरना खत्म करने की अपील की। कुछ देर बाद वह मंच पर पहुंच गए। उन्होंने मंच से घोषणा करते हुए कहा कि सरकार जाटों की हर जायज मांग मानने को तैयार है। जाट आरक्षण पर हाईकोर्ट में चल रहे मामले पर उन्होंने कहा कि सरकार की तरफ से ठोस पैरवी की जा रही है। जाट समाज जब चाहे सरकार की तरफ से किए गए वकील से बात कर सकता है या अपने अधिवक्ता के माध्यम से हाईकोर्ट में जानकारी ले सकते हैं। जाट आरक्षण पर 17 जून को अगली सुनवाई होनी है। इस दिन सरकार के वकील कोई कसर बाकी नहीं छोड़ेंगे। ओएसडीएी ने मंच से धरना खत्म करने की अपील की, लेकिन धरनारत लोगों ने साफ मना कर दिया। उन्होंने कहा कि पहले मांग पूरी होगी, उसके बाद धरना खत्म होगा।
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तो हावभाव देखने पहुंचे थे ओएसडी
मुख्यमंत्री के ओएसडी ने धरनारत लोगों को समझाने का पूरा प्रयास किया। यहां तक उनसे कई बार अपील भी की। धरना खत्म कराने को लेकर उनके प्रयास को देखकर लग रहा था कि जसिया के धरने को लेकर सरकार के भी पसीने छूट रहे हैं। चर्चा तो यह भी है कि मुख्यमंत्री के ओएसडी जाटों का हावभाव जानने के लिए धरनास्थल पर पहुंचे थे।
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समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष का निर्णय सर्वमान्य
अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के जिला अध्यक्ष अशोक बल्हारा ने बताया कि सरकार वार्ता के लिए खाप चौधरियों को बुलाती है। जबकि उसे समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक से वार्ता करनी चाहिए। उसके बाद ही मामले का कहल निकलेगा।
ओएसडी ने धरने पर खाया खाना
मुख्यमंत्री के ओएसडी काफी देर तक धरनास्थल पर बैठे रहे। इस दौरान उन्होंने चाय पी और वहीं बैठकर खाना भी खाया। उनकी इस सादगी की सभी ने प्रशंसा की।