{"_id":"58754e484f1c1b922bba7fd8","slug":"roadways-yamdoot-eye-side-weak-expert-comment-health-camp-rohtak-roadways-bus","type":"story","status":"publish","title_hn":"रोडवेज के ‘यमदूत’","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रोडवेज के ‘यमदूत’
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Wed, 11 Jan 2017 02:42 AM IST
विज्ञापन
हरियाणा रोडवेज के कई चालकों को दूर दृष्टि दोष, कई चालकों को चश्मा
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अगर आप हरियाणा रोडवेज की बसों में सफर कर रहे हैं तो जरा ठहर जाइए और इस खबर को ध्यान से पढ़ें। हो सकता है जिस बस से आप जा रहे हो उसके चालक को दूर की चीजें दिखाई न देतीं हों। आंखों की रोशनी कम होने के बावजूद उसने चश्मा न लगाया हो। अगर ऐसा है तो आपकी जान को खतरा हो सकता है। यह बिल्कुल सच है और इसकी पुष्टि स्वास्थ्य विभाग के नेत्र रोग विशेषज्ञ कर रहे हैं। इसकी रिपोर्ट भी वीरवार को रोडवेज के जीएम को सौंप दी जाएगी।
ट्रांसपोर्ट कमिश्नर के निर्देश पर हरियाणा रोडवेज में स्वास्थ्य विभाग की ओर से 10 और 11 जनवरी को चालकों और परिचालकों के लिए नेत्र जांच शिविर लगवाया गया। रोहतक डिपो में 295 चालक और 350 परिचालक हैं। मंगलवार को लगे शिविर में मेडिकल टीम के डॉ. दिनेश शर्मा, नीरज दुआ और संजीव राठी ने बताया कि चालकों और परिचालकों में दृष्टि दोष और कलर ब्लाइंडनेस पाया गया है। उन्होंने बताया कि कुछ चालकों को सामान्य दूरी से कम दूरी में भी साफ नहीं दिखाई देता है। यही नहीं कर्मचारियों की लापरवाही का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि दोपहर दो बजे तक सिर्फ 38 कर्मचारी ही जांच करवाने पहुंचे। इसमें से आठ ऐसे कर्मचारी मिले जिनमें दूर दृष्टि दोष पाया गया। अब टीम बुधवार को भी नेत्रों की जांच करेगी।
रोडवेज अधिकारी भी बेपरवाह
जांच टीम की मानें तो कई कर्मचारियों को दृष्टि संबंधी चश्मा लगा है, लेकिन वे उसका प्रयोग ही नहीं करते। ऐेसे में दुर्घटना की संभावना बनी रहेगी। वहीं इस संबंध में हरियाणा रोडवेज की ओर से कहीं पर न तो नोटिस लगाया गया है और न ही निर्देश देकर कोई कार्रवाई की जा रही है। मेडिकल टीम ने बताया कि इसकी रिपोर्ट रोडवेज अधिकारियों और विभाग के अलावा ट्रांसपोर्ट कमिश्नर को भेजी जाएगी। साथ ही इन चालकों और परिचालकों को अस्पताल में इलाज के लिए बुलाया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
ट्रांसपोर्ट कमिश्नर के निर्देश पर हरियाणा रोडवेज में स्वास्थ्य विभाग की ओर से 10 और 11 जनवरी को चालकों और परिचालकों के लिए नेत्र जांच शिविर लगवाया गया। रोहतक डिपो में 295 चालक और 350 परिचालक हैं। मंगलवार को लगे शिविर में मेडिकल टीम के डॉ. दिनेश शर्मा, नीरज दुआ और संजीव राठी ने बताया कि चालकों और परिचालकों में दृष्टि दोष और कलर ब्लाइंडनेस पाया गया है। उन्होंने बताया कि कुछ चालकों को सामान्य दूरी से कम दूरी में भी साफ नहीं दिखाई देता है। यही नहीं कर्मचारियों की लापरवाही का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि दोपहर दो बजे तक सिर्फ 38 कर्मचारी ही जांच करवाने पहुंचे। इसमें से आठ ऐसे कर्मचारी मिले जिनमें दूर दृष्टि दोष पाया गया। अब टीम बुधवार को भी नेत्रों की जांच करेगी।
विज्ञापन
रोडवेज अधिकारी भी बेपरवाह
जांच टीम की मानें तो कई कर्मचारियों को दृष्टि संबंधी चश्मा लगा है, लेकिन वे उसका प्रयोग ही नहीं करते। ऐेसे में दुर्घटना की संभावना बनी रहेगी। वहीं इस संबंध में हरियाणा रोडवेज की ओर से कहीं पर न तो नोटिस लगाया गया है और न ही निर्देश देकर कोई कार्रवाई की जा रही है। मेडिकल टीम ने बताया कि इसकी रिपोर्ट रोडवेज अधिकारियों और विभाग के अलावा ट्रांसपोर्ट कमिश्नर को भेजी जाएगी। साथ ही इन चालकों और परिचालकों को अस्पताल में इलाज के लिए बुलाया जाएगा।
विज्ञापन